Indiknow, रोहतक। स्वर्गीय हरीश रानी मग्गू, जिनका 2 अप्रैल 2026 को निधन हो गया था, उनके परिजनों ने उनके पार्थिव शरीर को पीजीआईएमएस के एनाटॉमी विभाग में विद्यार्थियों की रिसर्च हेतु दान करके मानवता के लिए एक प्रेरणादायक उदाहरण पेश किया है। उनके इस महान कार्य ने चिकित्सा विज्ञान को आगे बढ़ाने में एक महत्वपूर्ण योगदान दिया है। यह कहना है पंडित भगवत दयाल शर्मा स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ एच के अग्रवाल का।
इस अवसर पर कुलपति डॉ. एच.के. अग्रवाल ने कहा कि स्वर्गीय हरीश रानी मग्गू का उनके परिजनों द्वारा नश्वर शरीर दान करना एक महान कार्य है, जो मानवता के लिए एक प्रेरणा है। उन्होंने कहा कि अंगदान और शरीर दान जैसे कार्यों से ही हम दूसरों की जिंदगी में रोशनी ला सकते हैं। डॉ. अग्रवाल ने आगे कहा कि हम स्व मग्गू के परिवार के सदस्यों को धन्यवाद देते हैं जिन्होंने उनकी इस इच्छा को पूरा किया। उनके इस नेक कार्य से छात्रों को रिसर्च के लिए काफी फायदा मिलेगा । डॉ अग्रवाल ने आमजन से अपील करते हुए कहा कि हम सभी अंगदान और शरीर दान जैसे कार्यों में आगे आएं और मानवता की सेवा करें। उन्होंने कहा कि इस नेक कार्य में एनजीओ बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं
उन्होंने बताया कि अंगदान के लिए कोई भी इच्छुक व्यक्ति चिकित्सा अधीक्षक कार्यालय स्थित स्टेट ऑर्गन एंड टिशु ट्रांसप्लांट आर्गेनाइजेशन के 17 नंबर के बारे में संपर्क कर सकता है। बॉडी डोनेशन के इंचार्ज डॉ कमल ने बताया कि इस पुण्य कार्य के लिए गुलशन उप्पल को डॉ अग्रवाल ने एक पौधा भेंट कर सम्मानित किया तथा स्वर्गीय आत्मा को श्रद्धांजलि अर्पित की। स्वर्गीय श्रीमती मग्गू के बहनोई और पंजाबी विकास सभा रोहतक के महासचिव गुलशन उप्पल ने बताया कि उन्होंने अपने जीवनकाल में ही मानवता के प्रति अटूट प्रेम और चिकित्सा विज्ञान की सेवा हेतू अपने नश्वर शरीर को दान करने का संकल्प लिया था। उनकी इस मन की इच्छा का सम्मान करते हुए आज उनके पार्थिव शरीर को पीजीआईएमएस रोहतक को समर्पित किया गया।
गुलशन उप्पल ने बताया कि श्रीमती मग्गू का कुलपति डॉ. एच.के. अग्रवाल के प्रति विशेष विश्वास था क्योंकि वे पिछले 40 वर्षों से डॉ अग्रवाल से अपना इलाज करवा रही थी और उनके द्वारा मरीजों के प्रति समर्पण भाव से काफी प्रभावित थी इसलिए डॉ अग्रवाल से प्रेरित होकर ही उन्होंने संस्थान में मरणोपरांत अपना शरीर दान करने की इच्छा जताई थी। उन्होंने कहा कि श्रीमती मग्गू ने वर्ष 2020 में यह इच्छा व्यक्त की थी कि मृत्यु उपरांत उनका शरीर पीजीआई, रोहतक को दान किया जाए ताकि चिकित्सा शिक्षा प्राप्त कर रहे विद्यार्थियों को लाभ मिल सके।
इस अवसर पर एनाटॉमी विभाग अध्यक्ष डॉ सुरेश कांता राठी ,डॉ संजय गुप्ता, पंजाबी विकास सभा रोहतक के महासचिव गुलशन उप्पल एवं प्रधान अनिल भाटिया स्वयं उपस्थित रहे।

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