Indiknow, रोहतक। पंडित भगवत दयाल शर्मा स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय के लेक्चर थियेटर वन में शनिवार को सेवानिवृत्त हुए पूर्व कम्युनिटी मेडिसिन विभाग का अध्यक्ष डॉ बीएम वशिष्ठ व ऐच्छिक सेवानिवृत्ति लेने वाले हड्डी रोग विभाग के प्रोफेसर डॉ कृष्णा को टीचर वेलफेयर एसोसिएशन की तरफ से विदाई पार्टी दी गई। कुलपति डॉ एच के अग्रवाल नेे टीचर वेलफेयर एसोसिएशन की तरफ से डॉ बीएम वशिष्ठ व डॉक्टर कृष्णा को स्मृति चिन्ह भेंट किया। मंच का संचालन डॉ. सुधीर अत्री ने किया। इस अवसर पर सेवानिवृत्त कर्मचारियों को संबोधित करते हुए कुलपति डॉ एच के अग्रवाल ने कहा कि वें दोनों चिकित्सकों के उज्जवल भविष्य की कामना करते हैं। उन्होंने कहा कि अस्पताल में नौकरी करने के चलते कर्मचारी परिवार को बहुत कम समय दे पाए होंगे, ऐसे में सेवानिवृत्ति के बाद परिवार के साथ ज्यादा समय व्यतीत कर सकते हैं। डाॅ. अग्रवाल ने कहा कि इंसान के बदले दूसरा इंसान जगह ले सकता है लेकिन अनुभव की कोई रिपलेसमेंट नहीं होती। अनुभव बहुत बडी चीज होती है। कुलसचिव डॉक्टर रूप सिंह ने कहा कि चिकित्सा जगत में काफी चुनौतियां आती हैं, ऐसे में अनुभव आपके काफी काम आता है।
निदेशक डॉ एस के सिंघल ने कहा कि संस्थान सेवानिवृत हुए चिकित्सकों के साथ हमेशा खड़ा है, उन्हें कभी भी कोई परेशानी आती है तो वें उनसे निसंकोच आकर मिल सकते हैं। डाॅ. सिंघल ने कहा कि दोनों ही चिकित्सक बहुत ही विनम्र स्वभाव के हैं और जमीन से जुड़े हुए है और इन्होंने संपूर्ण जीवन मरीजों की सेवा में लगाया है। उन्होंने दोनों चिकित्सकों के लिए भगवान से उनके अच्छे स्वास्थ्य की कामना की। डाॅ. बी एम वशिष्ठ ने कहा कि वें आज काफी संतुष्ट हैं क्योंकि उन्होंने मरीजों की सेवा करने का जो बीड़ा उठाया था, वें उसमें कामयाब हुए और उन्होंने पिछले कई सालों से फरीदाबाद के निदेशक पद पर आम जनता की सेवा के लिए भरपूर प्रयास किया। उन्होंने कहा कि वें अपने परिजनों के संस्कार और साहस से आज इस मुकाम तक पहुंचे थे। डाॅ. बीएम वशिष्ठ ने कहा कि उनकी पत्नी डाॅ. हमेशा एक स्तंभ की तरह उनके साथ खड़ी रही और उनका हौसला बढाया।
डाॅ. कृष्णा ने कहा कि यहां अपने सहयोगियों व मरीजों से मिले प्यार को कभी नहीं भूला पाएंगी। जनसंपर्क विभाग के इंचार्ज डॉक्टर वरुण अरोड़ा ने डॉक्टर वशिष्ठ के जीवन पर प्रकाश डाला, वहीं डॉक्टर उमेश यादव ने डॉक्टर कृष्णा के कार्यकाल की विस्तार से जानकारी साझा की। डॉ. सुधीर अत्री नेे कहा कि दोनों ही चिकित्सकों ने बड़ी ही लग्न, मेहनत और निष्ठा से नौकरी की है। डॉ. अजय श्योराण ने कहा कि दोनों चिकित्सकों ने एक बहुत अच्छे साथी की तरह उनके साथ कार्य किया है। इस अवसर पर सैकड़ों चिकित्सक उपस्थित रहे। इस अवसर पर कुलसचिव डॉ रूप सिंह, डीन डॉ अशोक चौहान,डीन अकादमिक अफेयर्स डा एमजी वशिष्ठ, चिकित्सा अधीक्षक डॉ कुंदन मित्तल, डॉक्टर विवेक मलिक सहित सैकड़ो चिकित्सक उपस्थित थे।

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