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एआई एनेस्थीसिया में निभा सकता है महत्वपूर्ण भूमिका : कुलपति डॉ एच के अग्रवाल


Indiknow, रोहतक। पंडित भगवत दयाल शर्मा स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय में चल रही तीन दिवसीय आईएसएसीओएन कॉन्फ्रेंस का शनिवार को कुलपति डॉ एच के अग्रवाल ने दीप प्रज्वलित करके वंदे मातरम गीत के साथ औपचारिक रूप से शुभारंभ किया। कुलपति डॉ एच के अग्रवाल ने कहा कि खुशी है कि इतने अच्छे टॉपिक पर इंस्टीट्यूट में यह कॉन्फ्रेंस हो रही है। एनेस्थीसिया विभाग बहुत महत्वपूर्ण विभाग होता है अस्पताल में और पेरिऑपरेटिव मैनेजमेंट में मदद करता है। एआई में एनेस्थीसियोलॉजी बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। डॉ अग्रवाल ने कहा कि आज सभी का यहां ज्ञान बढ़ेगा। हम स्वास्थ्य देखभाल उपचार प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। इस कॉन्फ्रेंस के लिए डॉ एस के सिंघल और डॉ सुशीला तक्षक की टीम बधाई की पात्र है।

निदेशक डॉ एस के सिंघल ने कहा कि पूरे विभाग ने काफी सहयोग किया है। पहले दिन 10 वर्कशॉप्स का आयोजन किया गया, जिसमें देश-विदेश की जानी-मानी फैकल्टी ने हिस्सा लिया। उन्होंने कहा कि यह प्लेटफॉर्म अपने रिसर्च को दिखाने के लिए बहुत ही अच्छा है। डॉ सिंघल ने बताया कि  कॉन्फ्रेंस में 200 पेपर प्रस्तुत किए गए, जिसे स्टूडेंट्स के साथ फैकल्टी ने भी प्रस्तुत किया। आज अलग-अलग जगह लेक्चर किए गए। 600 डेलीगेट्स का रजिस्ट्रेशन किसी भी जोनल कॉन्फ्रेंस में होना रिकॉर्ड है।

नेशनल प्रेसिडेंट आईएसएसीओएन डॉ नवीन मल्होत्रा ने कहा कि खुशी है कि उनके अपने कॉलेज में इस कॉन्फ्रेंस में शामिल होकर। उन्होंने कहा कि हरियाणा अपनी आवभगत के लिए जाना जाता है। इस अवसर पर एक सोविनियर भी लॉन्च किया गया। आईजेए आईएसए रिसर्च मॉड्यूल का भी अनावरण किया गया। सुरक्षा स्कीम फॉर आईएसए सदस्यों के लिए 10 लाख का बीमा फ्री में किया गया। पंचकुला स्टेट ब्रांच की भी ऑनलाइन शुरुआत की गई। डॉ सुशीला तक्षक ने कार्याक्रम के अंत में सभी का धन्यवाद व्यक्त किया। डॉ सुशीला तक्षक ने बताया कि एनेस्थीसिया डिपार्टमेंट की प्राथमिकता मरीजों की सेफ्टी रहता है।

इस कॉन्फ्रेंस में देश-विदेश के कई जाने-माने डॉक्टरों ने हिस्सा लिया और अपने अनुभव साझा किए। कॉन्फ्रेंस के दौरान कई सत्र आयोजित किए गए, जिसमें एनेस्थीसियोलॉजी से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की गई। कॉन्फ्रेंस के आयोजकों ने बताया कि इस तरह के आयोजन से एनेस्थीसियोलॉजी के क्षेत्र में नई तकनीकों और उपचारों के बारे में जानकारी मिलती है, जिससे मरीजों को बेहतर उपचार प्रदान किया जा सकता है। डॉ कीर्ति ने बताया कि कार्यक्रम में डॉ आर सी अग्रवाल, डॉ बी राधाकृष्णन, डॉ दीपक माविया, डॉ ब्रिगेडियर टी प्रभाकर, डॉ एसएससी चक्र राव, डॉ ए एस कामो राव, डॉ मुरलीधर जोशी, डॉ गणेश प्रभु, बलवीर छाबड़ा, डॉ मीनाक्षी सुंदरम, डॉ राजीव गुप्ता, डॉ मधुरी, डॉ राकेश गर्ग, डॉ इंद्राणी, डॉ रमा कृष्ण रेड्डी, डॉ बलजीत सिंह, डॉ रविन्द्र कुमार, डॉ चंद्र शेखरन, डॉ हीना सुनील, डॉ दीवान, डॉ सुजाता घोष, डॉ तनवीर, डॉ पारुल, डॉ मंजूषाह को विशेष तौर पर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर कुलसचिव डॉ रूप सिंह, डीन डॉ अशोक चौहान, डीन अकादमिक अफेयर्स डॉ एम जी वशिष्ठ, डॉ सविता सिंघल, डॉ सुशीला तक्षक,डॉ प्रशांत कुमार,डॉ टीना, डॉ कीर्ति, डॉ राजमाला, डॉ जतिन, डॉ अंजु, डॉ प्रियंका, डॉ रेणु, डॉ संजय जौहर सहित सैकड़ों चिकित्सक उपस्थित रहे।

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