सनातन पंचांग
दिनांक - 16 मार्च 2026
दिन - सोमवार
विक्रम संवत 2082
शक संवत -1947
अयन - उत्तरायण
ऋतु - वसंत ॠतु
मास - चैत्र ( गुजरात-महाराष्ट्र-फाल्गुन)
पक्ष - कृष्ण
तिथि - द्वादशी सुबह 09:40 तक तत्पश्चात त्रयोदशी
नक्षत्र - धनिष्ठा 17 मार्च सुबह 06:22 तक तत्पश्चात शतभिषा
योग - शिव सुबह 09:37 तक तत्पश्चात सिद्ध
राहुकाल - सुबह 08:15 से सुबह 09:46 तक
सूर्योदय - 06:47
सूर्यास्त - 06:47
दिशाशूल - पूर्व दिशा मे
व्रत पर्व विवरण- सोमप्रदोष व्रत,पंचक (आरंभ:शाम 06:14 )
विशेष - द्वादशी को पूतिका(पोई) अथवा त्रयोदशी को बैंगन खाने से पुत्र का नाश होता है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)
सनातन पंचांग
सैकड़ो सूर्य ग्रहण का पुण्य सिर्फ एक दिन मे प्राप्त करें
वारुणी योग
17 मार्च 2026 मंगलवार को सुबह 06:22 से सुबह 09:23 तक वारुणी योग है।
वारुणी योग में गंगादि तीर्थ में स्नान, दान, उपवास 100 सूर्यग्रहणों के समान फलदायी है।

टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें