Indiknow, रोहतक: जब मानव हृदय में प्रेम की मधुर धारा अविरल प्रवाहित होती है और आत्मा एकत्व के दिव्य स्पंदन से आलोकित होती है, तभी मानवता का वास्तविक और पावन स्वरूप प्रकट होता है। यह वही स्थिति है जहाँ समस्त भेदभाव स्वतः विलीन हो जाते हैं और करुणा, समरसता तथा सार्वभौमिक भाईचारे का भाव जीवन्त हो उठता है। इसी दिव्य आध्यात्मिक चेतना को साकार करने हेतु संत निरंकारी मिशन द्वारा बाबा गुरबचन सिंह की पावन स्मृति में ‘मानव एकता दिवस’ 24 अप्रैल 2026 को श्रद्धा, समर्पण और प्रेममय वातावरण में आयोजित किया जाएगा, जो संपूर्ण मानव जाति को एकत्व, सेवा और सद्भाव का अमूल्य संदेश प्रदान करेगा।
सतगुरु माता सुदीक्षाजी महाराज एवं निरंकारी राजपिता रमितजी के पावन सान्निध्य में दिल्ली के बुराड़ी स्थित सरोवर के सम्मुख ग्राउंड नं. 2 में एक भव्य एवं दिव्य सत्संग का आयोजन किया जाएगा, जहाँ श्रद्धालु भक्त प्रेम, भक्ति और आध्यात्मिकता के अद्वितीय संगम का अनुभव करेंगे। यह पावन अवसर केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि आत्मिक जागृति का उत्सव होगा, जो प्रत्येक हृदय को ईश्वरीय एकत्व के अनुभव से जोड़ते हुए आंतरिक शांति और संतोष की अनुभूति कराएगा।
इसके साथ ही देश-विदेश की विभिन्न शाखाओं में भी श्रद्धालु भक्त एकत्रित होकर इस दिव्य सत्संग को गहन आत्मिक भाव से साकार करेंगे। इस पावन संगम के माध्यम से हर हृदय प्रेम, शांति और भाईचारे के प्रकाश से आलोकित होगा तथा मानवता की एकसूत्रता का संदेश विश्वभर में प्रसारित होगा। इसी क्रम में संत निरंकारी सत्संग भवन, सेक्टर-4, रोहतक में रक्तदान शिविर का आयोजन किया जाएगा। इसके साथ ही प्रातः सत्संग कार्यक्रम आयोजित होगा, जिसमें श्रद्धालु प्रेम, भक्ति एवं आध्यात्मिकता का अनुभव करेंगे। इस कार्यक्रम की पावन अध्यक्षता मधु विहार, दिल्ली के ज्ञान प्रचारक महात्मा श्री गगन भाटिया जी करेंगे।
संत निरंकारी मण्डल भिवानी जोन के जोनल इंचार्ज बालदेव राज नागपाल ने जानकारी देते हुए बताया कि भिवानी जोन के अंतर्गत भिवानी शहर एवं रोहतक में भी रक्तदान शिविरों का आयोजन किया जा रहा है। यह पावन दिवस बाबा गुरबचन सिंह एवं चाचा प्रताप सिंह की दिव्य स्मृति को समर्पित है, जिनका सम्पूर्ण जीवन त्याग, समर्पण और निःस्वार्थ सेवा की अद्वितीय मिसाल रहा है। उन्होंने अपने आचरण और विचारों के माध्यम से मानवता को प्रेम, विनम्रता और परोपकार का सच्चा मार्ग दिखाया। उनके दिव्य आदर्श आज भी प्रत्येक हृदय में सेवा, भक्ति और एकत्व की ज्योति प्रज्वलित करते हैं, और मानव मात्र को यह प्रेरणा देते हैं कि सच्ची साधना केवल शब्दों में नहीं, बल्कि निस्वार्थ सेवा, करुणा और आपसी भाईचारे के भाव में निहित है।
रोहतक आयोजन स्थल पर प्रातः रक्तदान शिविर गहन श्रद्धा, समर्पण और सेवा-भाव के साथ आयोजित किया जाएगा। इस पावन सेवा यज्ञ में पी.जी.आई. के अनुभवी चिकित्सक एवं इंडियन रेड क्रॉस सोसायटी की समर्पित टीम अपनी विशेषज्ञता और करुणा के साथ सेवा प्रदान करेगी, जिससे यह प्रयास मानवता के प्रति संवेदनशीलता का सजीव उदाहरण बनेगा।
रोहतक क्षेत्र के संयोजक हेमंत निरंकारी के अनुसार, संत निरंकारी चैरिटेबल फाउंडेशन के मार्गदर्शन में आयोजित इन शिविरों में हजारों श्रद्धालु निःस्वार्थ भाव से रक्तदान कर मानव जीवन की रक्षा हेतु अपना अमूल्य योगदान अर्पित करेंगे। यह सेवा न केवल जरूरतमंदों के जीवन में नई आशा का संचार करती है, बल्कि दान करने वाले के हृदय में भी आत्मिक संतोष, शांति और कृतार्थता का दिव्य अनुभव उत्पन्न करती है। उल्लेखनीय है कि संत निरंकारी मिशन रक्तदान के क्षेत्र में सदैव अग्रणी रहा है, जहाँ 4 दशकों से रक्तदान का सफल आयोजन किया जा रहा है। मिशन का स्वयं का ब्लड बैंक मुंबई में निरंतर परोपकार और सेवा-भाव के साथ अपनी अमूल्य सेवाएं प्रदान कर रहा है। विगत वर्षों में आयोजित हजारों रक्तदान शिविरों के माध्यम से अनगिनत जीवनों को नया संबल और जीवनदान प्राप्त हुआ है।
निःसंदेह, यह पुण्य प्रयास सतगुरु माता सुदीक्षाजी महाराज की दिव्य शिक्षाओं का सजीव एवं प्रेरणादायी प्रतिबिंब है, जो मानव हृदय में प्रेम, एकत्व और सह-अस्तित्व की पावन ज्योति प्रज्वलित करता है। उनकी करुणामयी प्रेरणा प्रत्येक व्यक्ति को यह अनुभूति कराती है कि सच्चा जीवन वही है, जो सेवा, विनम्रता और आपसी सद्भाव के मार्ग पर अग्रसर हो।

टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें