सिविल डिफेंस प्रशिक्षण अभियान को मिली रफ्तार, 3000 वॉलंटियर्स तैयार करने का लक्ष्य निर्धारित : उपायुक्त सचिन गुप्ता
Indiknow, रोहतक। उपायुक्त एवं सिविल डिफेंस नियंत्रक सचिन गुप्ता ने कहा है कि जिला को अधिक सुरक्षित एवं आपदा-प्रबंधन के लिए सक्षम बनाने के उद्देश्य से स्थानीय सिविल डिफेंस कार्यालय द्वारा विशेष प्रशिक्षण अभियान निरंतर गति से संचालित किया जा रहा है। इसी कड़ी में आज श्री नेकीराम पोस्ट ग्रेजुएट महाविद्यालय में विद्यार्थियों के लिए सिविल डिफेंस का विशेष प्रशिक्षण सत्र आयोजित किया गया। सचिन गुप्ता ने कहा कि इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य जिला में एक सशक्त, प्रशिक्षित एवं तत्पर सिविल डिफेंस वॉलंटियर टीम का गठन करना है, जो आपातकालीन परिस्थितियों में प्रशासन का प्रभावी सहयोग कर सके। इस अभियान के तहत जिला में 3000 से अधिक सिविल डिफेंस वॉलंटियर तैयार करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। उन्होंने कहा कि सिविल डिफेंस वॉलंटियर्स किसी भी आपातकालीन स्थिति में प्रशासन की रीढ़ होते हैं। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे अधिक से अधिक संख्या में इस अभियान से जुडक़र समाज एवं राष्ट्र की सेवा में अपना योगदान दें। कार्यक्रम का आयोजन नगराधीश एवं सिविल डिफेंस के उप नियंत्रक अंकित कुमार की देखरेख में किया गया। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम युवाओं में जिम्मेदारी, अनुशासन एवं सेवा भावना का विकास करते हैं। जिला प्रशासन का उद्देश्य एक मजबूत एवं प्रशिक्षित ग्राउंड फोर्स तैयार करना है, जो किसी भी आपदा या आपातकालीन स्थिति में तुरंत सक्रिय होकर प्रभावी कार्य कर सके। जिला प्रशासन द्वारा चलाए जा रहे इस अभियान का उद्देश्य युवाओं को राष्ट्र सेवा के प्रति प्रेरित करना तथा उन्हें आपातकालीन परिस्थितियों में एक जिम्मेदार नागरिक के रूप में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए तैयार करना है। आने वाले समय में जिला के अन्य शैक्षणिक संस्थानों में भी इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, ताकि सिविल डिफेंस की पहुंच को और अधिक व्यापक बनाया जा सके।
अंकित कुमार ने कहा कि प्रतिभागियों को आपातकालीन स्थितियों में घायलों को सुरक्षित तरीके से संभालने, उन्हें प्राथमिक उपचार देने तथा आवश्यकता पड़ने पर सुरक्षित स्थान तक पहुंचाने के व्यावहारिक पहलुओं से भी अवगत कराया गया। प्रशिक्षण को प्रभावी बनाने के लिए व्यवहारिक प्रदर्शन एवं उदाहरणों का उपयोग किया गया, जिससे विद्यार्थियों में आपदा के समय त्वरित एवं सही निर्णय लेने की क्षमता विकसित हो सके। महाविद्यालय के प्राचार्य सुरेंद्र सांगवान ने इस पहल की सराहना करते हुए विद्यार्थियों को ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रमों में बढ़-चढक़र भाग लेने के लिए प्रेरित किया। प्रशिक्षण सत्र में लगभग 100 विद्यार्थियों ने भाग लिया और सिविल डिफेंस से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां प्राप्त कीं। प्रशिक्षण के दौरान विद्यार्थियों को सिविल डिफेंस की भूमिका एवं महत्व के बारे में विस्तार से बताया गया। इसके साथ ही अग्निशमन की मूलभूत तकनीकों, प्राथमिक उपचार (फस्र्ट एड) के आवश्यक उपायों तथा आपातकालीन सेवा 112 के माध्यम से त्वरित सूचना आदान-प्रदान की प्रक्रिया पर विशेष जोर दिया गया। यह प्रशिक्षण सिविल डिफेंस के प्रशिक्षण अधिकारियों नवीन, सुनील एवं अशोक कुमार द्वारा प्रदान किया गया, जिन्होंने अपने अनुभव के आधार पर प्रतिभागियों को आपदा प्रबंधन के विभिन्न पहलुओं की गहन जानकारी दी।

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