Indiknow, रोहतक। गौड़ ब्राह्मण डिग्री कॉलेज, रोहतक में आयोजित सात दिवसीय एनएसएस विशेष शिविर के दूसरे दिन “मेरा भारत – युवा सहभागिता एवं डिजिटल साक्षरता” विषय पर एक विस्तार व्याख्यान का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं को राष्ट्र निर्माण से जोड़ते हुए डिजिटल साक्षरता के प्रति जागरूक करना रहा।
व्याख्यान के मुख्य वक्ता गौड़ ब्राह्मण डिग्री कॉलेज में सहायक प्राध्यापक डॉ. कपिल कौशिक ने कहा कि भारत विश्व का सबसे युवा देश है और युवा शक्ति ही राष्ट्र की वास्तविक पूंजी है। उन्होंने कहा कि यूथ फॉर माय भारत केवल एक अभियान नहीं, बल्कि युवाओं में सेवा, समर्पण और राष्ट्र के प्रति जिम्मेदारी की भावना विकसित करने का सशक्त माध्यम है। आज का युवा केवल भविष्य नहीं, बल्कि वर्तमान का निर्माता है।
डिजिटल साक्षरता पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए डॉ. कपिल कौशिक ने कहा कि मोबाइल और इंटरनेट का उपयोग तेजी से बढ़ा है, लेकिन सही जानकारी के अभाव में साइबर अपराध और ऑनलाइन ठगी की घटनाएँ भी बढ़ रही हैं। ऐसे में डिजिटल साक्षरता समय की सबसे बड़ी आवश्यकता बन चुकी है। उन्होंने स्वयंसेवकों को ऑनलाइन भुगतान, सरकारी डिजिटल सेवाओं, फेक न्यूज़ की पहचान तथा साइबर सुरक्षा के प्रति सजग रहने का संदेश दिया।
कार्यक्रम में एनएसएस स्वयंसेवकों की भूमिका पर विशेष बल देते हुए कहा गया कि वे समाज के डिजिटल मार्गदर्शक बनकर ग्रामीण क्षेत्रों, बुजुर्गों और आम नागरिकों को डिजिटल रूप से सशक्त बना सकते हैं। यदि प्रत्येक स्वयंसेवक कुछ लोगों को डिजिटल साक्षर बनाने का संकल्प ले, तो यह एक बड़े सामाजिक परिवर्तन का आधार बन सकता है।
सांयकालीन सत्र में एनएसएस स्वयंसेवकों ने कुष्ट आश्रम जाकर दवाइयाँ एवं खाद्य सामग्री वितरित की। दवाइयाँ गणित विभागाध्यक्ष डॉ. संतोष शर्मा व खादय सामग्री डॉ पिंकी व डॉ मनीषा कौशिक द्वारा भेंट की गईं। इसके अतिरिक्त “डिजिटल ज्ञान के साथ युवा, देश के साथ युवा” विषय पर निबंध प्रतियोगिता आयोजित की गई तथा पर्यावरण संरक्षण को लेकर जागरूकता रैली निकालकर आमजन को संदेश दिया गया।
कार्यक्रम के अंत में एनएसएस कार्यक्रम अधिकारी डॉ. पिंकी चौहान ने आभार व्यक्त किया। मंच संचालन एनएसएस कार्यक्रम अधिकारी डॉ. मनीषा कौशिक ने किया।

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