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खरमास 14 मार्च से शुरु, जानें नियम क्या करें और क्या न करें....



Indiknow। खरमास का महीने तब आरंभ होता है जब सूर्य धनु या मीन राशि में प्रवेश करते हैं। अब 14 मार्च को सूर्य मीन राशि में गोचर करने जा रहे हैं जिससे खरमास का आरंभ हो जाएगा। खरमास के महीने के हिंदू धर्म में शुभ नहीं माना गया है। इस महीने में कोई भी शुभ और मांगलिक कार्य नहीं किया जाता है। जब भी सूर्य का गोचर धनु या मीन राशि में होता है तो खरमास आरंभ हो जाता है। खरमास के दौरान कोई भी शुभ कार्य नहीं किया जाता है। अब सूर्य का गोचर मीन राशि में होने जा रहा है। ऐसे में मार्च के महीने में फिर से खरमास का आरंभ हो रहा है।

खरमास 2026 कब से लग रहा है: सूर्य मीन राशि में 14 मार्च की मध्य रात्रि 1 बजकर 1 मिनट पर मीन राशि में प्रवेश करेंगे। इसके बाद ही खरमास का आरंभ होगा। मध्य रात्रि में सूर्य का गोचर होने से खरमास का आरंभ 15 मार्च से ही माना जाएगा। खरमास का समापन जब होगा 14 अप्रैल को होगा जब सूर्य मेष राशि में गोचर करेंगे। सूर्य सुबह में 9 बजकर 31 मिनट पर मेष राशि में पहुंचेंगे। तभी खरमास का समापन होगा।

खरमास में भूलकर भी न करें ये काम :     

1) खरमास के दौरान कोई भी शुभ कार्य नहीं किया जाता है। इस समय में विवाह, ग्रह प्रवेश आदि कार्य नहीं किए जाते हैं।

2) खरमास में नए घर का निर्माण आदि कार्य भी नहीं किया जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, ऐसा करने से घर में सुख शांति का वास नहीं हो पाता है।

3) खरमास में कोई भी नया काम शुरू नहीं करना चाहिए। ऐसा करने से जीवन में आर्थिक हानि का सामना करना पड़ता है। साथ ही काम में सफलता भी नहीं मिल पाती है।

4) खरमास में बच्चों का मुंडन आदि भी नहीं किया जाता है।

खरमास में जरूर करें ये काम :

1) खरमास में जितना हो सके जरूरतमंद लोगों की मदद करनी चाहिए। इस महीने में अपने सामर्थ्य के अनुसार जरूरतमंद लोगों को अन्न धन का दान करना चाहिए। ऐसा करने से शुभ फल की प्राप्ति होती है। साथ ही घर में कभी भी अन्न धन की कमी नहीं होती है।

2) खरमास के दौरान रोजाना सूर्यदेव को अर्घ्य देना चाहिए। ऐसा करने से सूर्यदेव की कृपा बनी रहती है। साथ ही घर परिवार में भी सुख शांति रहती है।

3) खरमास के दौरान भगवान विष्णु की पूजा रोजाना करना चाहिए। रोजाना उन्हें भोग में तुलसी के पत्ता डालकर जरुर देने चाहिए।

4) खरमास के दौरान अगर हो सके को पवित्र नदियों में स्नान करना चाहिए। ऐसा करने से पापों से मुक्ति मिलती है।

नवरात्र से पहले सूर्य की मीन संक्रांति और पंचक नहीं होंगे शुभ कार्य : 

चैत्र नवरात्र के समय खरमास की स्थिति होती है अर्थात सूर्य का गोचर देवगुरु बृहस्पति की राशि मीन में होने के कारण खरमास होता है। राजेश जैन एस्ट्रो वास्तु विशेषज्ञ अनुसार खरमास में शुभ नहीं किए जाते है, लेकिन नवरात्र में शुभ कार्य किे जाते हैं,  वैसे खरमास के समय में शुभ कार्यों को वर्जित माना गया है। हालांकि कुछ लोग इस समय शुभ कार्य करते हैं, लेकिन खरमास में इनसे बचना चाहिए। इसी कारण से विवाह मुंडन गृह प्रवेश जैसे शुभ कार्यों के लिए मुहूर्त का अभाव हो जाता है। यद्यपि कि नवरात्र को शुभ मानते हुए कुछ लोग नए कार्य का आरंभ कर देते हैं परंतु विवाह मुंडन गृह प्रवेश जैसे कार्यों को करने से बचना चाहिए क्योंकि परिणाम में नकारात्मकता आ सकती है। इसके साथ ही *पंचांग के अनुसार 16 मार्च को शाम 6 बजकर 14 मिनट से पंचक भी शुरू हो रहे हैं। पंचक 20 मार्च को खत्म होंगे। इसलिए इस दौरान चैत्र नवरात्रि की शुरुआत भी 19 मार्च को पंचक में होगीष पंचक में भी शुभ कार्यों को करने की मनाही होती है।"

 "नवरात्र अपने आप में एक सिद्ध और शुभ अवधि है, जिस पर खरमास का कोई नकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ता। बल्कि, इस समय की गई पूजा-अर्चना और दान-पुण्य का फल दोगुना मिलता है। इसलिए, आप बिना किसी डर के व्रत रख सकते हैं और घटस्थापना कर सकते हैं।"

 "नवरात्र होने के बावजूद, खरमास के दौरान नया कारोबार शुरू करने या बड़ी प्रॉपर्टी खरीदने से बचना चाहिए। इस दौरान सगाई या शादी की तारीख पक्की न करें। इसे खरमास खत्म होने तक टाल दें। इस दौरान प्याज, लहसुन और मांस का सेवन न केवल धार्मिक बल्कि सेहत के लिहाज से भी नुकसानदेह होगी। इस दौरान किसी का अपमान गलती से भी न करें, वरना मां दुर्गा नाराज हो सकती है।"

खरमास समाप्त होने के बाद अप्रैल से फिर शुरू होगा विवाह का दौर शुरू होगा। पंचांग के अनुसार विवाह की शुभ तिथि : 

अप्रैल : 17, 20, 26 और 30

मई : 1, 6, 8, 10 और 13

जून : 19, 24, 25, 26, 28 और 29

जुलाई : 1, 2, 3, 6, 9 और 12 जुलाई

हिंदू पंचांग और ज्योतिष में सूर्य के राशि परिवर्तन को संक्रांति कहा जाता है। जब सूर्य एक राशि से निकलकर दूसरी राशि में प्रवेश करते हैं तो उसे संक्रांति कहा जाता है। हर संक्रांति का अपना अलग महत्व होता है, लेकिन मीन संक्रांति को विशेष माना जाता है, क्योंकि इसी समय से एक ऐसा काल शुरू होता है जिसमें कई मांगलिक कार्यों को करने की मनाही होती है। ज्योतिष मान्यताओं के अनुसार मीन संक्रांति के बाद लगभग एक महीने तक विवाह, गृह प्रवेश, मुंडन या अन्य शुभ कार्य नहीं किए जाते है।

मीन संक्रांति से क्यों बंद हो जाते हैं शुभ कार्य?

ज्योतिष के अनुसार सूर्य को ऊर्जा, तेज और मांगलिक कार्यों का प्रमुख कारक माना जाता है, लेकिन जब सूर्य मीन राशि में प्रवेश करते हैं तो उनकी गति और प्रभाव धीमा जाता है। इसी वजह से इस अवधि को खरमास या मलमास कहा जाता है। इसके साथ ही धनु राशि भी गुरु की ही राशि है। यही कारण है कि साल में दो बार खरमास पड़ता है। पहली बार मीन राशि में और दूसरी बार धनु राशि में सूर्य के गोचर से खरमास लगता है। माना जाता है कि इस समय सूर्य की ऊर्जा कम प्रभावी होती है, इसलिए इस दौरान विवाह, गृह प्रवेश, नया व्यवसाय शुरू करना या कोई बड़ा मांगलिक कार्य करने से बचना चाहिए। हालांकि इस समय पूजा-पाठ, जप और दान जैसे धार्मिक कार्य करना शुभ माना जाता है।

क्या है इसकी पौराणिक कथा?

मीन संक्रांति और खरमास को लेकर एक पौराणिक कथा भी प्रचलित है। मान्यता है कि सूर्य देव का रथ सात घोड़े खींचते हैं। लगातार यात्रा करने की वजह से जब ये घोड़े थक जाते हैं तो सूर्य देव उनके स्थान पर कुछ समय के लिए गधों को रथ में जोड़ देते हैं। गधों की गति घोड़ों की तुलना में धीमी मानी जाती है, इसलिए इस समय सूर्य की चाल भी मंद मानी जाती है। इसी कारण इस अवधि को खरमास कहा जाता है। एक महीने बाद सूर्य देव के रथ में वापस घोड़े जुड़ जाते हैं।

कब खत्म होगा यह समय?

मीन संक्रांति से शुरू होने वाला खरमास लगभग एक महीने तक चलता है। जब सूर्य मीन राशि से निकलकर मेष राशि में प्रवेश करते हैं, तब यह अवधि समाप्त हो जाती है और उसके बाद फिर से विवाह और अन्य शुभ कार्य शुरू हो जाते हैं।

दान-पुण्य के लिए विशेष महत्व : 

धार्मिक दृष्टि से खरमास को अत्यंत पुण्यदायी समय माना जाता है। इस दौरान भगवान विष्णु की पूजा, मंत्र जाप, यज्ञ, दान और तीर्थ स्नान का विशेष महत्व बताया गया है। मान्यता है कि इस अवधि में किए गए दान-पुण्य और धार्मिक कार्यों का फल कई गुना अधिक मिलता है। इसलिए लोग इस समय पूजा-पाठ, व्रत और सेवा कार्यों पर अधिक ध्यान देते हैं। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार वृष, मिथुन, कन्या, तुला, धनु और मीन लग्न को विवाह के लिए शुभ माना जाता है। वहीं अश्विनी, रोहिणी, मृगशिरा, मघा, चित्रा, स्वाति, हस्त, अनुराधा और उत्तरा फाल्गुनी जैसे नक्षत्र विवाह संस्कार के लिए अनुकूल माने जाते हैं।

सूर्य का मीन राशि मे गोचर का राशिवार असर और उपाय :  

सूर्य का मीन राशि में गोचर: वैदिक ज्योतिष में सूर्य ग्रहों का राजा माना गया है। यह एक शक्तिशाली, तेज और पुरुष स्वभाव वाला ग्रह है। अब सूर्य 14 मार्च 2026 की रात 12 बजकर 41 मिनट पर मीन राशि में गोचर करेंगे। सूर्य लगभग हर महीने अपनी राशि बदलता है, जिससे ऊर्जा और प्रभाव में बड़ा बदलाव देखने को मिलता है। आइए जानते हैं राजेश जैन एस्ट्रो वास्तु कंसल्टेंट से इस लेख में हम सूर्य का मीन राशि में गोचर के प्रभावों के बारे में। मीन राशि के स्वामी गुरु ग्रह हैं, जो ज्ञान और बुद्धि का प्रतीक माने जाते हैं। इसलिए मीन राशि में सूर्य का गोचर काफी महत्वपूर्ण माना जाता है। सूर्य का मीन राशि में गोचर 14 मार्च 2026 को होने जा रहा है।

जब सूर्य अपनी ही मूल त्रिकोण राशि सिंह में होता है, तो यह बहुत अच्छे और सकारात्मक परिणाम देते हैं। वहीं जब सूर्य मंगल ग्रह की राशि मेष में जाते हैं, तो वह उच्च का होकर पूरी शक्ति, आत्मविश्वास और साहस दिखाता है। सूर्य स्वाभाविक रूप से सिंह राशि और पांचवें भाव के स्वामी है। पंचम भाव रचनात्मकता, संतान, बुद्धि और आध्यात्मिक झुकाव से जुड़ा होता है। आगे के भाग में हम इस गोचर से जुड़े अच्छे और चुनौतीपूर्ण दोनों तरह के प्रभावों पर विस्तार से बात करेंगे, ताकि आप समझ सकें कि यह गोचर आपके जीवन के अलग-अलग क्षेत्रों को कैसे प्रभावित कर सकता है।

मेष राशि  के जातकों के लिए सूर्य पांचवें भाव के स्वामी हैं और सूर्य का मीन राशि में गोचर आपके बारहवें भाव में होगा। यह गोचर इस दौरान आशंका है कि आपको भाग्य का पूरा साथ न मिले। फायदे की जगह कुछ मामलों में नुकसान ज्यादा हो सकता है। करियर की बात करें तो, नौकरी में काम का दबाव बढ़ सकता है। आप जॉब बदलने के बारे में सोच सकते हैं, ताकि आगे चलकर बेहतर तरक्की मिल सके।आर्थिक रूप से इस समय बड़ा नुकसान होने की आशंका है और इसकी वजह आपकी लापरवाही भी हो सकती है। इसलिए पैसों के मामलें बहुत सावधान रहना जरूरी है। अगर आप बिजनेस, खासकर ट्रेड या व्यापार से जुड़े हुए हैं, तो नुकसान की संभावना ज़्यादा रहेगी। सामान्य बिज़नेस करने वालों को भी इस दौरान भारी घाटा झेलना पड़ सकता है, इसलिए हर फैसला सोच-समझकर लें।निजी जीवन की बात करें तो जीवनसाथी के साथ अच्छे पल बिताने में कमी आ सकती है। रिश्ते में दूरी या गलतफहमियां बढ़ सकती हैं, जिसकी वजह से आप भावनात्मक रूप से थोड़ा अलग-थलग महसूस कर सकते हैं। सेहत के मामले में भी यह समय अनुकूल नहीं कहा जाएगा। खासकर जांघों और पैरों में दर्द या थका महसूस हो सकती है।

उपाय- रविवार के दिन सूर्य ग्रह के लिए यज्ञ या हवन करना शुभ रहेगा।

वृषभ राशि  के जातकों के लिए सूर्य चौथे भाव के स्वामी हैं और सूर्य का मीन राशि में गोचर आपके ग्यारहवें भाव में होगा। इस गोचर के कारण आपके सुख-सुविधाओं में बढ़ोतरी हो सकती है और जीवन में खुशी का स्तर बढ़ेगा। इस दौरान आप अपने परिवार के सदस्यों के साथ अच्छे रिश्ते बनाए रख पाएंगे और घर का माहौल भी सकारात्मक रहेगा। करियर के लिहाज से यह समय काफी अच्छा रहेगा।आपको नई नौकरी के अवसर मिल सकते हैं, जिससे आपको संतुष्टि और खुशी महसूस होगी। आर्थिक रूप से यह सूर्य गोचर आपके लिए तरक्की भरा रहेगा। आपकी आय में बढ़ोतरी हो सकती है और आप अच्छी कमाई करके अपने जीवन को और बेहतर बना पाएंगे। बिज़नेस की बात करें तो आपको अच्छा मुनाफ़ा मिलने की संभावना है। आप अपने प्रतिद्वंद्वियों को कड़ी टक्कर देंगे और आपकी बिज़नेस स्ट्रेटेजी दूसरों से अलग और असरदार रहेगी। निजी जीवन में आप अपने जीवनसाथी के साथ खुलकर और साफ़ बातचीत करेंगे, जिससे रिश्ते में और ज़्यादा खुशहाली आएगी। सेहत के मामले में भी यह समय अच्छा रहेगा। आपकी इम्यूनिटी मजबूत रहेगी, जिससे छोटी-मोटी स्वास्थ्य समस्याएं ही रहेंगी।

उपाय - शुक्रवार के दिन माता लक्ष्मी के लिए यज्ञ या हवन करना शुभ रहेगा।

मिथुन राशि  के जातकों के लिए सूर्य तीसरे भाव के स्वामी हैं और सूर्य का मीन राशि में गोचर आपके दसवें भाव में होगा। यह सूर्य गोचर आपके जीवन में तरक्की और खुशियाँ लेकर आ सकता है। करियर के सिलसिले में आपको ज़्यादा यात्रा करनी पड़ सकती है। करियर के मामले में आप तेज़ी से आगे बढ़ेंगे और अच्छे परिणाम मिलेंगे। आपको अच्छी कमाई, इंसेंटिव और मुनाफ़े के मौके मिल सकते हैं। बिज़नेस करने वालों के लिए यह समय बेहद अच्छा रहेगा। आप अच्छा मुनाफ़ा कमाएंगे और अपने प्रतिद्वंद्वियों को कड़ी टक्कर देंगे।आर्थिक रूप से यह समय आपको पूरा संतोष देगा। आपकी आमदनी बढ़ेगी और पैसों को लेकर मन खुश रहेगा। निजी जीवन की बात करें तो जीवनसाथी के साथ आपका रिश्ता और मज़बूत होगा। आप दोनों के बीच बेहतर समझ और गहरा जुड़ाव देखने को मिलेगा। सेहत के मामले में भी आप अच्छा महसूस करेंगे। आपके अंदर हिम्मत, आत्मविश्वास और जोश बना रहेगा, जिससे आप खुद को ऊर्जावान पाएंगे।

उपाय- बुधवार के दिन बुध ग्रह के लिए यज्ञ या हवन करना शुभ रहेगा।

कर्क राशि  के जातकों के लिए सूर्य दूसरे भाव के स्वामी हैं और सूर्य का मीन राशि में गोचर आपके नौवें भाव में होगा। इस वजह से आपका झुकाव धार्मिक और आध्यात्मिक बातों की ओर ज्यादा बढ़ सकता है। आप आध्यात्मिक विषयों पर ज्यादा बातें करेंगे और इससे जुड़ी यात्राएं भी हो सकती हैं। करियर के क्षेत्र में आपको अच्छी प्रगति देखने को मिलेगी। आपके काम की वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा तारीफ़ होगी। कुछ लोगों को नई ऑनसाइट या बाहर काम करने के मौके भी मिल सकते हैं।आर्थिक रूप से यह समय आपके लिए लाभदायक रहेगा। आपकी आमदनी बढ़ेगी, भाग्य का साथ मिलेगा और आप पैसे बचाने में भी सफल रहेंगे। बिज़नेस करने वालों के लिए यह समय अच्छा मुनाफ़ा देने वाला है। आपकी नए और स्मार्ट बिज़नेस आइडियाज़ की वजह से आपको अच्छा लाभ मिलेगा। निजी जीवन में आप अपने जीवनसाथी से सीधी और मीठी बातचीत करेंगे, जिससे रिश्ते में प्यार और समझ बनी रहेगी। सेहत के मामले में इस समय आपको पिता की सेहत पर ज़्यादा खर्च करना पड़ सकता है, जिस वजह से मन में चिंता रह सकती है।

उपाय - रोज़ 41 बार “ॐ दुर्गायै नमः” का जाप करें।

सिंह राशि  के जातकों के लिए सूर्य पहले भाव के स्वामी हैं और इस समय सूर्य का मीन राशि में गोचर आपके आठवें भाव में होगा। इस गोचर के कारण आपके मन में असुरक्षा की भावना आ सकती है। भाग्य का साथ थोड़ा कम मिल सकता है और कुछ मामलों में काम उल्टा भी हो सकता है, जिससे मन परेशान हो सकता है। करियर की बात करें तो इस समय काम का दबाव ज़्यादा रहेगा। वरिष्ठ अधिकारियों से मतभेद या परेशानी हो सकती है, जिससे काम में मन नहीं लगेगा। व्यवसाय करने वालों के लिए यह समय थोड़ा चुनौतीपूर्ण रहेगा। मुनाफ़ा कम हो सकता है और कुछ मामलों में नुकसान भी हो सकता है, जिससे तनाव बढ़ेगा। आर्थिक स्थिति इस दौरान कमज़ोर रह सकती है। पैसे की आमदनी कम होने से स्थिरता में कमी आएगी और चिंता बनी रह सकती है। निजी जीवन में आपको अपने जीवनसाथी के साथ शांत और संयमित रहना होगा। रिश्ते में मधुरता बनाए रखने के लिए धैर्य और समझदारी ज़रूरी है। स्वास्थ्य के मामले में आपको आंखों में जलन या दर्द की समस्या हो सकती है। यह इम्युनिटी कमज़ोर होने की वजह से हो सकता है।

उपाय- रोज़ आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ करें।

कन्या राशि  के जातकों के लिए सूर्य बारहवें भाव के स्वामी हैं और सूर्य का मीन राशि में गोचर आपके सातवें भाव में होगा। इस गोचर के कारण दोस्तों के साथ मतभेद या बहस होने की संभावना है। जीवन के अलग-अलग क्षेत्रों में लाभ पाने के लिए यह समय ज्यादा सहज या अनुकूल नहीं रहेगा।करियर की बात करें तो इस दौरान मेहनत ज्यादा और परिणाम कम मिल सकते हैं। काम में पूरी कोशिश के बावजूद मनचाहा लाभ न मिलने से मन उदास रह सकता है। आर्थिक स्थिति में ज़रूरत बढ़ सकती है। ऐसे समय में आपको लोन या उधार का सहारा लेना पड़ सकता है। परिवार की जिम्मेदारियों के कारण खर्च भी ज़्यादा रहेगा।निजी जीवन में जीवनसाथी के साथ धैर्य रखना बहुत ज़रूरी होगा, क्योंकि छोटी-छोटी बातों पर तकरार हो सकती है। स्वास्थ्य के मामले में आपको अपने जीवनसाथी की सेहत पर पैसा खर्च करना पड़ सकता है, जिससे चिंता बढ़ सकती है।

उपाय- मंगलवार के दिन माँ दुर्गा के लिए यज्ञ-हवन करें।

तुला राशि  के जातकों के लिए सूर्य ग्यारहवें भाव के स्वामी हैं और सूर्य मीन राशि में गोचर आपके छठे भाव में होगा। इस कारण आपकी मेहनत का अच्छा फल मिलने की संभावना है और आपकी कई इच्छाएं पूरी हो सकती है।करियर के मामले में इस सूर्य गोचर के दौरान किए गए प्रयासों से नौकरी में अच्छी प्रगति देखने को मिल सकती है। काम को लेकर संतोष और खुशी बनी रहेगी। व्यापार से जुड़े लोगों के लिए यह समय तेजी और तरक्की लेकर आएगा। मुनाफा अच्छा रहेगा और आप अपने प्रतिस्पर्धियों को कड़ी टक्कर दे पाएंगे।आर्थिक रूप से यह समय काफी मजबूत रहने वाला है। आमदनी बढ़ेगी और आप भविष्य के लिए बचत भी कर पाएंगे, जिससे आर्थिक स्थिति और बेहतर होगी।निजी जीवन में जीवनसाथी के साथ रिश्ता मधुर रहेगा। आपसी समझ और अच्छा तालमेल बनने से रिश्ते में मजबूती आएगी।स्वास्थ्य की बात करें तो इस समय आपकी इम्यूनिटी और इच्छा शक्ति मजबूत रहेगी, जिससे आप खुद को फिट और ऊर्जावान महसूस करेंगे।

उपाय- रोज़ाना ललिता सहस्रनाम का पाठ करें।

वृश्चिक राशि  के जातकों के लिए सूर्य दसवें भाव के स्वामी हैं और सूर्य का मीन राशि में गोचर आपके पांचवें भाव में होगा। इस गोचर में आपका ध्यान काम पर ज्यादा रहेगा और आप अपने प्रोफेशन को लेकर और ज्यादा समर्पित महसूस करेंगे।करियर की बात करें तो आपकी लगातार मेहनत और मजबूत इरादों से अच्छी प्रगति हो सकती है। इस दौरान नई नौकरी के मौके मिल सकते हैं और कुछ लोगों को ऑनसाइट जॉब के अवसर भी मिल सकते हैं।व्यापार से जुड़े जातकों के लिए यह समय अच्छा मुनाफा दिलाने वाला है। व्यापार से जुड़े जातकों के लिए यह समय अच्छा मुनाफा दिलाने वाला है। लाभ मार्जिन बढ़ेगा और आप प्रतिस्पर्धा में खुद को मजबूत साबित करते हुए नए ऑर्डर हासिल कर पाएंगे।आर्थिक रूप से यह समय काफी अनुकूल रहेगा। आमदनी बढ़ेगी और बचत करने के अच्छे मौके भी मिलेंगे।निजी जीवन में जीवनसाथी के प्रति आपका व्यवहार और सकारात्मक रहेगा। प्यार और समझदारी से आप अपने पार्टनर को खुश रख पाएंगे। स्वास्थ्य की दृष्टि से आप खुद को ऊर्जावान, आत्मविश्वास से भरा और मजबूत महसूस करेंगे। आपकी इच्छा शक्ति और हिम्मत बढ़ेगी।

उपाय - मंगलवार के दिन मंगल ग्रह के लिए यज्ञ-हवन करें।

धनु राशि  के जातकों के लिए सूर्य नौवें भाव के स्वामी हैं, सूर्य का मीन राशि में गोचर आपके चौथे भाव में होगा। इस दौरान आप अपने सुख-सुविधाओं को बढ़ाने के लिए कदम उठा सकते हैं और परिवार पर ज्यादा ध्यान दे सकते हैं।करियर में, अपने काम के प्रति मेहनत और लगन के कारण आपको प्रमोशन मिल सकता है। व्यवसाय में, आप एक सफल उद्यमी बनकर उभर सकते हैं और अच्छा मुनाफा कमा सकते हैं। इस समय आप नया बिजनेस भी शुरू कर सकते हैं।आर्थिक रूप से यह समय आपके लिए अच्छा रहेगा। आपको धन लाभ होगा और आप कमाए हुए पैसे से प्रॉपर्टी खरीदने का मन बना सकते हैं।निजी जीवन में अपने जीवनसाथी के साथ आपके रिश्ते बेहतर रहेंगे। आपके अच्छे व्यवहार और समझदारी की वजह से तालमेल बना रहेगा। स्वास्थ्य के मामले में, आपकी रोग-प्रतिरोधक क्षमता, साहस और दृढ़ निश्चय के कारण सेहत अच्छी बनी रहेगी।

उपाय: रोज़ाना 21 बार “ॐ गुरवे नमः” का जाप करें।

मकर राशि  के जातकों के लिए सूर्य आठवें भाव के स्वामी हैं और सूर्य का मीन राशि में गोचर आपके तीसरे भाव में होगा। इसकी वजह से आपको पैतृक लाभ मिल सकता है और अपनी मेहनत के बल पर आगे बढ़ सकते हैं।करियर के मामले में इस समय नौकरी में बदलाव हो सकता है। काम के सिलसिले में यात्रा भी करनी पड़ सकती है और इससे तरक्की के योग बनेंगे।व्यवसाय में, अपनी मेहनत से अच्छा मुनाफा कमा सकते हैं। आप अपने बिज़नेस की रणनीति में बदलाव भी कर सकते हैं। आर्थिक रूप से, अपने प्रयासों से अच्छी कमाई होगी और ज़्यादा धन अर्जित करने के मौके मिलेंगे।निजी जीवन में, जीवनसाथी के साथ आपका तालमेल अच्छा रहेगा और रिश्ते में मधुरता बनी रहेगी।स्वास्थ्य की बात करें तो, इस समय आपकी सेहत अच्छी रहेगी, जो आपकी अच्छी रोग-प्रतिरोधक क्षमता की वजह से होगी।

उपाय: मंगलवार के दिन माँ काली के लिए यज्ञ-हवन करें।

कुम्भ राशि  के जातकों के लिए सूर्य सातवें भाव के स्वामी हैं और सूर्य का मीन राशि में गोचर आपके दूसरे भाव में होगा। इसके कारण इस समय आपको अच्छी सफलता मिल सकती है और आप नए दोस्त बनाने पर ध्यान दे सकते हैं। दोस्तों से आपको लाभ और सहयोग मिलेगा।करियर के मामले में इस दौरान आपको नौकरी के नए मौके मिल सकते हैं, जो आपको संतोष देंगे। नई जॉब के अवसर भी सामने आ सकते हैं।व्यवसाय में भी आप आगे बढ़ सकते हैं और अच्छा मुनाफ़ा कमा सकते हैं। आप अपने बिज़नेस के लिए नई योजनाएं और तरीके अपना सकते हैं। आर्थिक रूप से, इस समय आपकी आमदनी बढ़ सकती है और आप पैसे बचाने में भी सफल रहेंगे।निजी जीवन में, जीवनसाथी के साथ व्यवहार करते समय धैर्य रखने की ज़रूरत है, क्योंकि इस दौरान बहस या मतभेद होने की संभावना है।स्वास्थ्य की दृष्टि से, इस समय आपकी सेहत अच्छी रहेगी, जो आपकी अच्छी ऊर्जा और ताकत की वजह से होगी।

उपाय: मंगलवार के दिन भगवान हनुमान के लिए यज्ञ-हवन करें।

मीन राशि  के जातकों के लिए सूर्य छठे भाव के स्वामी हैं और सूर्य का मीन राशि में गोचर आपके पहले भाव में होगा। इसकी वजह से इस दौरान खर्च ज्यादा बढ़ सकते हैं और आपको कर्ज लेने की नौबत भी आ सकती है। कई बार आप खुद को परेशान या अटका हुआ महसूस कर सकते हैं।करियर के क्षेत्र में, नौकरी से जुड़ी यात्राएं ज़्यादा हो सकती हैं। बेहतर भविष्य के लिए आप नौकरी बदलने का फैसला भी कर सकते हैं, जिससे आपको संतोष मिलेगा। व्यवसाय में, इस गोचर के दौरान नुकसान होने की संभावना है। यह आपके बिज़नेस को सही तरीके से संभाल न पाने की वजह से हो सकता है।आर्थिक रूप से, इस समय खर्च अधिक रहेंगे। समय और पैसों का सही उपयोग न होने के कारण परेशानी हो सकती है।निजी जीवन में, जीवनसाथी के साथ मनमुटाव रह सकता है। तालमेल की कमी और असंतोष के कारण आप खुश महसूस नहीं करेंगे।स्वास्थ्य की बात करें तो, इस दौरान पैरों, जोड़ों और जांघों में दर्द की शिकायत हो सकती है। रोग-प्रतिरोधक क्षमता भी कमजोर रह सकती है।

उपाय: गुरुवार के दिन बृहस्पति ग्रह के लिए यज्ञ-हवन करें।


- बग्लामुखी धाम, रोहतक  


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