Indiknow, रोहतक। हरियाणा व्यापार मंडल ने प्रदेश में वैट (VAT) के लंबित मामलों को लेकर सरकार से एक बार फिर एकमुश्त निपटान योजना को पुनः तीसरी बार लागू करने की मांग की है। इस संबंध में संगठन की ओर से माननीय मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी एवं माननीय जीएसटी आयुक्त, हरियाणा को ई-मेल के माध्यम से विस्तृत पत्र भेजा गया है। हरियाणा व्यापार मंडल की प्रदेशाध्यक्ष विजय लक्ष्मी चंद गुप्ता ने कहा कि हाल ही में आबकारी एवं कराधान विभाग द्वारा शुरू की गई एकमुश्त निपटान योजना का व्यापारियों ने स्वागत किया है और इससे बड़ी संख्या में करदाताओं को राहत मिली है। इसी तर्ज पर पूर्व-जीएसटी काल के वैट से जुड़े लंबित मामलों के लिए भी एक उदार और व्यावहारिक समाधान आवश्यक है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में आज भी हजारों छोटे, मध्यम एवं बड़े व्यापारी ऐसे हैं, जिनके वैट के मामले वर्षों से लंबित हैं। ये मामले व्यापारियों के लिए आर्थिक व मानसिक दबाव के साथ-साथ विभागीय एवं न्यायिक संसाधनों पर भी बोझ बने हुए हैं। यदि वैट के लंबित मामलों हेतु एकमुश्त निपटान योजना को पुनः लागू किया जाता है, तो इससे व्यापारियों को स्थायी राहत मिलेगी और सरकार को बिना किसी लंबी कानूनी प्रक्रिया के राजस्व प्राप्त होगा। हरियाणा व्यापार मंडल के स्टेट हेड (GST एवं लीगल) एडवोकेट शिव कुमार मित्तल ने कहा कि प्रस्तावित योजना में बकाया वैट टैक्स की कोई अधिकतम राशि सीमा निर्धारित नहीं की जानी चाहिए, ताकि सभी छोटे-बड़े व्यापारी इसका लाभ ले सकें। उन्होंने कहा कि पूर्व में लागू की गई वैट निपटान योजनाओं से सरकार और व्यापार—दोनों को लाभ हुआ है और उसी सकारात्मक अनुभव के आधार पर यह मांग रखी गई है। व्यापार मंडल ने विश्वास जताया कि मुख्यमंत्री एवं कर विभाग व्यापारियों की इस व्यावहारिक मांग पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करेंगे और शीघ्र ही वैट के लंबित मामलों के लिए एकमुश्त निपटान योजना को पुनः तीसरी बार लागू कर प्रदेश के व्यापारियों को राहत देने का कार्य करेंगे।
Indiknow, रोहतक। पंडित भगवत दयाल शर्मा स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय (यूएचएसआर) के दो फैकल्टी सदस्यों ने मेडिकल एजुकेशन में एक नई उपलब्धि हासिल की है। डॉ आरती और डॉ कमल ने श्री बालाजी विद्यापीठ, पांडिचेरी से एमएचपीई (मास्टर्स इन हेल्थ प्रोफेशनल्स एजुकेशन) का 2 वर्षीय कोर्स सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है। गौरतलब है कि यह दोनों फैकल्टी सदस्य यूएचएसआर के पहले सदस्य हैं जिन्होंने मेडिकल एजुकेशन में यह कोर्स किया है। डॉ आरती और डॉ कमल ने बताया कि इस कोर्स को पूरा करने के बाद उन्हें मेडिकल एजुकेशन में नई तकनीकों और पद्धतियों के बारे में जानने का अवसर मिला है। उन्होंने कहा कि यह कोर्स उनके लिए बहुत उपयोगी साबित होगा और वे इसे अपने शिक्षण और अनुसंधान में लागू करेंगे। पंडित भगवत दयाल शर्मा स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ एच के अग्रवाल व निदेशक डॉ एसके सिंघल ने भी डॉ आरती और डॉ कमल को उनकी इस उपलब्धि पर बधाई दी है। विश्वविद्यालय के अधिकारियों का कहना है कि यह उपलब्धि यूएचएसआर के लिए गर्व की बात है और वे इस तरह की और उपलब्धियों की उम्मीद करते हैं। डॉ एच के अग्रवाल ने कहा कि...

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