Indiknow, रोहतक। पंडित भगवत दयाल शर्मा स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय के 7 कर्मचारियों और एक 1 चिकित्सक को उनकी सेवानिवृति पर शुक्रवार को कुलपति कार्यालय में भावभीनी विदाई दी गई। सेवानिवृत्त होने वाले कर्मचारियों में एनाटॉमी विभागाध्यक्ष डॉ सुरेश कांता राठी, सहायक रामभज, रेडियोग्राफर शिलवंत, ओटी टेक्नीशियन सुभाष चंद्र, सहायक नर्सिंग सुपरीडेंट सतीश कुमारी, सहायक नर्सिंग सुपरीडेंट शशि भाटिया, सीनियर नर्सिंग अफसर जगवंती और हेड स्वीपर सुभाष चंद्र शामिल रहे।
इस मौके पर कुलपति डॉ. एच.के. अग्रवाल ने सेवानिवृत्त कर्मचारियों को बधाई देते हुए कहा कि अस्पताल जैसी सेवा में नौकरी करने के दौरान कर्मचारी अक्सर परिवार को पर्याप्त समय नहीं दे पाते। ड्यूटी की व्यस्तता, आपातकालीन सेवाएं और मरीजों की देखभाल में दिन-रात एक हो जाते हैं। ऐसे में सेवानिवृत्ति एक सुनहरा अवसर है, जब वे अपने परिवार, बच्चों और नाती-पोतों के साथ भरपूर समय बिता सकते हैं। उन्होंने कहा कि संस्थान सेवानिवृत्त हुए सभी कर्मचारियों के साथ हमेशा खड़ा है। भविष्य में कभी भी कोई व्यक्तिगत या पारिवारिक परेशानी आती है तो आप निसंकोच आकर मिल सकते हैं। डॉ अग्रवाल ने कहा कि डॉ सुरेश कांता राठी और सभी कर्मचारियों ने हमेशा अपना कार्य पूरी मेहनत से किया। कुलसचिव डॉ रूपसिंह ने सभी कर्मचारियों के सेवाकाल की सराहना करते हुए कहा कि सभी ने बड़ी ही लगन, मेहनत और निष्ठा से अपनी जिम्मेदारी निभाई है। उन्होंने कहा कि आप सभी ने संस्थान के लिए दिल से कार्य करते हुए हजारों मरीजों की सेवा की है। पीजीआई हमेशा ही आपके लिए एक घर की तरह ही रहेगा। निदेशक डॉ एस.के. सिंघल ने कहा कि आपके अनुभव और समर्पण ने पीजीआईएमएस को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया है। डीन डॉ अशोक चौहान ने सभी के उज्ज्वल भविष्य और अच्छे स्वास्थ्य की कामना करते हुए कहा कि अच्छे स्वास्थ्य के साथ सेवानिवृत्त होना जीवन की सबसे बड़ी खुशी है, क्योंकि एक दिन सभी को इस पड़ाव से गुजरना है।
डीन एकेडमिक अफेयर्स डॉ एम.जी. वशिष्ठ ने कहा कि कर्मचारी सेवानिवृत्ति को केवल नौकरी का अंत न समझें, बल्कि इसे नए जीवन की स्फूर्ति और ऊर्जा के साथ नई शुरुआत मानें। अब आपके पास समय है समाज सेवा करने का, अपने शौक पूरे करने का, यात्रा करने का। यह दूसरा जीवन है इसे भरपूर जिएं।
डीन छात्र कल्याण डॉ सविता सिंघल ने कहा कि सेवानिवृत्त कर्मचारियों का अनुभव संस्थान के लिए हमेशा मार्गदर्शक रहेगा। भावुक माहौल में सभी ने एक-दूसरे के साथ बिताए पलों को याद किया। कार्यक्रम में कुलसचिव डॉ रूप सिंह, निदेशक डॉ एस.के. सिंघल, डीन डॉ अशोक चौहान, डीन एकेडमिक अफेयर्स डॉ एम.जी. वशिष्ठ, डीन छात्र कल्याण डॉ सविता सिंघल, डॉ अमरजीत राठी, वित्त नियंत्रक राजेश मनोचा, एओ सुनील दत्त, सहित कई वरिष्ठ अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।

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