Indiknow, रोहतक। सैन समाज चैरिटेबल ट्रस्ट की ओर से सूर्य कवि बाजे भगत स्मारक कन्हेली से पहरावर रोड में सूर्य कवि दादा बाजे भगत की पुण्यतिथि मनाई गई जिसमें शहर के गणमान्य व्यक्तियों ने दादा बाजे भगत की प्रतिमा स्थल पर पहुंच कर पुष्पांजलि दी और स्मारक के सामने पौधारोपण किया और उनके जीवन पर प्रकाश डाला ट्रस्ट के प्रधान सुरेश राणा ने बताया कि सूर्य कवि बाजे भगत का जन्म 16 जुलाई 1898 को सोनीपत के दहिया खाप के सबसे बड़े गांव सिसाना में हुआ था उनकी मृत्यु 26 फरवरी 1936 को महाशिवरात्रि के दिन हुई। इनके द्वारा रचे सॉन्ग व भजन आज भी बड़े उत्साह और उमंग के साथ गाऐ जाते हैं उन्होंने अपनी रचनाओं द्वारा अनेक गांवों में गौशालाएं, पाठशालाएं व मंदिर बनवाऐ लोग आज भी उन्हें भगत जी के नाम से जानते है इस अवसर पर सैन समाज 84 खाप के प्रधान प्रदीप सैन मंडावर ट्रस्ट के प्रधान सुरेश राणा सतवीर सिंह चांदोलिया, जयसिंह मोखरा, उम्मीद सैन, महेंद्र बडबरिया,धर्मपाल सैन ,धर्मबीर मकडौली, रघुवीर सिंह, डॉक्टर पूर्ण दास एडवोकेट, श्याम मकडौली, सुनील सैन, सुखबीर पूर्व सरपंच, सुनील सैन, अमरपाल बडबरिया, विजय मंडावर ने अपने विचार व्यक्त किए।
Indiknow, रोहतक। पंडित भगवत दयाल शर्मा स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय (यूएचएसआर) के दो फैकल्टी सदस्यों ने मेडिकल एजुकेशन में एक नई उपलब्धि हासिल की है। डॉ आरती और डॉ कमल ने श्री बालाजी विद्यापीठ, पांडिचेरी से एमएचपीई (मास्टर्स इन हेल्थ प्रोफेशनल्स एजुकेशन) का 2 वर्षीय कोर्स सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है। गौरतलब है कि यह दोनों फैकल्टी सदस्य यूएचएसआर के पहले सदस्य हैं जिन्होंने मेडिकल एजुकेशन में यह कोर्स किया है। डॉ आरती और डॉ कमल ने बताया कि इस कोर्स को पूरा करने के बाद उन्हें मेडिकल एजुकेशन में नई तकनीकों और पद्धतियों के बारे में जानने का अवसर मिला है। उन्होंने कहा कि यह कोर्स उनके लिए बहुत उपयोगी साबित होगा और वे इसे अपने शिक्षण और अनुसंधान में लागू करेंगे। पंडित भगवत दयाल शर्मा स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ एच के अग्रवाल व निदेशक डॉ एसके सिंघल ने भी डॉ आरती और डॉ कमल को उनकी इस उपलब्धि पर बधाई दी है। विश्वविद्यालय के अधिकारियों का कहना है कि यह उपलब्धि यूएचएसआर के लिए गर्व की बात है और वे इस तरह की और उपलब्धियों की उम्मीद करते हैं। डॉ एच के अग्रवाल ने कहा कि...

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