गौड़ ब्राह्मण डिग्री कॉलेज के साथ हार्ट्रोन स्कील सेंटर व दर्पण कॉलेज जींद के बीच इंटर्नशिप पर हुआ एमओयू
Indiknow, रोहतक । गौड़ ब्राह्मण डिग्री कॉलेज में नई शिक्षा नीति-2020 के तहत ओरिएंटेशन प्रोग्राम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का शुभारंभ कॉलेज के प्राचार्य व नोडल अधिकारी (इंटर्नशिप सैल) डॉ जयपाल शर्मा ने दीप प्रज्वलित करके किया।ओरिएंटेशन प्रोग्राम में मुख्यातिथि के रूप में हार्ट्रोन स्किल सेंटर के डायरेक्टर डॉ आशुतोष कौशिक ने शिरकत की। गौड़ ब्राह्मण डिग्री कॉलेज के साथ हार्ट्रोन स्किल सेंटर व दर्पण कॉलेज जींद के बीच इंटर्नशिप पर मेमोरेंडम ऑफ अण्डरस्टैंडिंग (एमओयू) साइन किया गया। डॉ आशुतोष कौशिक ने सभी छात्रों को संदेश दिया कि सभी अपने माता-पिता के सपनों को साकार करने के लिए दिन-रात मेहनत करें और जीवन में सफलता के रास्ते पर आगे बढ़ने का काम करें । उन्होंने अपने इंस्टिट्यूट से इंटर्नशिप करने के फायदे छात्रों को बताए। प्राचार्य ने छात्रों को इंटर्नशिप की आवश्यकता के बारे में छात्रों को अवगत करवाया। महाविद्यालय की नई शिक्षा नीति कमेटी ने सभी वक्ताओं का मंच के माध्यम से स्वागत किया। कार्यक्रम का मंच संचालन नई शिक्षा नीति संयोजक डॉ मंजू देवी ने किया। महाविद्यालय की डिप्टी नोडल अधिकारी इंटर्नशिप सैल इंचार्ज डॉ संतोष शर्मा ने ओरिएंटेशन प्रोग्राम में इंटर्नशिप की अनिवार्यता के बारे में बताया। उन्होंने बताया कि यह चार साल के ग्रेजुएशन प्रोग्राम का हिस्सा है, जिसमें चार क्रेडिट के लिए 4 से 6 सप्ताह में 120 घंटे की इंटर्नशिप अनिवार्य है। यह पढ़ाई के साथ व्यावहारिक कौशल विकसित करने और इंडस्ट्री से जुड़ने का मौका देती है। नई शिक्षा नीति के तहत इंटर्नशिप की मुख्य बातों को भी प्रमुखता से छात्रों को बताया गया। डॉ संतोष शर्मा ने स्नातक डिग्री पूरी करने या बीच में छोड़ने से पहले इंटर्नशिप जरूरी है। इस इंटर्नशिप के तहत समर इंटर्नशिप, जो दूसरे या चौथे सेमेस्टर के बाद की जा सकती है। इंटर्नशिप स्थानीय उद्योगों, व्यवसायों, कलाकारों, शिल्पकारों या अनुसंधान संगठनों के साथ की जा सकती है। यह प्रैक्टिकल अनुभव, बेहतर रोजगार और रिसर्च के अवसर प्रदान करती है। इसे क्रेडिट-आधारित बनाया गया है, जिसके क्रेडिट मार्कशीट में जुड़ेंगे। इस अवसर पर डॉ संजय अत्री, डॉ पिंकी चौहान, डॉ तरुण वत्स,डॉ सुरेंद्र कुमार,डॉ सीमा शर्मा,डॉ मनीषा कौशिक,डॉ कनुप्रिया,डॉ हरिकिशन अत्री, हरीश अत्री प्रमुख रूप से मौजूद रहे।

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