Indiknow, रोहतक । एससी/एसटी एम्प्लॉयीज वेलफेयर एसोसिएशन, पीजीआईएमएस द्वारा पंडित भगवत दयाल शर्मा स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय के स्वर्ण जयंती सभागार में भारत रत्न बाबा साहेब डॉ भीमराव अंबेडकर जी की 135वीं जयंती समारोहपूर्वक मनाई गई। इस अवसर पर कुलपति डॉ एच के अग्रवाल मुख्य अतिथि के तौर पर उपस्थित रहे। विशिष्ट अतिथि के रूप में पीजीआईएमएस के निदेशक डॉ एस के सिंघल, डीन डॉ अशोक चौहान, चिकित्सा अधीक्षक डॉ कुंदन मित्तल एवं डीन छात्र कल्याण डॉ सविता सिंघल भी कार्यक्रम में शामिल हुईं।
कुलपति डॉ एच के अग्रवाल ने कहा कि आज हम एक ऐसे महान व्यक्तित्व को नमन करने के लिए एकत्रित हुए हैं, जिन्होंने न केवल भारत के संविधान का निर्माण किया, बल्कि सामाजिक न्याय, समानता और मानवाधिकारों की मजबूत नींव रखी। डॉ अंबेडकर का जीवन संघर्ष, शिक्षा और संकल्प का अद्वितीय उदाहरण है। एक साधारण परिवार में जन्म लेकर उन्होंने असाधारण उपलब्धियाँ हासिल कीं। कठिन परिस्थितियों के बावजूद उन्होंने शिक्षा को अपना सबसे बड़ा हथियार बनाया।
डॉ अग्रवाल ने कहा कि डॉ अंबेडकर ने कहा था- शिक्षित बनो, संगठित रहो और संघर्ष करो। यह संदेश आज भी उतना ही प्रासंगिक है। एक स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय के रूप में हमारा दायित्व है कि हम ऐसे संवेदनशील नागरिक तैयार करें जो समाज के हर वर्ग के प्रति समान भाव रखें। हमें सुनिश्चित करना होगा कि स्वास्थ्य सेवाएँ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुँचें। डॉ अंबेडकर का सपना एक ऐसे भारत का था जहाँ जाति, धर्म, लिंग या आर्थिक स्थिति के आधार पर कोई भेदभाव न हो। निदेशक डॉ एस के सिंघल ने कहा कि महापुरुषों का जीवन किसी समाज से नहीं बंधा होता। सदियों में ऐसे अवतार जन्म लेते हैं फिर ये अमर हो जाते हैं। आज समाज का स्वरूप देख रहे हैं। अच्छा देखें, उसी में सुख है। हमारे आसपास अच्छाई और बुराई दोनों होती हैं, सिर्फ अच्छाई देखें।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए डीन डॉ अशोक चौहान ने कहा कि डॉ अग्रवाल मेरे सहपाठी रहे हैं, उनके साथ रहा हूं। ये बाबा साहेब के ही विचारों का असर है कि हम आज यहां बैठे हैं। जब डॉ अंबेडकर पैदा हुए उस समय सामाजिक व्यवस्था क्या थी, हर कोने में जीवन के हर अवसर पर गैर बराबरी तरीके से अवलोकन किया जाता था। लेकिन डॉ अंबेडकर की शख्सियत ऐसी थी, उन्होंने निराशा को अपने ऊपर हावी नहीं होने दिया। डॉ अशोक चौहान ने कहा कि जब बाबा साहेब को कक्षा के अंदर बैठने का अवसर मिला तो वो किसी से पीछे नहीं रहे और पूरे देश का नाम रोशन किया। कोलंबिया यूनिवर्सिटी में बाबा साहेब को सबसे श्रेष्ठ स्थान पर रखा जाता है। उनके क्रांतिकारी विचारों ने समाज को सोचने के लिए मजबूर किया, उसी सोच का नतीजा है कि आज हम सब यहां पहुंचे हैं। बाबा साहेब ने अपने लिए कभी कुछ नहीं किया, उन्होंने हमेशा सारे समाज को बराबर मान कर काम किया। डीन छात्र कल्याण डॉ सविता सिंघल ने कहा कि विद्यार्थियों को बाबा साहेब के जीवन से प्रेरणा लेकर समाज में सकारात्मक बदलाव लाना चाहिए। एससी/एसटी एसोसिएशन के प्रधान अशोक कांगड़ा ने सभी अतिथियों का आभार व्यक्त किया और कहा कि एसोसिएशन बाबा साहेब के विचारों को जन-जन तक पहुंचाने के लिए निरंतर कार्य करती रहेगी।
मंच का संचालन के के हंस ने किया। एसोसिएशन के महासचिव धर्मेंद्र गोठवाल, उप प्रधान इंदु प्रभा व राकेश कुमार ने सयुंक्त रूप से बताया कि अभिनव टोली की लड़कियों ने संविधान को लेकर नृत्य की प्रस्तुति दी। अभिनव टोली पिछले ग्यारह सालों से प्रवासी व गरीब बच्चों को निशुल्क पढ़ाती है। इस अवसर पर चिकित्सा अधीक्षक डॉक्टर कुंदन मित्तल, सेक्रेटरी संजीव कुमार,आर के रंगा, कुलदीप सिंह, डॉ प्रियंका, डॉ वंदना, डॉ सोनिया दहिया, डॉ सुधा, डॉ अनुपमा, विनोद चहल,तारीफ सिंह,संजय , अजीत कुमार, सुषमा, मुकेश खटक पवन,गुरुमुख सहित कार्यक्रम में बड़ी संख्या में चिकित्सक, कर्मचारी और विद्यार्थी उपस्थित रहे।

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