सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

जिला स्वास्थ्य सेवाओं को किया जाये और सुदृढ़, तीन प्रमुख पहलों पर करें फोकस : उपायुक्त सचिन गुप्ता



Indiknow, रोहतक। उपायुक्त सचिन गुप्ता ने स्वास्थ्य विभाग की एक विस्तृत समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए जिला में चल रहे प्रमुख जन स्वास्थ्य कार्यक्रमों की प्रगति की समीक्षा की और स्वास्थ्य सेवाओं को और सुदृढ़ बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने स्वास्थ्य सुधार के लिए तीन प्रमुख पहल पर विशेष ध्यान देने को कहा। सचिन गुप्ता स्थानीय लघु सचिवालय स्थित सभागार में स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। उन्होंने कहा कि जिला में स्वास्थ्य सेवाओं को और मजबूत करने के लिए तीन प्रमुख पहलों पर ध्यान दिया जाएगा। इन पहलों में सुरक्षित मातृत्व मिशन के तहत उच्च जोखिम गर्भधारण की निगरानी और सुरक्षित प्रसव सुनिश्चित करना, प्रथम 1000 दिन पोषण कार्यक्रम के अंतर्गत मातृ पोषण सुधारना और कम वजन वाले जन्म को कम करना तथा हेल्दी रोहतक पहल के तहत जीवनशैली से जुड़ी बीमारियों की प्रारंभिक पहचान और दीर्घकालिक प्रबंधन करना शामिल है। उन्होंने कहा कि जिला में लिंगानुपात में सुधार के लिए सभी आवश्यक कदम उठाये जाये तथा निजी अस्पतालों में गर्भपात करवाने वाली महिलाओं को चिन्हित कर उनकी जांच की जाये। 

उपायुक्त ने कहा कि रोहतक ने कई स्वास्थ्य सूचकांकों में राज्य औसत की तुलना में उल्लेखनीय प्रगति की है और आगे भी मातृ स्वास्थ्य, पोषण, रोग रोकथाम और शुरुआती पहचान पर विशेष ध्यान दिया जाएगा ताकि जिला के प्रत्येक नागरिक को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध हो सकें। उन्होंने जिला स्वास्थ्य विभाग की टीम के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि कई महत्वपूर्ण स्वास्थ्य सूचकांकों में रोहतक का प्रदर्शन हरियाणा के औसत से बेहतर है। उन्होंने नवजात शिशु एवं मातृ मृत्यु दर की समीक्षा की तथा अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश देते हुए कहा कि प्रत्येक मामले का विस्तृत विश्लेषण किया जाए, ताकि कारणों की पहचान कर प्रभावी रोकथाम उपाय लागू किए जा सकें। उन्होने निर्देश दिए कि सभी संस्थागत प्रसव के मामलों में प्रसूता और नवजात को कम से कम 48 घंटे तक स्वास्थ्य संस्थान में निगरानी में रखा जाए, ताकि किसी भी जटिलता का समय पर पता लगाकर उपचार किया जा सके। उन्होंने कहा कि सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों के अलावा निजी अस्पतालों में भी 48 घंटे के नियम की अनुपालना करवाई जाये। महिलाओं को प्रसव के 48 घंटे तक अनिवार्य निगरानी अवधि के पूरी होने से पहले ही अस्पताल से छुट्टी न दी जायें तथा स्वास्थ्य संस्थान इस दिशा में निर्धारित दिशानिर्देशों का सख्ती से पालन करें। उन्होंने अधिकारियों को गर्भवती महिलाओं के पोषण और एएनसी सेवाओं की निगरानी को और मजबूत करने के निर्देश दिए। 

सचिन गुप्ता ने कहा कि जिला में लगभग 18 प्रतिशत गर्भधारण उच्च जोखिम (हाई रिस्क प्रेग्नेंसी) श्रेणी में आते हैं, जो बेहतर स्क्रीनिंग व्यवस्था का संकेत है। उपायुक्त ने निर्देश दिए कि सभी हाई रिस्क गर्भधारण मामलों की ब्लॉक स्तर पर निगरानी की जाए तथा एएनएम और आशा कार्यकर्ताओं के माध्यम से नियमित फॉलो-अप सुनिश्चित किया जाए।  सचिन गुप्ता ने बैठक में राष्ट्रीय गैर-संचारी रोग नियंत्रण कार्यक्रम की प्रगति की भी समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी चिन्हित मरीजों को नियमित उपचार और निगरानी सुनिश्चित की जाए। उन्होंने डेंगू व मलेरिया नियंत्रण पर जोर देते हुए कहा कि मानसून से पहले ही संभावित संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान, निगरानी बढ़ाने और जन जागरूकता अभियान चलाया जाये। 

बैठक में सिविल सर्जन डॉ. रमेश चंद्र, जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी राजपाल चहल, जिला न्यायवादी सुरेंद्र पाहवा, जिला शिक्षा अधिकारी मनजीत मलिक, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी दिलजीत सिंह, जिला कार्यक्रम अधिकारी दीपिका सैनी, उपसिविल सर्जन टीबी डॉ. विकास, डॉ. सुशीला, डॉ. अनीलजीत त्रेहान, डॉ. विश्वजीत, डॉ. प्रीतेव सिंह, डॉ. दिनेश गर्ग, डॉ. सुरेंद्र सिंह, डॉ. शिवानी, मनोचिकित्सक डॉ. विनिता, डॉ. प्रतिभा, डॉ. डिंपल, डॉ. श्रेया, डॉ. रेनू कंबोज, डॉ. कपिल गुप्ता, सुरेश भारद्वाज सहित अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।

टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

पंडित भगवत दयाल शर्मा स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय में मेडिकल एजुकेशन में नई उपलब्धि

 Indiknow, रोहतक।  पंडित भगवत दयाल शर्मा स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय (यूएचएसआर) के दो फैकल्टी सदस्यों ने मेडिकल एजुकेशन में एक नई उपलब्धि हासिल की है। डॉ आरती और डॉ कमल ने श्री बालाजी विद्यापीठ, पांडिचेरी से एमएचपीई (मास्टर्स इन हेल्थ प्रोफेशनल्स एजुकेशन) का 2 वर्षीय कोर्स सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है। गौरतलब है कि यह दोनों फैकल्टी सदस्य यूएचएसआर के पहले सदस्य हैं जिन्होंने मेडिकल एजुकेशन में यह कोर्स किया है। डॉ आरती और डॉ कमल ने बताया कि इस कोर्स को पूरा करने के बाद उन्हें मेडिकल एजुकेशन में नई तकनीकों और पद्धतियों के बारे में जानने का अवसर मिला है। उन्होंने कहा कि यह कोर्स उनके लिए बहुत उपयोगी साबित होगा और वे इसे अपने शिक्षण और अनुसंधान में लागू करेंगे। पंडित भगवत दयाल शर्मा स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ एच के अग्रवाल व निदेशक डॉ एसके सिंघल ने भी डॉ आरती और डॉ कमल को उनकी इस उपलब्धि पर बधाई दी है। विश्वविद्यालय के अधिकारियों का कहना है कि यह उपलब्धि यूएचएसआर के लिए गर्व की बात है और वे इस तरह की और उपलब्धियों की उम्मीद करते हैं। डॉ एच के अग्रवाल ने कहा कि...

MDU–KUK Collaborative Seminar on Nari Shakti Vandan Adhiniyam Highlights Women’s Legislative Empowerment

Indiknow, Rohtak.   An insightful online seminar on the historic Nari Shakti Vandan Adhiniyam, 2023 (Women’s Reservation Bill) was organized on April 14, as a joint initiative of Maharshi Dayanand University (MDU) and Kurukshetra University (KUK).The programme was conducted under the able guidance of Prof. Santosh Nandal, Professor of Economics, MDU Rohtak and State Coordinator of the initiative. Delivering the keynote address, Prof. Sunil Kumar, Department of Sociology, Kurukshetra University, elaborated on the socio-economic implications of the Act.Dr. Priya Sharma (Organising Secretary) played a key role in the effective coordination and smooth conduct of the programme. In her address, Prof. Santosh Nandal remarked, This Act is not merely a tribute to women’s power but a strong foundation for nation-building. She further highlighted that the provision will remain effective for 15 years, with the possibility of extension by Parliament, and emphasized the need for capacity buildin...

चंडीगढ़ विश्वविद्यालय इस वर्ष देगा 250 करोड़ की स्कॉलरशिप

 Indiknow, रोहतक।  चंडीगढ़ विश्वविद्यालय के फाउंडर कुलपति एवं फिलवक्त कुलाधिपति के सलाहकार डॉ आर एस बावा ने बताया कि इस वर्ष विश्वविद्यालय की ओर से विद्यार्थियों को 250करोड़ रुपए की स्कॉलरशिप दी जाएगी। इसके लिए इस सत्र में एडमिशन लेने वाले विद्यार्थियों को विश्वविद्यालय की वेबसाइट के माध्यम से रजिस्ट्रेशन करवाकर टेस्ट देना होगा। इस टेस्ट में विद्यार्थियों की योग्यता के आधार पर उन्हें स्कॉलरशिप दी जाएगी। ये स्कॉलरशिप शतप्रतिशत तक हो सकती है। उन्होंने स्कॉलरशिप प्राप्ति संबंधी अन्य नियमों की भी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि  इस 250 करोड़ की स्कॉलरशिप में से 200 करोड़ की राशि चंडीगढ़ विश्वविद्यालय मोहाली के लिए और शेष 50 करोड़ की राशि चंडीगढ़ विश्वविद्यालय उत्तरप्रदेश के लिए आबंटित की गई है। गत वर्ष यह राशि क्रमशः 170 करोड़ व 30 करोड़ रुपए थी।