Indiknow, रोहतक। अग्रवाल वैश्य समाज हरियाणा का वृंदावन में आयोजित होने वाले प्रदेशस्तरीय खुला अधिवेशन के प्रति वैश्यजनों के उत्साह को देखते हुए ये आयोजन ऐतिहासिक होने जा रहा है। ये जानकारी देते हुए समाज के प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष सुभाष तायल ने बताया कि प्रदेश अध्यक्ष अशोक बुवानीवाला की अध्यक्षता में आगामी 7 मार्च 2026 को भगवान श्रीकृष्ण की लीलाभूमि वृंदावन के दिल्ली श्रीधाम रुक्मणी विहार में आयोजित होने वाली ये बैठक समाज की एकता, वैचारिक चिंतन और भविष्य की दिशा तय करने की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने बताया कि इस आयोजन में अखिल भारतीय अग्रवाल संगठन के राष्ट्रीय चेयरमैन प्रदीप मित्तल, उत्तर प्रदेश व्यापारी कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष रविकांत गर्ग, राष्ट्रीय जनउद्योग व्यापार संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित गुप्ता, बनारसी दास गुप्ता फाउंडेशन के अध्यक्ष अजय गुप्ता, भाजपा नेता पंकज जैन, युवा नेता एवं समाजसेवी नवीन गोयल, उद्योगपति एवं समाजसेवी वासूदेव गर्ग, राष्ट्रीय नवचेतना मंच के अध्यक्ष विजय सोमाणी बतौर अतिथि अपनी उपस्थिति दर्ज करवाएंगे।
सुभाष तायल ने बताया कि आयोजन में भागीदारी को लेकर प्रदेश के कोने-कोने से वैश्यजन अपना पंजीकरण सुनिश्चित करवा रहें है। जिसे देखेते हुए निश्चित रूप से कहा जा सकता है कि प्रदेश का वैश्य समाज निश्चित रूप से अग्रवाल वैश्य समाज के मंच पर एकजुटता के साथ खड़ा है। उन्होंने बताया कि आयोजन को लेकर सभी तैयारियां पूरी की जा चुकी है और आयोजन की सफलता के लिए भी सभी पदाधिकारियों को जिम्मेदारी सौंप दी गई है। उन्होंने बताया कि इस दौरान प्रदेश अध्यक्ष एवं प्रदेश महामंत्री पद के लिए संगठन का 9वां द्विवार्षिक चुनाव भी संपन्न करवाया जाएगा। यह चुनाव समाज के लोकतांत्रिक मूल्यों को सशक्त करने और नेतृत्व को नई ऊर्जा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम होगा। उन्होंने बताया कि आयोजन के पश्चात प्रतिभागियों को वृंदावन धाम के प्रमुख धार्मिक एवं ऐतिहासिक स्थलों के दर्शन भी करवाए जाएंगे, जिससे सामाजिक विमर्श के साथ-साथ आध्यात्मिक अनुभूति का भी अवसर प्राप्त होगा। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं और रासलीलाओं से अनुप्राणित यह धरा आज भी कण-कण में आध्यात्मिक ऊर्जा से परिपूर्ण है और ऐसे दिव्य वातावरण में संगठन की बैठक समाज को नई दिशा और प्रेरणा प्रदान करेगी। उन्होंने बताया कि संगठनात्मक गतिविधियों की समीक्षा के साथ-साथ भविष्य की कार्ययोजनाओं पर गहन चर्चा की जाएगी। अग्रवाल वैश्य समाज की यह आम सभा बैठक न केवल संगठनात्मक मजबूती की दिशा में एक महत्वपूर्ण पड़ाव सिद्ध होगी, बल्कि समाज के भविष्य की रूपरेखा तय करने में भी मील का पत्थर साबित होगी। वैश्य समाज के लिए यह आयोजन एकता, चिंतन और नवसंकल्प का सशक्त मंच बनेगा। उन्होंने प्रदेशभर के वैश्य बंधुओं से अधिक से अधिक संख्या में बैठक में पहुंचने का आह्वान करते हुए कहा कि यह अवसर केवल संगठनात्मक निर्णयों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह समाज की गौरवशाली यात्रा का एक नया अध्याय भी है।

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