Indiknow, रोहतक : वीर बंदा सिंह बहादुर का बलिदान दिवस डॉ हेडगेवार स्मारक समिति की ओर से हुडा कांप्लेक्स स्थित माधव कुंज में मनाया गया। सदस्यों की ओर से उनके चित्र पर फूलमाला अर्पण कर उनको श्रद्धांजलि दी गई। डॉ हेडगेवार स्मारक समिति के संरक्षक अशोक गुप्ता ने बताया कि वह 18वीं शताब्दी के एक महान सिख सैन्य कमांडर और योद्धा थे ,जिन्होंने मुगल अत्याचार के खिलाफ खालसा सेना का नेतृत्व किया। गुरु गोविंद सिंह के शिष्य बनने के बाद, लक्ष्मण देव नामक एक बैरागी साधु, बंदा सिंह बहादुर बन गया और उन्होंने पंजाब में मुगलों के खिलाफ सफल संघर्ष किया। उनके सम्मान में , छप्पर चिरी (पंजाब )में 328 फीट ऊंचा फतेह बुर्ज (कुतुब मीनार से भी ऊंचा)बनाया गया है।
इस अवसर पर रमेश गोयल ने बताया कि बंदा सिंह बहादुर भारतीय इतिहास के उन महान योद्धाओं में गिने जाते हैं जिन्होंने न केवल मुगल सत्ता की अजेयता के मिथक को चुनौती दी, बल्कि सामाजिक न्याय और समानता की ऐसी मिसाल कायम की जो आज तक प्रेरणा का स्रोत बनी हुई है। इस मौके पर डॉक्टर हेडगेवार समिति के प्रधान देवेंद्र गोयल, अशोक कुमार गुप्ता, रमेश गोयल, मनीष, ऋषि देव गुप्ता, सूर्य प्रकाश, बृज किशोर, संजय , तरुण , बृज भूषण, रितेश, दिलीप, दिवांशु, अनिरुद्ध, महेश, शंकर लाल गर्ग , भीमसेन इत्यादि उपस्थित रहे।

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