Indiknow, रोहतक। उपायुक्त सचिन गुप्ता के निर्देशानुसार समाज कल्याण विभाग द्वारा नशा मुक्त भारत अभियान के तहत स्थानीय श्रीलालनाथ हिंदू कॉलेज में कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में कॉलेज के सभी विद्यार्थियों व स्टाफ के सदस्यों को नशा मुक्ति की शपथ दिलवाई गई। इस अवसर पर विद्यार्थियों एवं स्टाफ सदस्यों को स्वयं सभी प्रकार के नशों से दूर रहने तथा अपने परिवार एवं सहपाठियों को भी हर प्रकार के नशे से दूर रहने के लिए प्रोत्साहित किया गया।
कार्यक्रम में विद्यार्थियों एवं स्टाफ सदस्यों को नशा मुक्त भारत के तहत न केवल समुदाय, परिवार, दोस्त, बल्कि खुद को नशा मुक्त बनाने की शपथ दिलवाई गई। क्योंकि परिवर्तन हमारे अंदर से शुरू होता है। इसलिए मिलकर अपने जिला व राष्ट्र को नशा मुक्त बनाने का संकल्प लें। उपस्थितगण को यह भी संकल्प दिलवाया गया कि वे देश को नशा मुक्त बनाने के लिए अपनी क्षमता अनुसार हर संभव प्रयास करेंगे। नशा मुक्त अभियान कार्यक्रम में ब्रह्मकुमारी प्रजापति ईश्वरीय विश्वविद्यालय से उमा दीदी, विभाग से अशोक कुमार व विजेंद्र सिंह तथा बहु अकबरपुर स्थित नशा मुक्ति अभियान की टीम मौजूद रही।
विद्यार्थियों को विभिन्न प्रकार के नशों से होने वाले दुष्प्रभाव बारे जागरूक किया गया। शारीरिक दुष्प्रभाव के अंतर्गत शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होती है, लीवर, फेफड़े, हृदय और मस्तिष्क पर बुरा असर पड़ता है, कैंसर, हृदय रोग, स्ट्रोक जैसी गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ता है, शरीर में कमजोरी व थकान होती है और वजन में गिरावट आती है। मानसिक दुष्प्रभाव में तनाव, चिंता और अवसाद (डिप्रेशन) बढ़ता है, याददाश्त कमजोर हो जाती है, निर्णय लेने की क्षमता प्रभावित होती है। सामाजिक दुष्प्रभाव में पारिवारिक झगड़े व रिश्तों में दरार आती है। आर्थिक दुष्प्रभाव में परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर होती है। युवाओं पर नशे का अधिक दुष्प्रभाव होता है तथा उनमें पढ़ाई के प्रति रूचि कम हो जाती है। नशा न केवल व्यक्ति बल्कि पूरे परिवार और समाज को प्रभावित करता है। इससे बचना ही सबसे अच्छा उपाय है। यदि कोई व्यक्ति नशे का आदी है, तो उसे समय रहते परामर्श और उपचार लेना चाहिए।

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