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डॉ. सविता सिंघल की पुस्तक का चिकित्सा जगत में रहेगा अहम योगदान : कुलपति डाॅ.एच.के. अग्रवाल


Indiknow, रोहतक। पंडित भगवत दयाल शर्मा स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय के स्त्री रोग विभाग की यूनिट हेड डॉक्टर सविता सिंघल द्वारा लिखी गई पुस्तक पीडियाट्रिक एंड एडोलिसेंट गायनेकोलॉजी का बुधवार को कुलपति डॉक्टर एच.के. अग्रवाल, निदेशक डॉक्टर एस के सिंघल और चिकित्सा अधीक्षक डॉक्टर कुंदन मित्तल ने विमोचन किया। स्त्री रोग विभाग की यूनिट हेड और डीन छात्र कल्याण डॉ सविता सिंघल ने बताया कि वह इस पुस्तक की एडिटर हैं और डॉ मोनिका दलाल को-एडिटर हैं। उन्होंने बताया कि इस पुस्तक में बाल्यावस्था और युवावस्था में लड़कियों के सामने आने वाली सभी स्त्री रोग विभाग की समस्याओं के बारे में लिखा गया है। डॉ सविता सिंघल ने बताया कि बाॅल्य और युवा अवस्था में लड़कियों को काफी सारी स्त्री रोग से विभाग से संबंधित समस्याएं आती हैं, तो ऐसे में इस पुस्तक के अंदर विस्तार से बताया गया है कि उसका क्या कारण हो सकता है और नई तकनीक से उसका क्या इलाज संभव है इसके बारे में सभी विस्तार से जानकारी उपलब्ध इस पुस्तक में करवाई गई है। डॉ सविता सिंघल ने कहा कि अक्सर लड़कियों को हार्मोन से संबंधित समस्याओं की समस्या रहती है जैसे पीसीओडी आदि तो उसके बारे में भी इस पुस्तक में विस्तार से वर्णन किया गया है, वहीं इसके निदान की भी विधियां बताई गई हैं। डॉ सविता सिंघल ने बताया कि जो विद्यार्थी एमबीबीएस कर रहे हैं उनको नेशनल मेडिकल काउंसिल के हिसाब से ओएसकी डाला गया है जो की काफी मददगार होता है।

सहायक लेखक डॉ मोनिका दलाल ने बताया कि इस पुस्तक की प्रस्तावना एम्स नई दिल्ली के पूर्व विभाग अध्यक्ष डॉ जे बी शर्मा ने की है। उन्होंने बताया कि यह पुस्तक स्त्री रोग विभाग की समस्याओं के बारे में विस्तार से जानकारी प्रदान करती है और इसका उद्देश्य युवावस्था में लड़कियों को होने वाली समस्याओं के बारे में जागरूक करना है। कुलपति डॉ एचके अग्रवाल ने डॉ सविता सिंघल और डॉ मोनिका दलाल को बधाई देते हुए कहा यह पुस्तक चिकित्सा जगत में एक महत्वपूर्ण योगदान है। यह पुस्तक युवावस्था में लड़कियों को होने वाली समस्याओं के बारे में जागरूक करने में मदद करेगी। डाॅ. अग्रवाल ने कहा कि हमारे संस्थान के चिकित्सकों द्वारा पुस्तक लिखना विश्वविद्यालय के लिए गर्व की बात है। उन्होंने कहा कि हमें अपने अनुभवों को अवश्य प्रकाशित करवाना चाहिए। निदेशक डॉ. एस.के सिंघल ने कहा, डॉ. सविता सिंघल की यह पुस्तक स्त्री रोग विभाग में एक महत्वपूर्ण संसाधन होगी। यह पुस्तक चिकित्सा छात्रों और पेशेवरों के लिए बहुत उपयोगी साबित होगी। डाॅ. सिंघल ने बताया कि डाॅ. सविता और डाॅ. मोनिका की पुस्तक एमबीबीएस, एमडी, नर्सिंग, जनरल प्रैक्टिशनर और पैरामेडिकल के लिए काफी ज्ञानवर्धक साबित होगी। इस अवसर पर चिकित्सा अधीक्षक डाॅ. कुंदन मित्तल, डाॅ. रमेश वर्मा, डॉ मिनाक्षी, डॉ कृष्णा, डॉक्टर नीतू ,डॉक्टर अंजली भी उपस्थित रहे।

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