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समर्पण दिवस पर पं. दीनदयाल उपाध्याय जी को श्रद्धांजलि, संगठन विस्तार एवं सेवा कार्यों का लिया संकल्प



Indiknow, गाजियाबाद। भारतीय जनता पार्टी, गाजियाबाद महानगर द्वारा महानगर अध्यक्ष मयंक गोयल के नेतृत्व में एकात्म मानववाद के प्रणेता एवं भारत रत्न परम पूज्य पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी की पुण्यतिथि के अवसर पर “समर्पण दिवस” कार्यक्रम का आयोजन कवि नगर रामलीला मैदान के श्रीजानकी भवन में किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ पं. दीनदयाल उपाध्याय जी के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर किया गया। कार्यक्रम में मौजूद सभी पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं ने उनके चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धा-सुमन अर्पित किए। उपस्थित कार्यकर्ताओं ने उनके विचारों को आत्मसात करते हुए समाज की अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक विकास की धारा पहुंचाने का संकल्प लिया। मुख्य अतिथि ने सभी के साथ पंडित जी के जीवन दर्शन पर आयोजित प्रदर्शनी का अवलोकन किया। उपस्थित जनों ने भी प्रदर्शनी का अवलोकन कर उनके जीवन, कृतित्व एवं विचारों की जानकारी प्राप्त की।

इस अवसर पर मुख्य अतिथि एवं मुख्य वक्ता क्षेत्रीय अध्यक्ष भाजपा सतेन्द्र शिशौदिया ने अपने संबोधन में पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी के जीवन दर्शन, व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि बाल्यकाल से ही उन्होंने विपरीत परिस्थितियों में संघर्षपूर्ण जीवन व्यतीत किया, किंतु राष्ट्रसेवा का संकल्प कभी कमजोर नहीं होने दिया। उन्होंने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रचारक के रूप में कार्य करते हुए संगठन विस्तार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई तथा भारतीय जनसंघ के संस्थापक सदस्यों में अग्रणी रहे।”

उन्होंने आगे कहा कि दीनदयाल जी द्वारा प्रतिपादित ‘एकात्म मानववाद’ भारतीय चिंतन पर आधारित एक समग्र जीवन-दर्शन है, जिसे एकात्म मानव दर्शन भी कहा जाता है। इसमें व्यक्ति, समाज, प्रकृति और राष्ट्र के संतुलित एवं समन्वित विकास की परिकल्पना की गई है। उनकी कृतियाँ ‘एकात्म मानववाद’, ‘राष्ट्र जीवन की दिशा’ तथा ‘पोलिटिकल डायरी’ आज भी कार्यकर्ताओं को विचार आधारित राजनीति का मार्ग दिखाती हैं। उनका जीवन सादगी, सेवा, संगठन और सिद्धांतों के प्रति अटूट निष्ठा का प्रतीक था।

श्री शिशौदिया ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार अंत्योदय के सिद्धांत को धरातल पर उतार रही है। जन-धन योजना, उज्ज्वला योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना, आयुष्मान भारत, हर घर जल, स्वच्छ भारत मिशन तथा प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना जैसी अनेक योजनाएं दीनदयाल जी के अंत्योदय के विचार को साकार कर रही हैं। सरकार का प्रत्येक निर्णय अंतिम व्यक्ति को ध्यान में रखकर लिया जा रहा है। इस अवसर पर पूर्व महापौर आशु वर्मा ने अपने संबोधन में कहा कि अंत्योदय केवल एक नारा नहीं, बल्कि समाज के सबसे कमजोर वर्ग के उत्थान का संकल्प है। पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी का मानना था कि जब तक अंतिम व्यक्ति का उत्थान नहीं होगा, तब तक राष्ट्र का विकास अधूरा रहेगा। आज हमें सेवा और सामाजिक उत्तरदायित्व के माध्यम से अंत्योदय के इस विचार को व्यवहार में लाना होगा।

महानगर अध्यक्ष मयंक गोयल जी ने अपने वक्तव्य में कहा कि “एकात्म मानववाद या एकात्म मानव दर्शन केवल राजनीतिक विचार नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति और जीवन मूल्यों पर आधारित समग्र दृष्टि है। यह दर्शन व्यक्ति और समाज के बीच संतुलन स्थापित करते हुए समरसता, स्वावलंबन और नैतिक मूल्यों पर आधारित राष्ट्र निर्माण की प्रेरणा देता है। समर्पण दिवस हमें यह संकल्प दिलाता है कि हम संगठन की मजबूती, सेवा कार्यों के विस्तार और अंत्योदय के सिद्धांत को जीवन में उतारकर पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी के आदर्शों को आगे बढ़ाएं। उन्होंने आगामी संगठनात्मक कार्यक्रमों एवं सेवा अभियानों की रूपरेखा भी प्रस्तुत की।

कार्यक्रम में प्रमुख रूप से पूर्व अध्यक्ष बलदेव राज शर्मा, अमर दत्त शर्मा, विजय मोहन, सरदार एस.पी. सिंह,  अजय शर्मा, पूर्व विधायक रूप चौधरी, राजेश्वर प्रसाद, अनिल स्वामी, सुनील यादव, महामंत्री पप्पू पहलवान, महानगर उपाध्यक्ष बॉबी त्यागी, महानगर मंत्री गुंजन शर्मा, मीडिया प्रभारी प्रदीप चौधरी, ऋचा भदौरिया, पूनम सिंह सहित विभिन्न मंडलों के अध्यक्ष, पार्षदगण, मोर्चा पदाधिकारी एवं बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित रहे। वक्ताओं ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी के संगठनात्मक कौशल एवं राष्ट्र निर्माण में उनके योगदान पर प्रकाश डाला।

अंत में महानगर अध्यक्ष मयंक गोयल ने सभी अतिथियों एवं कार्यकर्ताओं का आभार व्यक्त करते हुए कार्यक्रम के सफल आयोजन हेतु धन्यवाद ज्ञापित किया। कार्यक्रम का संचालन बॉबी त्यागी ने किया।


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