Indiknow, रोहतक। पंडित भगवत दयाल शर्मा स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय में स्वास्थ्य सेवाओं को आमजन तक पहुंचाने की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाया गया है। एलपीएस बोसार्ड कंपनी के एमडी राजेश जैन द्वारा पीजीआईएमएस के साथ पूर्णतः सुसज्जित मोबाइल मेडिकल यूनिट का कोलाब्रेशन किया गया है। इस यूनिट में दो अत्याधुनिक डेंटल चेयर्स, पोर्टेबल एक्स-रे सुविधा तथा एंडोस्कोप, एलईडी ओटोस्कोप, मिनी ऑडियोमीटर सहित अन्य आवश्यक उन्नत डायग्नोस्टिक उपकरण लगाए गए हैं। इन सुविधाओं के माध्यम से स्वास्थ्य शिविरों के दौरान दंत, ईएनटी तथा त्वचा से संबंधित रोगों की व्यापक जांच एवं उपचार प्रभावी रूप से किया जा सकेगा। एलपीएस बोसार्ड के एम.डी. राजेश जैन ने बताया कि उनकी संस्था द्वारा पूर्व से ही समाज सेवा के लिए तीन विशेष बसें समर्पित की जा चुकी हैं, जिनमें ब्लड डोनेशन बस, आई एवं जनरल हेल्थ चेक-अप बस तथा मैमोग्राफी बस शामिल हैं। उन्होंने कहा कि यह चैथी बस, जो डेंटल, ईएनटी एवं स्किन संबंधी सेवाओं के लिए अत्याधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित है, अब समाज में जाकर अपनी सेवाएं देने के लिए पूर्णतः तैयार है। जैन ने आशा व्यक्त की कि पीजीआईएमएस के सहयोग से अधिक से अधिक स्वास्थ्य और अंगदान जागरूकता शिविर आयोजित किए जाएंगे, ताकि यह स्वास्थ्य सेवाएं समाज के अधिकतम लोगों तक प्रभावी रूप से पहुंच सकें।
इस अवसर पर कुलपति डॉ. एच.के. अग्रवाल ने कहा कि पीजीआईएमएस का उद्देश्य सिर्फ परिसर में इलाज देना नहीं, बल्कि हर जरूरतमंद तक स्वास्थ्य सेवा पहुंचाना है। यह मोबाइल यूनिट हमारी उसी सोच का परिणाम है। ग्रामीण क्षेत्रों में दांत, कान-नाक-गला और त्वचा की बीमारियों से हजारों लोग परेशान रहते हैं। पैसे और समय की कमी के कारण वे बड़े अस्पताल नहीं आ पाते। अब यह बस उनके गांव में जाकर विशेषज्ञ डॉक्टरों के साथ मुफ्त जांच और शुरुआती इलाज देगी। एलपीएस बोसार्ड का यह सहयोग स्वस्थ हरियाणा के सपने को साकार करेगा। हम हर माह शिविर लगाकर ज्यादा से ज्यादा मरीजों को लाभ देंगे।
कुलसचिव डॉ. रूप सिंह ने कहा कि समाज सेवा में कॉरपोरेट जगत की भागीदारी समय की मांग है। एलपीएस बोसार्ड ने पहले भी तीन बसें देकर मिसाल पेश की थी। यह मोबाइल यूनिट हरियाणा के स्वास्थ्य नक्शे पर एक नई लकीर खींचेगी। पीजीआईएमएस प्रशासन हर शिविर में विशेषज्ञ डॉक्टर, पैरामेडिकल स्टाफ उपलब्ध कराएगा। हमारा लक्ष्य है कि कोई भी मरीज जानकारी या संसाधन के अभाव में तकलीफ न सहे। निदेशक डॉ. एस.के. सिंघल ने मरीजों को होने वाले फायदे गिनाते हुए कहा कि इस यूनिट में लगा पोर्टेबल एक्स-रे दांत की जड़ तक की बीमारी पकड़ लेगा। एंडोस्कोप से नाक-कान-गले की अंदरूनी जांच होगी। एलईडी ओटोस्कोप से बच्चों में कान के पर्दे का संक्रमण तुरंत पता चलेगा। मिनी ऑडियोमीटर से बहरेपन की शुरुआती स्टेज पकड़ में आ जाएगी। त्वचा रोगों की डिजिटल जांच से दाद, खाज, सोरायसिस जैसे रोगों का सही इलाज शुरू हो सकेगा। डॉ. सिंघल ने कहा कि शुरुआती स्टेज पर बीमारी पकड़ में आने से इलाज सस्ता, आसान और पूरी तरह कारगर होता है। मैं प्रदेशवासियों से अपील करता हूं कि शिविर की सूचना मिलते ही जांच जरूर कराएं। इस अवसर पर चिकित्सा अधीक्षक डॉ. कुंदन मित्तल, डीन छात्र कल्याण डॉ. सविता सिंघल सहित, डॉ मंजूनाथ और एलपीएस बोसार्ड के अधिकारी सन्नी उपस्थित रहे।

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