Indiknow, रोहतक। गौड़ ब्राह्मण डिग्री कॉलेज में आयोजित सात दिवसीय राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) विशेष शिविर के तीसरे दिन बोहर गाँव में गौड़ ब्राह्मण आयुर्वेदिक कॉलेज के चिकित्सकों की टीम द्वारा निशुल्क स्वास्थ्य जाँच शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में ग्रामीणों की बीपी, शुगर, हीमोग्लोबिन (एचबी) सहित अन्य सामान्य रोगों की जाँच की गई तथा जरूरतमंद लोगों को निःशुल्क दवाइयाँ वितरित की गईं। कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. जयपाल शर्मा ने की। इस अवसर पर उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि एनएसएस केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि सेवा, संस्कार और सामाजिक उत्तरदायित्व का माध्यम है। युवाओं को ग्रामीण समाज से जुड़कर स्वास्थ्य, स्वदेशी और जागरूकता जैसे विषयों पर सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए। उन्होंने कहा कि स्वदेशी अपनाने से न केवल आत्मनिर्भर भारत की नींव मजबूत होती है, बल्कि स्थानीय कारीगरों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी संबल मिलता है। प्राचार्य डॉ. जयपाल शर्मा ने ‘स्वदेशी अपनाओ रैली’ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इसके पश्चात एनएसएस स्वयंसेवकों ने नुक्कड़ नाटक के माध्यम से ग्रामीणों को सामाजिक एवं स्वास्थ्य संबंधी विषयों पर जागरूक किया। ‘स्वदेशी अपनाओ–देश बचाओ’ अभियान के अंतर्गत स्वयंसेवकों को कुम्भकार समुदाय द्वारा मिट्टी के बर्तन बनाने की पारंपरिक प्रक्रिया की जानकारी दी गई। साथ ही तालाब पर जाकर उसके पर्यावरणीय, सांस्कृतिक एवं सामाजिक महत्व को समझा तथा ग्रामीण जीवनशैली से प्रत्यक्ष रूप से रूबरू हुए।
सायंकालीन सत्र में युवाओं के मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता विषय पर श्री लालनाथ हिन्दू कॉलेज की वाणिज्य विभाग की सहायक प्राध्यापिका डॉ. शालू ने विस्तार से व्याख्यान दिया। उन्होंने युवाओं से तनाव प्रबंधन, सकारात्मक सोच एवं संतुलित जीवनशैली अपनाने का आह्वान किया। इसी कड़ी में गौड़ ब्राह्मण आयुर्वेदिक कॉलेज के डॉ. शैलेश जैन ने स्वयंसेवकों को एचआईवी/एड्स के प्रति जागरूक करते हुए इससे बचाव एवं समाज में फैली भ्रांतियों पर प्रकाश डाला। एनएसएस अधिकारी डॉ. पिंकी चौहान एवं डॉ. मनीषा कौशिक के नेतृत्व में स्वदेशी विषय पर पोस्टर मेकिंग प्रतियोगिता तथा रस्साकसी प्रतियोगिता का भी सफल आयोजन किया गया, जिसमें स्वयंसेवकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

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