-डॉ अग्रवाल ने दिलवाई नशामुक्ति की शपथ
Indiknow, रोहतक । पंडित भगवत दयाल शर्मा स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. एच.के. अग्रवाल ने शनिवार को पीजीआईएमएस की चौधरी रणबीर सिंह ओपीडी में आयोजित विश्व तंबाकू निषेध दिवस कार्यक्रम में सैकड़ों आमजन, कर्मचारियों, छात्रों को नशा न करने की शपथ दिलाई। सामुदायिक चिकित्सा विभाग एवं मनोरोग विभाग के संयुक्त तत्वावधान में हुए इस कार्यक्रम में डॉ. अग्रवाल मुख्य अतिथि के तौर पर उपस्थित रहे। मंच संचालन जनसंपर्क विभाग के इंचार्ज डॉ. वरुण अरोड़ा ने किया।
कुलपति डॉ. एच.के. अग्रवाल ने शपथ दिलाते हुए कहा कि नशा इंसान के शरीर के हर हिस्से पर घातक असर डालता है। तंबाकू से लंग्स खराब होते हैं, दिल की नलियां बंद होती हैं, दिमाग पर असर पड़ता है और कैंसर का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। नशे से सिर्फ एक व्यक्ति नहीं, उसका परिवार और पूरे समाज पर असर डालता है।
डॉ. अग्रवाल ने कहा कि माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने विकसित भारत 2047 का जो सपना देखा है, उसे साकार करने के लिए देश को स्वस्थ और नशामुक्त युवाओं की जरूरत है। अगर हम आज तंबाकू नहीं छोड़ेंगे तो 2047 तक हम तंबाकू से होने वाली बीमारियों का बोझ ढो रहे होंगे। इसलिए आओ, हम सब मिलकर तंबाकू से दूर रहने की शपथ लें और अपने आसपास के लोगों को भी जागरूक करें। उन्होंने इस अभियान को हर गांव, हर स्कूल और हर घर तक पहुंचाने का आह्वान किया।
डॉ. एच.के. अग्रवाल ने एक वैश्विक रिसर्च का हवाला देते हुए कहा कि दुनिया में 40 मिलियन से ज्यादा बच्चे नशे की लत का शिकार हैं। बच्चे सिगरेट और ई-सिगरेट की तरफ बढ़ रहे हैं। यह ट्रेंड बहुत खतरनाक है। अभिभावकों और शिक्षकों को मिलकर बच्चों पर नजर रखनी होगी।
कुलसचिव डॉ. रूप सिंह ने कहा कि तंबाकू केवल फेफड़ों को ही नहीं, हड्डियों को भी नुकसान पहुंचाता है। ज्यादा धूम्रपान करने वालों की हड्डी टूटने पर देर से जुड़ती है। क्रोनिक स्मोकर की हड्डियों में कैल्शियम कम हो जाता है और फ्रैक्चर का खतरा बढ़ जाता है।
निदेशक डॉ. एस.के. सिंघल ने कहा कि तंबाकू शरीर को अंदर से खोखला कर देता है। इलाज पर लाखों रुपये खर्च हो जाते हैं। पीजीआई कैंपस में यदि कोई स्मोकिंग करते हुए पाया जाता है तो उस पर जुर्माना लगाया जाता है।उन्होंने सभी से अपील की कि अपने आसपास के लोगों को तंबाकू से दूर रहने के लिए समझाएं।
डॉ. रमेश वर्मा ने कहा कि आने वाले समय में युवाओं में स्मोकिंग की दर तेजी से बढ़ रही है और अब लड़कियां भी बड़ी संख्या में स्मोकिंग कर रही हैं। सोशल मीडिया, तनाव और साथियों को देखकर टशन में धूम्रपान शुरू होना इसकी बड़ी वजह है।
ड्रग डी-एडिक्शन सेंटर के इंचार्ज डॉ. सिद्धार्थ ने बताया कि तंबाकू छोड़ने के लिए हर शनिवार को स्पेशल क्लिनिक चलता है। हम दवा के साथ काउंसलिंग करते हैं। परिवार का सपोर्ट मिले तो तंबाकू छोड़ना मुश्किल नहीं।
डॉ. वरुण अरोड़ा ने बताया कि इस अवसर पर विभिन्न कॉलेजों के बच्चों ने तंबाकू के खिलाफ शानदार पोस्टर बनाए। सामुदायिक चिकित्सा विभाग के पीजी छात्रों ने नुक्कड़ नाटक के जरिए तंबाकू से होने वाले कैंसर और असमय मौत के बारे में बताया। कुलपति डॉ. एच.के. अग्रवाल ने सभी प्रतिभागी बच्चों व छात्रों को सर्टिफिकेट देकर सम्मानित किया।
कार्यक्रम में डॉ. नीलम कुमार, डॉ. मीणा, डॉ. मीनाक्षी, डॉ. प्रीति, डॉ. पुरुषोत्तम, डॉ. विनय रावत, डॉ. सुनीला राठी समेत बड़ी संख्या में स्टाफ मौजूद रहा।



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