Indiknow, रोहतक। हरियाणा उधोग व्यापार हित मण्डल के प्रदेश प्रवक्ता ललित मोहन सैनी की अध्यक्षता में आयोजित कार्यक्रम में व्यापरियों ने लाला लाजपतराय को उनकी जंयती पर याद कर उन्हें नमन किया । गोहाना अड्डा स्थित उनकी प्रतिमा पर व्यापार मण्डल ने पुष्पाजर्लि अर्पित कर उनके दिखाये मार्ग पर चलने का प्रण लिया । सिविल रोड़ टेडर्स यूनियन के प्रधान सूरज रसवंत ने कहा कि लाला लाजपतराय राष्ट्, समाज एवं शिक्षा उत्थान को समर्पित थे । भारतीयों को आजादी में खुली सांस लेने के लिए सबसे पहले आजादी की मांग करने वाले लाला लाजपतराय ने अपनी शहादत देकर आजादी की नींव रखी थी । उन्होने युवाओं से आहवान किया कि वह महान शखसियतों से प्ररेणा लेते हुए अपने सामाजिक दायित्व का निवर्हन करें । व्यापार मंडल के प्रदेश प्रवक्ता ललित मोहन सैनी ने कहा कि लालाजी ने बाल गंगाधर तिलक, विपिन चन्द्रपाल के साथ मिलकर भारत में सर्वप्रथम पूर्ण स्वतंत्रता की मांग की थी , जिसके बाद समूचा देश उनके साथ हो गया था । ललित मोहन सैनी ने बताया कि रोहतक उनकी कर्मभूमि रही, जिसके लिये हम सब रोहतकवासियों को उन पर गर्व हैं । लालाजी का नाम सुनकर कांप उठते थे अंग्रेज । लालालाजपतराय ने जलियांवाला बाग नरसंहार के खिलाफ विरोध प्रर्दशन व असहयोग आंदोलन का नेतृत्व किया । राष्ट् के साथ-साथ समाज और शिक्षा हित में बड़े कदम उठाए । अकाल के समय में विभिन्न क्षेत्रों में सेवा करके उन्होने समाज में सहयोग की एक मिसाल कायम की थी । वर्तमान युग में युवाओं को चाहिए कि वह राष्ट् को बाहरी एवं अंदरूनी तौर पर मजबूत बनाने तथा असामाजिक ताकतों को रोकने में अपनी अहम जिम्मेदारी निभाएं । लाला लाजपतराय ने राष्ट् आजादी के यज्ञ में अपने प्राणों की आहूति देकर आजादी का मार्ग प्रशस्त किया था । इस अवसर पर व्यापार मंडल के प्रदेश प्रवक्ता ललित मोहन सैनी, व्यापारी नेता गगन वधवा, सुनील बल्ली दीपक सैनी, गुलशन चावला, राजकुमार, दीपक सहगल, राजू नांरग, राजकुमार वर्मा, श्याम हिंदुस्तानी, लक्की आहुजा, राजेश कौशिक, नरेश कुमार, नीरज शर्मा इत्यादि उपस्थित रहें ।
Indiknow, रोहतक। पंडित भगवत दयाल शर्मा स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय (यूएचएसआर) के दो फैकल्टी सदस्यों ने मेडिकल एजुकेशन में एक नई उपलब्धि हासिल की है। डॉ आरती और डॉ कमल ने श्री बालाजी विद्यापीठ, पांडिचेरी से एमएचपीई (मास्टर्स इन हेल्थ प्रोफेशनल्स एजुकेशन) का 2 वर्षीय कोर्स सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है। गौरतलब है कि यह दोनों फैकल्टी सदस्य यूएचएसआर के पहले सदस्य हैं जिन्होंने मेडिकल एजुकेशन में यह कोर्स किया है। डॉ आरती और डॉ कमल ने बताया कि इस कोर्स को पूरा करने के बाद उन्हें मेडिकल एजुकेशन में नई तकनीकों और पद्धतियों के बारे में जानने का अवसर मिला है। उन्होंने कहा कि यह कोर्स उनके लिए बहुत उपयोगी साबित होगा और वे इसे अपने शिक्षण और अनुसंधान में लागू करेंगे। पंडित भगवत दयाल शर्मा स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ एच के अग्रवाल व निदेशक डॉ एसके सिंघल ने भी डॉ आरती और डॉ कमल को उनकी इस उपलब्धि पर बधाई दी है। विश्वविद्यालय के अधिकारियों का कहना है कि यह उपलब्धि यूएचएसआर के लिए गर्व की बात है और वे इस तरह की और उपलब्धियों की उम्मीद करते हैं। डॉ एच के अग्रवाल ने कहा कि...

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