Indiknow, रोहतक। सैन समाज चैरिटेबल ट्रस्ट की ओर से बाजे-भगत स्मारक में समाज के वयोवृद्ध नेता एवं हरको बैंक, वन्य प्राणी विभाग तथा खादी ग्राम उद्योग के पूर्व निदेशक स्वर्गीय मुख्तार सिंह नाई के आकस्मिक निधन पर एक भावपूर्ण शोक सभा का आयोजन किया गया। ट्रस्ट के प्रधान सुरेश राणा ने बताया कि इस शोक सभा की अध्यक्षता सैन समाज रोहतक के वरिष्ठ नेता चौधरी खजान सिंह बरहाना ने की। अपने उद्बोधन में उन्होंने बताया कि स्वर्गीय मुख्तार सिंह नाई का जन्म 1 जनवरी 1947 को गांव मुंडाल में हुआ था और 10 मार्च 2026 को गांव मुंडाल में ही उन्होंने अंतिम सांस ली। अपने पीछे वे अपने तीन सुपुत्र सुनील, सतीश और मुकेश सहित एक समृद्ध सामाजिक विरासत छोड़ गए हैं। उन्होंने कहा कि स्वर्गीय मुख्तार सिंह नाई का संपूर्ण जीवन समाज सेवा, सादगी और जनहित के कार्यों के लिए समर्पित रहा। वे देश के पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय चौधरी देवीलाल की विचारधारा और जनकल्याणकारी नीतियों से गहराई से प्रेरित थे। उनकी निष्ठा, ईमानदारी और समाज के प्रति समर्पण को देखते हुए उन्हें कई महत्वपूर्ण विभागों में निदेशक के रूप में सेवा करने का अवसर प्राप्त हुआ। उनका व्यक्तित्व समाज के लिए प्रेरणा, नेतृत्व और सेवा भावना का जीवंत उदाहरण था। सैन समाज दिवंगत आत्मा को श्रद्धा-सुमन अर्पित करता है और ईश्वर से प्रार्थना करता है कि वे दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें तथा शोक संतप्त परिवार को इस अपूर्णीय क्षति को सहन करने की शक्ति प्रदान करें। साथ ही यह आशा व्यक्त की गई कि उनका परिवार भी उनके आदर्शों, संस्कारों और समाज सेवा के मार्ग पर अग्रसर रहेगा।
इस अवसर पर सैन समाज 84 खाप के प्रधान प्रदीप सैन मंडावर, ट्रस्ट के प्रधान सुरेश राणा, सतबीर चांदोलिया, जय सिंह मोखरा, उम्मेद सिंह, महेंद्र राणा, श्रीपाल राणा, धर्मबीर मकडोली, महेंद्र बडबरिया, श्याम मकडोली, सुनील मंडावर, रवि रठधनिया सहित समाज के अनेक गणमान्य व्यक्तियों और सदस्यों ने उपस्थित होकर दिवंगत आत्मा को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।

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