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मात्र 10 मिनट में होगी दांतों की 3 डी इमेज तैयार, पीजीआई मेँ लगाई मशीन



Indiknow, रोहतक। अब नए दांत लगवाने के लिए बार-बार डेंटल सर्जन के चक्कर काटने की जरूरत नहीं पड़ेगी और न ही दांत का नाप लेने के लिए जब सर्जन को केमिकल का इस्तेमाल करने की जरूरत पड़ेगी। मरीज का समय भी बचेगा और केमिकल के इस्तेमाल से आने वाली उबकाई व उल्टियों से भी बचा जा सकेगा। अब पीजीआईडीएस में नई विश्व स्तरीय मशीन आने से दांतों के मरीजों को ऐसी समस्या नहीं होगी। पंडित भगवत दयाल शर्मा स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय, रोहतक के कुलपति प्रोफेसर डाॅ. एच.के. अग्रवाल, पोस्ट ग्रेजुएट इंस्टीट्यूट ऑफ डेंटल साइंसेज (पीजीआईडीएस) में आई कई अत्याधुनिक आधुनिक सुविधाओं का शुभारंभ करने पहुंचे। कुलपति डाॅ.एच.के. अग्रवाल ने कहा कि संस्थान मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी, स्वास्थ्य मंत्री कुमारी आरती राव के मार्गदर्शन में नित नए आयाम स्थापित कर रहा है और मरीजों को अत्याधुनिक सुविधाएं उपलब्ध करा रहा है। 

डाॅ. अग्रवाल ने बताया कि आज पीजीआईडीएस में करीब 42 लाख रुपए की लागत से खरीदी गई विभिन्न प्रकार की 11 मशीनों का रिबन काटकर शुभारंभ करते हुए उन्हें आम जनता की सेवा के लिए शुरू किया गया है। डाॅ. अग्रवाल ने कहा कि अल्ट्रा मार्डन इंट्रा ओरल स्कैनर 3 डी मशीन दंत चिकित्सा सेवाओं में नई ऊंचाइयों का आगाज होगा क्योंकि यह मशीन उत्तर भारत के सिर्फ चुनिंदा अस्पताल में ही उपलब्ध है। उन्होंने बताया कि मशीन से सिर्फ 10 मिनट के अंदर मरीज के सारे जबड़े की 3 डी इमेज आ जाएगी जिससे क्रांउन कटिंग की जरूरत नहीं पड़ेगी और मरीज को बार-बार अस्पताल के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे और इस इमेज को सीधे लैब में भेजकर मरीज के दांत बनकर आ जाएंगे। 

कुलसचिव डाॅ. रूपसिंह ने बताया कि अल्ट्रा मॉडर्न स्टेरलाइजेशन रूम का उद्घाटन किया गया जिसमें 7 फास्ट टेबल टॉप ऑटोक्लेव शामिल हैं, जो पूर्णतः स्वचालित हैं और प्रत्येक की कीमत 4.5 लाख रुपये है। कुल लागत 31.5 लाख रुपये है। यह कमरा उपकरणों की निर्जंतुकीकरण प्रक्रिया को अत्यधिक तेज और सुरक्षित बनाता है। निदेशक डाॅ.एस.के. सिंघल ने बताया कि तीन आरवीजी मशीनों का भी उद्घाटन किया गया जोकि ये अंडर ग्रेजुएट क्लीनिक के लिए डिजाइन की गई हैं और एक्स-रे में 80 प्रतिशत कम विकिरण खुराक के साथ तेज परिणाम देती हैं। प्रत्येक मशीन की कीमत 86,500 रुपये है, कुल लागत 2,59,500 रुपये है। प्राचार्य डाॅ. संजय तिवारी ने बताया कि अल्ट्रा माडर्न इंट्रा ओरल स्कैनर उपकरण 3डी प्रिंटिंग और 3डी स्कैनिंग की सुविधा प्रदान करता है, जिससे दंत छापों को डिजिटल प्रारूप में परिवर्तित किया जा सकता है। इसकी कीमत 7.5 लाख रुपये है। इससे परंपरागत दंत छापों की आवश्यकता समाप्त हो जाती है और उपचार प्रक्रिया तेज एवं सटीक हो जाती है। डाॅ. तिवारी ने कहा कि कुलपति डाॅ.एच.के. अग्रवाल ने आज प्रदेश की जनता को बहुत बडी सौगात प्रदान की है, जिसके लिए वें सभी का तहे दिल से धन्यवाद व्यक्त करते हैं। चिकित्सा अधीक्षक डाॅ. कुंदन मित्तल ने बताया कि पहले जहां उपकरणों को स्टेरलाइज करने में 1 से 2 घंटे लग जाते थे वहीं अब 20 मिनट में उपकरणों को इंफैक्शन मुक्त किया जा सकेगा। इस अवसर पर डीन डाॅ.  अशोक चौहान, चिकित्सा अधीक्षक डाॅ. कुंदन मित्तल, डाॅ. विवेक मलिक, डाॅ. राकेश शर्मा, डाॅ. मंजूनाथ, डाॅ. शिखा तिवारी, डाॅ. अमरीश, डाॅ. आदर्श सहित समस्त डेंटल कॉलेज की फैकल्टी उपस्थित रही।


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