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पॉश अधिनियम की जागरूकता जरूरी : कुलपति डॉ एच के अग्रवाल



 Indiknow, रोहतक। पीजीआईएमएस रोहतक में डीन स्टूडेंट वेलफेयर डॉ. सविता सिंघल और इंटरनल कंप्लेंट कमेटी के सहयोग से बुधवार को लेक्चर थिएटर 5 में पॉश अधिनियम जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के तौर पर पंडित भगवत दयाल शर्मा स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय के कुलपति डॉक्टर एच के अग्रवाल उपस्थित हुए। कुलपति डॉ. एच.के. अग्रवाल ने कहा कि राष्ट्रीय महिला आयोग की ओर से महिला सशक्तिकरण के लिए यह कार्यक्रम अनिवार्य है। उन्होंने कहा कि आजकल सभी के हाथ में मोबाइल है, इसलिए हमें साइबर सुरक्षा के बारे में पता होना चाहिए। उन्होंने कहा कि संस्थान में महिला सशक्तिकरण के लिए कई कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं और विद्यार्थियों और कर्मचारियों को इसके बारे में जागरूक किया जा रहा है।डॉक्टर अग्रवाल ने कहा कि महिलाओं को अपने अधिकारों के बारे में पता होना चाहिए। रजिस्ट्रार डॉ. रूप सिंह ने कहा कि दोनों लिंग समान हैं और हमारे संविधान में सभी को समान अधिकार दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि अगर किसी को कोई समस्या है, चाहे वह विद्यार्थी हो, फैकल्टी हो या कर्मचारी हो, तो उसे अपनी समस्या बतानी चाहिए। उन्होंने कहा कि संस्थान में सभी को समान रूप से व्यवहार किया जाता है और किसी भी प्रकार के भेदभाव को बर्दाश्त नहीं किया जाता है। निदेशक डॉ. सुरेश सिंघल ने कहा कि हमें अपने अधिकारों के बारे में पता होना चाहिए और हमें साइबर क्राइम के बारे में जानकारी होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि आजकल साइबर क्राइम एक बड़ा मुद्दा है और हमें इसके बारे में जागरूक होना चाहिए। उन्होंने कहा कि संस्थान में महिलाओं को कार्यस्थल पर अच्छा वातावरण उपलब्ध करवाने के लिए कई कदम उठाए गए हैं। 

डीन छात्र कल्याण डॉ. सविता सिंघल ने अपने व्याख्यान में पॉश अधिनियम के बारे में बताया और कहा कि यह अधिनियम हर कार्यस्थल पर लागू होता है। उन्होंने बताया कि कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न से कैसे बचा जा सकता है और इस संबंध में क्या चुनौतियां आती हैं। उन्होंने कहा कि संस्थान में इंटरनल कंप्लेंट कमेटी का गठन किया गया है, जो कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न के मामलों की जांच करती है और उचित कार्रवाई करती है।डॉ सविता सिंघल ने कहा कि संस्थान में ऐसे कार्यक्रम आगे भी आयोजित किए जाएंगे और विद्यार्थियों और कर्मचारियों को उनके अधिकारों के बारे में जागरूक किया जाएगा। डॉ. प्रीति सिंह ने संस्थान की इंटरनल कंप्लेंट कमेटी के बारे में बताया और कहा कि यह कमेटी विद्यार्थियों और कर्मचारियों की समस्याओं का समाधान करने के लिए बनाई गई है। उन्होंने कहा कि कमेटी में सभी वर्गों के प्रतिनिधि शामिल हैं और यह कमेटी निष्पक्ष रूप से काम करती है।

कार्यक्रम में डॉ. विनोद ने सभी को लैंगिक संवेदनशीलता हेतु संकल्प की शपथ दिलाई। 

कार्यक्रम के अंत में डॉ. मधु शर्मा ने सभी का धन्यवाद व्यक्त किया और कहा कि इस कार्यक्रम से विद्यार्थियों का काफी ज्ञानवर्धन हुआ है। डॉ मधु ने कहा कि हमें सभी से समान रूप से व्यवहार करना चाहिए और किसी भी प्रकार के भेदभाव को बर्दाश्त नहीं करना चाहिए। एसआई मुकेश, एसएचओ कुलदीप ने साइबर क्राइम के बारे में बताते हुए कहा कि हमें किस प्रकार साइबर क्राइम से बचना चाहिए और क्या-क्या साइबर क्राइम हो सकते हैं। इस अवसर पर कुलसचिव डॉ. रूप सिंह, निदेशक डॉ. एस.के. सिंघल, चिकित्सा अधीक्षक डॉ. कुंदन मित्तल, प्राचार्य डॉ. संजय तिवारी, एसआई मुकेश, एसएचओ कुलदीप, डॉ. अपर्णा परमार, डॉ. मधु, प्रोफेसर सुनीता, डॉ मीनाक्षी, डॉ. विनोद, डॉ. शिखा तिवारी, डॉ रेखा, देवेंद्र सहित सैकड़ों विद्यार्थी उपस्थित रहे।

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