MBBS छात्रों ने हरियाणा विधानसभा की स्वास्थ्य समिति एवं DMER को सौंपा ज्ञापन, बॉन्ड नीति पर स्पष्टता की मांग
Indiknow, रोहतक। पीजीआईएमएस में हरियाणा विधानसभा की स्वास्थ्य सेवाएं एवं स्वास्थ्य शिक्षा समिति के निरीक्षण के दौरान प्रदेश के सरकारी मेडिकल कॉलेजों के MBBS छात्रों ने राज्य सेवा प्रोत्साहन बॉन्ड नीति को लेकर समिति को एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा
इस निरीक्षण दल में 11 विधायक शामिल थे, जिनकी अध्यक्षता विधायक रामकुमार कश्यप कर रहे थे उनके साथ डायरेक्टर मेडिकल एजुकेशन एंड रिसर्च (DMER) यशेंद्र सिंह भी उपस्थित रहे। दौरे के दौरान MBBS 2020–21 बैच के छात्रों ने एकजुट होकर 17 बिंदुओं वाला ज्ञापन प्रस्तुत किया, जिसमें बॉन्ड नीति के क्रियान्वयन से जुड़ी कई व्यावहारिक और नीतिगत समस्याओं को उठाया गया। यह ज्ञापन विधानसभा समिति के सदस्यों के साथ-साथ DMER, हरियाणा को भी औपचारिक रूप से सौंपा गया। छात्रों ने मांग की कि सरकार और DMER बॉन्ड नीति से संबंधित सभी मुद्दों—जैसे सेवा शर्तें, वेतन संरचना, पोस्टिंग, मेडिको-लीगल सुरक्षा, पीजी अध्ययन, बॉन्ड से बाहर निकलने की प्रक्रिया और शैक्षणिक दस्तावेज़ों से जुड़े प्रश्नों—पर स्पष्ट एवं लिखित दिशा-निर्देश जारी करें। छात्रों ने यह भी आग्रह किया कि जब तक सभी शंकाओं का समाधान नहीं किया जाता, तब तक छात्रों से कोई बाध्यकारी सहमति न ली जाए। छात्र प्रतिनिधियों ने स्पष्ट किया कि वे सरकारी सेवा के विरोध में नहीं हैं, बल्कि नीति के तहत एसओपी और स्पष्ट नियमों की कमी को लेकर चिंतित हैं। उनका कहना है कि बिना पूर्ण जानकारी के सहमति लेना न्यायसंगत नहीं है।
विधानसभा समिति और DMER द्वारा ज्ञापन स्वीकार किया गया तथा छात्रों को आश्वासन दिया गया कि उठाए गए मुद्दों पर गंभीरता से विचार किया जाएगा और शीघ्र ही इस संबंध में निर्णय लिया जाएगा। छात्रों ने आशा व्यक्त की कि इस पहल से प्रशासन और मेडिकल छात्रों के बीच सार्थक संवाद स्थापित होगा, जिससे हरियाणा की स्वास्थ्य व्यवस्था सुदृढ़ होने के साथ-साथ युवा डॉक्टरों के अधिकारों की भी रक्षा सुनिश्चित हो सकेगी।

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