Indiknow, रोहतक। परम पूजनीय ब्रह्मलीन 1008 स्वामी अमृतानंद महाराज जी के 24 वे निर्माण दिवस के पावन अवसर पर श्री राम कथा का आयोजन स्वामी अमृतानंद मेमोरियल पार्क सब्जी मंडी गांधी कैंप रोहतक में स्वामी अमृतानंद सेवा समिति द्वारा किया जा रहा है आज इस उपलक्ष में श्री राम कथा के पंचम दिवस कथा व्यास ब्रह्म वेदामृत पीठाधीश्वर महामंडलेश्वर आचार्य विश्वेश्वरानंद गिरी जी ने श्री राम कथा का वर्णन करते हुए बताया कि मां गंगा रूपी श्री राम कथा का प्रादुर्भाव देवी पार्वती के माध्यम से हुआ। आज सावन कथा में उप आचार्य गोकर्ण पीठाधीश्वर आचार्य महामण्डलेश्वर स्वामी कपिल पुरी जी महाराज का सानिध्य एवं आशीर्वचन प्राप्त हुआ यह जानकारी देते हुए मीडिया प्रभारी राजीव जैन एवं योगेश अरोड़ा ने बताया कि श्री राम कथा में आज मुख्य अतिथि के रूप में प्रसिद्ध समाज सेवी राजेश जैन एमडी एलपीएस बोसार्ड पहुंचे अतिथियों को भगवान के नाम का पटका पहनाकर एवं प्रभु श्री राम दरबार का स्मृति चिन्ह देकर उनका अभिनंदन किया इस पावन कथा में आईपीएस स्कूल के डायरेक्टर सुनील भयाना, प्रबंधक राजा महेश बुद्धिराजा, डिस्पेंसरी इंचार्ज अशोक सहगल, योगेश अरोड़ा, पूर्व निगम पार्षद राधेश्याम ढल, विजय परुथी, समाजसेवी तिलक राज, सनी निजावन, नरेश खुराना, अनिल दुरेजा, जितेंद्र साहनी, सुरेश बजाज, गुलशन बजाज, शीतल, सुरेश नागपाल, अशोक बुद्धिराजा, राजेश मल्होत्रा आदि अनेकों भक्तजन श्रद्धालु उपस्थित रहे।
Indiknow, रोहतक। पंडित भगवत दयाल शर्मा स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय (यूएचएसआर) के दो फैकल्टी सदस्यों ने मेडिकल एजुकेशन में एक नई उपलब्धि हासिल की है। डॉ आरती और डॉ कमल ने श्री बालाजी विद्यापीठ, पांडिचेरी से एमएचपीई (मास्टर्स इन हेल्थ प्रोफेशनल्स एजुकेशन) का 2 वर्षीय कोर्स सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है। गौरतलब है कि यह दोनों फैकल्टी सदस्य यूएचएसआर के पहले सदस्य हैं जिन्होंने मेडिकल एजुकेशन में यह कोर्स किया है। डॉ आरती और डॉ कमल ने बताया कि इस कोर्स को पूरा करने के बाद उन्हें मेडिकल एजुकेशन में नई तकनीकों और पद्धतियों के बारे में जानने का अवसर मिला है। उन्होंने कहा कि यह कोर्स उनके लिए बहुत उपयोगी साबित होगा और वे इसे अपने शिक्षण और अनुसंधान में लागू करेंगे। पंडित भगवत दयाल शर्मा स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ एच के अग्रवाल व निदेशक डॉ एसके सिंघल ने भी डॉ आरती और डॉ कमल को उनकी इस उपलब्धि पर बधाई दी है। विश्वविद्यालय के अधिकारियों का कहना है कि यह उपलब्धि यूएचएसआर के लिए गर्व की बात है और वे इस तरह की और उपलब्धियों की उम्मीद करते हैं। डॉ एच के अग्रवाल ने कहा कि...

टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें