Indiknow, रोहतक। खरीफ-2025 के मुआवजे के खिलाफ किसान सभा ने प्रदर्शन किया और उपायुक्त से मुआवजे जारी करवाने की मांग की । इस मौके पर मुख्यमंत्री के नाम भी ज्ञापन सौंपा गया । प्रेस बयान जारी करते हुए जिला सचिव सुमित दलाल ने बताया कि हरियाणा सरकार ने खरीफ 2025 की बर्बाद हुई धान, बाजरे और कपास की जलभराव से जिला में 1,40,000 एकड़ में फसल बर्बाद हुई थी जिसको सबसे ज्यादा मार महम,सांपला,और कलानौर तहसील में थी लेकिन मुआवजा दिया मात्र लगभग 6500 एकड़ का ही। इन तहसीलों के हजारों किसान आज तक मुआवजे पाने के लिए संघर्ष कर रहे है । सरकार ने बर्बाद हुई फसलों पर डुप्लीकेट फोटो और बीमा का बहाना बनाकर किसानों को मुआवजे से वंचित कर दिया। मुआवजा न देकर सरकार ने किसानों के साथ भद्दा मजाक किया है जिससे किसानों में भारी आक्रोश है ।
किसान सभा राज्य उपप्रधान प्रीत सिंह ने बताया कि आज भी दर्जनों गांव में हजारों एकड़ कृषि भूमि में पानी खड़ा है और रबी की बिजाई नहीं हो पाई उन किसानों की भरपाई के लिए सरकार द्वारा अभी तक क्षतिपूर्ति पोर्टल नहीं खोला गया है जिला प्रशासन भी किसानों की सरासर अनदेखी कर रहा है आज तक उपायुक्त कार्यालय से किसानों के मुआवजे को सत्यापित कर सरकार तक नहीं भेजा गया। इसके अलावा किसानों ने आज प्रदर्शन के माध्यम से रबी 2022 का बकाया मुआवजा,बीमा क्लेम जारी करने की मांग भी की है। किसानों ने मानसरोवर पार्क में सभा कर जिला उपायुक्त कार्यालय तक प्रदर्शन किया और सीटीएम को ज्ञापन सौंपा, सीटीएम ने आक्रोशित किसानों की अगले दो दिन में जिला उपायुक्त एवं अन्य सभी अधिकारियों की उपस्थिति में किसान प्रतिनिधियों के साथ बैठक करने और मुद्दों के समाधान का आश्वासन दिया है अगर प्रशासन किसानों के साथ बातचीत नहीं करेगा तो मजबूरीवश किसान सभा उपायुक्त कार्यालय प्रांगण में ही धरना देने को मजबूर होगी।
इस मौके पर अजीत राणा,मुकेश,देवीलाल राणा,संजीत,पवन,जगबीर पंडित,प्रदीप राणा,कृष्ण राणा,आशीष ,राकेश अहलावत,अशोक, देवेंद्र, धोला बलम ,सुरेंद्र अहलावत,भीम सिंह राठी,ओमप्रकाश राठी,जगपाल सांगवान,अशोक राठी,राजकुमार,सतपाल मोरखेड़ी,बीरेंद्र आनंद, सुरेंद्र ,सुभाष ,रमेश,पवन, शमशेर दहन,धर्मपाल हुडा,बलवान सिंह,राय सिंह नेहरा, सोनू पिलाना पार्षद,राजेंद्र तोमर,नरेश सिवाच,साधु सिवाच,नफे सिवाच,खेमचंद,सुरेंद्र, जोगेंद्र बनियानी, जितेंद्र सिवाच,रविंदर सिवाच,संदीप मलिक, आदि शामिल रहे।

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