Indiknow, गाज़ियाबाद। छोटा हरिद्वार गंग नहर तट पर अखिल भारतीय योग संस्थान द्वारा वार्षिक मिट्टी लेपन एवं गंगा स्नान कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें लगभग 600 योग साधक एवं साधिकाओं ने सहभागिता कर प्राकृतिक चिकित्सा एवं योग पद्धति का लाभ प्राप्त किया।
कार्यक्रम में आयुर्वेदिक मिट्टी लेपन विशेष रूप से मिट्टी, मुल्तानी मिट्टी, गिलोय, ऐलोवेरा, चंदन, कच्ची हल्दी, केवड़ा एवं गुलाब जल आदि प्राकृतिक तत्वों को मिलाकर तैयार किया गया। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार मिट्टी लेपन शरीर के विकारों को दूर कर मन एवं तन को शुद्ध करता है, वहीं गंगा स्नान आत्मिक शांति एवं सकारात्मक ऊर्जा प्रदान करता है।
राजनगर सेक्टर-4 स्थित औषधि पार्क में नियमित योग साधना करने वाले साधकों में डॉक्टर आर.के. पोद्दार, नामित पार्षद एवं योग साधक प्रदीप चौधरी, के.के. गुप्ता, योग साधिका सुधा शर्मा, बीना चौधरी, मिनी वाधवा सहित अनेक साधकों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की।
इस अवसर पर नामित पार्षद एवं योग साधक प्रदीप चौधरी ने कहा कि भारतीय संस्कृति में मिट्टी चिकित्सा और गंगा स्नान का विशेष महत्व है। प्राकृतिक उपचार पद्धति शरीर को निरोग रखने के साथ मानसिक शांति भी प्रदान करती है। योग और प्रकृति से जुड़कर हम स्वस्थ समाज का निर्माण कर सकते हैं।
डॉक्टर आर.के. पोद्दार ने कहा कि मिट्टी लेपन शरीर से विषैले तत्वों को बाहर निकालने में सहायक होता है तथा आयुर्वेदिक तत्वों से तैयार यह लेपन त्वचा एवं स्वास्थ्य दोनों के लिए लाभकारी है। नियमित योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा स्वस्थ जीवन की आधारशिला हैं।
अखिल भारतीय योग संस्थान के अध्यक्ष के.के. अरोड़ा ने कार्यक्रम में सहभागी सभी योग साधकों, साधिकाओं एवं सहयोगियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि प्राकृतिक चिकित्सा, योग एवं भारतीय संस्कृति के संरक्षण हेतु इस प्रकार के आयोजन समाज को स्वस्थ एवं जागरूक बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। सभी साधकों का उत्साह एवं सहभागिता प्रेरणादायी है। इस अवसर पर नौनिहालों ने भी मिट्टी लेपन किया और मस्ती की।




टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें