पीजीआईएमएस रोहतक में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस हर्षोल्लास से मनाया गया, कुलपति डॉ. एच.के. अग्रवाल ने किया योगाभ्यास का नेतृत्व
Indiknow, रोहतक । पंडित भगवत दयाल शर्मा स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय रोहतक द्वारा अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पीजीआईएमएस के स्पोर्ट्स ग्राउंड में उत्साहपूर्वक मनाया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. एच.के. अग्रवाल ने रिबन काटकर किया। इस अवसर पर उन्होंने सैकड़ों प्रतिभागियों के साथ योगाभ्यास का नेतृत्व भी किया।
मुख्य अतिथि डॉ. एच.के. अग्रवाल ने अपने संबोधन में कहा कि योग भारत की प्राचीन धरोहर है और आज पूरी दुनिया ने इसे अपनाया है। ‘योगा फॉर हेल्दी एजिंग’ थीम पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि नियमित योग से उम्र बढ़ने के साथ होने वाली बीमारियों जैसे उच्च रक्तचाप, मधुमेह, जोड़ों के दर्द और मानसिक तनाव को रोका जा सकता है। मेडिकल प्रोफेशनल्स के लिए योग तनाव प्रबंधन का सबसे बेहतर माध्यम है। उन्होंने सभी से योग को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने का आह्वान किया।
कार्यक्रम में पीजीआईएमएस रोहतक के निदेशक डॉ. एस.के. सिंघल विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। निदेशक डॉ. एस.के. सिंघल ने कहा कि स्वस्थ डॉक्टर ही स्वस्थ समाज दे सकता है। योग से एकाग्रता और कार्यक्षमता बढ़ती है, जिससे मरीजों की बेहतर देखभाल संभव होती है। उन्होंने पीजीआईएमएस परिवार के सभी सदस्यों से रोजाना कम से कम 30 मिनट योग करने की अपील की।
कार्यक्रम का आयोजन डीन स्टूडेंट वेलफेयर कार्यालय द्वारा किया गया। डॉ. सविता रानी सिंघल ने बताया कि कॉमन योग प्रोटोकॉल के तहत ताड़ासन, वृक्षासन, भुजंगासन, शवासन सहित विभिन्न आसन, प्राणायाम और ध्यान का अभ्यास करवाया गया। विशेषज्ञ योग प्रशिक्षकों ने प्रत्येक आसन के लाभ बताए।
कार्यक्रम के अंत में डीन छात्र कल्याण डॉ. सविता रानी सिंघल ने सभी अतिथियों, प्रतिभागियों और आयोजन समिति का आभार जताया। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय का प्रयास है कि योग को कैंपस की संस्कृति बनाया जाए। कार्यक्रम की आयोजक डॉ मधु शर्मा और जनसंपर्क विभाग के इंचार्ज डॉ वरुण अरोड़ा ने बताया कि कार्यक्रम में स्पोर्ट्स ग्राउंड में सैकड़ों प्रतिभागियों ने एक साथ योग कर योग से निरोग का संदेश दिया।कार्यक्रम शांतिपूर्ण और अनुशासित माहौल में संपन्न हुआ। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के सभी विभागाध्यक्ष, वरिष्ठ फैकल्टी मेंबर्स, रेजिडेंट डॉक्टर, एमबीबीएस व नर्सिंग छात्र, पैरामेडिकल स्टाफ और मिनिस्ट्रियल कर्मचारी बड़ी संख्या में शामिल हुए।

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