-941 विद्यार्थियों को मिलेंगी उपाधियां, 68 मेधावी होंगे स्वर्ण पदक से सम्मानित
-सुश्रुत सभागार में दिखा अनुशासन और उत्साह का संगम, सैकड़ों चिकित्सक-विद्यार्थी रहे मौजूद
Indiknow, रोहतक। पंडित भगवत दयाल शर्मा स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय में शुक्रवार को पांचवें दीक्षांत समारोह की फाइनल रिहर्सल कुलपति प्रो. डॉ. एच.के. अग्रवाल के कुशल नेतृत्व में पूर्ण अनुशासन और गरिमा के साथ संपन्न हुई। राज्यपाल एवं कुलाधिपति प्रो. असीम कुमार घोष इस समारोह में मुख्य अतिथि के तौर पर उपस्थित रहेंगे। दीक्षांत समारोह को सफल बनाने के लिए सुश्रुत सभागार में आयोजित इस रिहर्सल में विश्वविद्यालय प्रशासन, फैकल्टी और विद्यार्थियों ने पूरी गंभीरता से भाग लिया।
941 को उपाधि, 68 को स्वर्ण पदक :
कुलसचिव डॉ. रूप सिंह ने बताया कि इस दीक्षांत समारोह में कुल 941 विद्यार्थियों को विभिन्न संकायों की उपाधियां प्रदान की जाएंगी। इनमें एमबीबीएस, बीडीएस, एमडी/एमएस, एमडीएस, नर्सिंग, फार्मेसी और पैरामेडिकल पाठ्यक्रमों के छात्र शामिल हैं। इसके साथ ही 68 मेधावी विद्यार्थियों को उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए स्वर्ण पदक से सम्मानित किया जाएगा। सभी डिग्रियों और पदकों का मिलान व सत्यापन कार्य पूरा कर लिया गया है।
इस अवसर पर कुलसचिव डॉ. रूप सिंह, निदेशक डॉ. एस.के. सिंघल, डीन डॉ. अशोक चौहान, डीन एकेडमिक अफेयर्स डॉ. एम.जी. वशिष्ठ, डीन छात्र कल्याण डॉ. सविता सिंघल, परीक्षा नियंत्रक डॉ. सुखदेव चांदला, डॉ. मंजूनाथ, डॉ. वरुण अरोड़ा, डॉ. उमेश सहित विभिन्न विभागों के विभागाध्यक्ष, सीनियर प्रोफेसर, सैकड़ों चिकित्सक और उपाधि प्राप्त करने वाले विद्यार्थी उपस्थित रहे।
कुलपति ने दिया अंतिम दिशा-निर्देश :
फाइनल रिहर्सल की शुरुआत कुलपति प्रो. डॉ. एच.के. अग्रवाल के संबोधन से हुई। उन्होंने कहा कि दीक्षांत समारोह विश्वविद्यालय का सबसे गौरवपूर्ण आयोजन है। यह 941 विद्यार्थियों की वर्षों की तपस्या का परिणाम है और अभिभावकों के सपनों का साकार रूप है। इसमें किसी भी प्रकार की त्रुटि की गुंजाइश नहीं होनी चाहिए। उन्होंने मंच संचालन, अतिथियों के प्रोटोकॉल, डिग्री वितरण की प्रक्रिया, अनुशासन और समयबद्धता को लेकर सभी को विस्तृत दिशा-निर्देश दिए। कुलपति ने विशेष रूप से कहा कि मंच पर गरिमा बनी रहे और हर विद्यार्थी को सम्मान के साथ डिग्री प्राप्त हो, यह सुनिश्चित करना हम सबकी जिम्मेदारी है।
हूबहू किया गया समारोह का मंचन :
डॉ रूप सिंह ने बताया कि रिहर्सल के दौरान पूरे समारोह का हूबहू मंचन किया गया। शैक्षणिक शोभायात्रा के प्रवेश से लेकर राष्ट्रगान तक की एक-एक गतिविधि का अभ्यास कराया गया। विद्यार्थियों को पंक्तिबद्ध तरीके से बैठने, मंच पर बुलाए जाने पर गरिमापूर्ण तरीके से जाने, उपाधि ग्रहण करने और वापस अपने स्थान पर लौटने की पूरी प्रक्रिया समझाई गई। स्वर्ण पदक प्राप्त करने वाले 68 मेधावी विद्यार्थियों को अलग से मंच पर बुलाने और सम्मानित करने के क्रम का भी विशेष अभ्यास किया गया।
सुरक्षा और व्यवस्था चाक-चौबंद :
निदेशक डॉ. एस.के. सिंघल ने सुरक्षा, पार्किंग, बैठने की व्यवस्था और मेडिकल टीम की तैनाती को लेकर अधिकारियों को निर्देश दिए। डीन डॉ. अशोक चौहान और डीन एकेडमिक अफेयर्स डॉ. एम.जी. वशिष्ठ ने शैक्षणिक शोभायात्रा में शामिल होने वाले सभी आचार्यों को ड्रेस कोड और प्रोटोकॉल की जानकारी दी। डीन छात्र कल्याण डॉ. सविता सिंघल ने 941 विद्यार्थियों की सूची का अंतिम सत्यापन किया और उन्हें अनुशासन बनाए रखने के लिए प्रेरित किया। परीक्षा नियंत्रक डॉ. सुखदेव चांदला ने डिग्री वितरण के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों पर प्रकाश डाला।
विद्यार्थियों में दिखा उत्साह :
डॉ मंजूनाथ ने बताया कि रिहर्सल के दौरान उपाधि प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों में विशेष उत्साह देखने को मिला। एमबीबीएस, बीडीएस, नर्सिंग, फार्मेसी और पैरामेडिकल के सैकड़ों छात्र-छात्राएं निर्धारित गणवेश में सुश्रुत सभागार में पहुंचे। विद्यार्थियों ने कहा कि वर्षों की मेहनत के बाद यह दिन जीवन का सबसे यादगार पल होगा।
डॉ. मंजूनाथ, डॉ उर्मिल चावला, डॉ. वरुण,डॉ प्रीति,डॉ. उमेश यादव, डॉ हरनीत और डॉ अंशुल चुघ सहित अन्य वरिष्ठ फैकल्टी सदस्यों ने मंच प्रबंधन और विद्यार्थियों के समन्वय की जिम्मेदारी संभाली। पूरे सभागार में अनुशासन और जोश का अनूठा संगम देखने को मिला।
तकनीकी टीम भी रही मुस्तैद :
डॉ सुखदेव चांदला ने बताया कि रिहर्सल के दौरान साउंड सिस्टम, लाइटिंग, एलईडी स्क्रीन और लाइव टेलीकास्ट की व्यवस्था का भी परीक्षण किया गया। आईटी विभाग की टीम ने बताया कि पूरे समारोह का विश्वविद्यालय की वेबसाइट और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर सीधा प्रसारण किया जाएगा, ताकि जो अभिभावक नहीं आ पाएंगे वे भी इस पल के साक्षी बन सकें।
कुलपति ने जताया संतोष :
कुलसचिव डॉ रूप सिंह ने बताया कि लगभग तीन घंटे चली रिहर्सल के समापन पर कुलपति डॉ. एच.के. अग्रवाल ने सभी तैयारियों पर संतोष जताया। उन्होंने कहा कि टीम वर्क से ही बड़े आयोजन सफल होते हैं। मुझे पूर्ण विश्वास है कि 941 उपाधियों और 68 स्वर्ण पदकों के वितरण वाला 23 मई का दीक्षांत समारोह ऐतिहासिक और अविस्मरणीय रहेगा।
उन्होंने सभी विद्यार्थियों को बधाई देते हुए कहा कि आप इस विश्वविद्यालय के ब्रांड एंबेसडर हैं। जहां भी जाएं, अपनी मेहनत, ज्ञान और सेवा भाव से संस्थान का नाम रोशन करें। रिहर्सल के समापन पर सभी अधिकारियों, शिक्षकों और विद्यार्थियों ने एक स्वर में समारोह को सफल बनाने का संकल्प लिया।
पंडित भगवत दयाल शर्मा स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय में शनिवार को आयोजित होने जा रहे पांचवें दीक्षांत समारोह के मुख्य अतिथि हरियाणा के राज्यपाल प्रो असीम कुमार घोष का शाम को एमडीयू में पहुंचने पर कुलपति डॉ एच के अग्रवाल ने गुलदस्ता भेंट कर स्वागत किया।


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