Indiknow, रोहतक। ऑपरेशन के बाद होने वाले दर्द को लेकर मरीजों की चिंता अब कम होने वाली है। पीजीआईएमएस में आधुनिक रीजनल एनेस्थीसिया तकनीक से सर्जरी को अधिक सुरक्षित और दर्द-मुक्त बनाया जा रहा है। नर्व ब्लॉक के माध्यम से ऑपरेशन के बाद लंबे समय तक दर्द से राहत मिलती है और बार-बार इंजेक्शन लगाने की जरूरत नहीं पड़ती। यह कहना है पीजीआईएमएस के एनेस्थीसियोलॉजी विभाग की प्रोफेसर डाॅ. जतिन लाल का। उन्होंने यह जानकारी एनेस्थिसियोलॉजी विभाग में चल रही तीन दिवसीय कांफ्रेंस के पहले दिन आयोजित वर्कशाप में उपस्थित प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए दी।
डाॅ. जतिन लाल ने डॉक्टरों को अल्ट्रासाउंड की मदद से नर्व ब्लॉक देने की प्रक्रिया की जानकारी देते हुए कहा कि एनेस्थिसियोलॉजिस्ट नर्व ब्लॉक कर रहे हों या आपातकालीन सर्जरी की तैयारी कर रहे हों, उन्हें अपने मरीजों के अंदर होने वाली हर गतिविधि की स्पष्ट और विस्तृत छवि की आवश्यकता होती है, यही कारण है कि दुनिया भर के अस्पतालों में एनेस्थीसिया के लिए अल्ट्रासाउंड तेजी से एक सामान्य मानक उपचार बनता जा रहा है। डाॅ. टीना बंसल ने कहा कि अल्ट्रासाउंड से नर्व ब्लॉक करने में सटीकता बहुत ज्यादा बढ़ जाती है। डॉ टीना बंसल ने बताया कि ब्लॉक के फायदे बहुत ही अधिक होते हैं। यह दर्द को कम करने में बहुत ही प्रभावी होता है और मरीजों को जल्द से जल्द राहत प्रदान करता है। उन्होंने बताया कि ब्लॉक लगाने से मरीजों को काफी राहत मिलती है जैसे कि क्रोनिक दर्द कम होना, आराम मिलना, और जल्द से जल्द ठीक होना। उन्होंने बताया कि इस वर्कशॉप में चेस्ट वॉल ब्लॉक और पैराट्रीबल ब्लॉक के बारे में भी विस्तार से बताया गया। डाॅ. टीना ने कहा कि सामान्य तौर पर बेहतर दर्द प्रबंधन न सिर्फ शारीरिक आराम देता है बल्कि मरीज के मानसिक स्वास्थ्य और रिकवरी प्रक्रिया को भी सकारात्मक रूप से प्रभावित करता है। डॉ टीना बंसल ने बताया कि चेस्ट वॉल ब्लॉक एक ऐसी तकनीक है जिसमें दर्द को कम करने के लिए ब्लॉक लगाया जाता है और यह काफी प्रभावी होता है।

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