Indiknow, रोहतक । मर कर भी किसी को जीवन दे जाना, इससे बड़ा धर्म कोई नहीं। इसी भाव को जन-जन तक पहुंचाने के लिए पीजीआईएमएस रोहतक के निदेशक एवं सोटो हरियाणा की स्टीयरिंग कमेटी के चेयरमैन डॉ. एस.के. सिंघल ने एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। डॉ. सिंघल ने गत दिवस सतलोक आश्रम के प्रमुख संत रामपालजी महाराज से मुलाकात कर अंगदान महादान के लिए उनका आशीर्वाद और सहयोग मांगा। उन्होंने संतजी से आग्रह किया कि वे अपने लाखों अनुयायियों को अंगदान के लिए प्रेरित करें और शपथ पत्र भरवाएं।
डॉ. एस.के. सिंघल ने कहा कि सोटो हरियाणा की स्टीयरिंग कमेटी का चेयरमैन होने के नाते मेरा एक ही सपना है कि अंगदान के मामले में हरियाणा को पूरे देश में नंबर एक बनाया जाए। एक ब्रेन डेड व्यक्ति के अंगदान से करीब 8 लोगों को नया जीवन मिल सकता है, लेकिन जानकारी के अभाव में हर साल लाखों लोग अंग न मिलने से दुनिया छोड़ देते हैं। इस तस्वीर को बदलने के लिए हमें समाज के हर वर्ग को जोड़ना होगा।
धनाना आश्रम में लगेगा विशेष जागरूकता कैंप :
डॉ. सिंघल ने बताया कि 26 जून से 28 जून तक सतलोक आश्रम, धनाना में होने वाले विशाल सत्संग समागम में सोटो हरियाणा का विशेष अंगदान जागरूकता कैंप लगाया जाएगा। इस तीन दिवसीय कैंप में पीजीआईएमएस सोटो की टीम श्रद्धालुओं को अंगदान की पूरी प्रक्रिया, ब्रेन डेड की स्थिति और कानूनी पहलुओं की जानकारी देगी। साथ ही मौके पर ही इच्छुक लोगों से अंगदान का शपथ पत्र भरवाया जाएगा। लक्ष्य है कि एक ही आयोजन में हजारों लोगों को इस मुहिम से जोड़ा जाए। संत रामपाल जी महाराज ने इस नेक कार्य के लिए डॉ. सिंघल को पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया।
संत रामपालजी ने कहा कि वे देहदान में तो जागरूकता कर रहे हैं, अब अंगदान जैसी महान मुहिम से भी लोगों को जोड़ेंगे। उन्होंने कहा कि शरीर नश्वर है। मृत्यु के बाद यदि हमारे अंग किसी जरूरतमंद के काम आ जाएं तो यही सच्ची मानव सेवा है। हमारे शास्त्र भी परोपकार को सबसे बड़ा धर्म मानते हैं। संत रामपाल जी ने कहा कि उन्होंने हमेशा अपने सभी अनुयायियों से अपील की है कि वे समाज सेवा के कार्य में बढ़-चढ़कर हिस्सा लें और देहदान/अंगदान का संकल्प लें और दूसरों को भी प्रेरित करें।
धर्मगुरुओं की भूमिका सबसे अहम :
डॉ. सिंघल ने कहा कि ब्रेन डेड की स्थिति में परिवार सबसे ज्यादा भावनात्मक होता है। ऐसे समय में यदि धर्मगुरु समझाएं तो परिवार अंगदान के लिए आसानी से तैयार हो जाता है। इसलिए मेरा सभी पूज्य संतों, मौलवियों, पादरियों और सामाजिक अगुवाओं से निवेदन है कि वे अपने प्रवचनों और सभाओं में अंगदान का संदेश जरूर दें। आपका एक शब्द सैकड़ों जिंदगियां बचा सकता है।
सीएसआर से मिलेगा इलाज को बल :
मुलाकात के दौरान सतलोक आश्रम प्रबंधन ने सीएसआर के तहत पीजीआईएमएस रोहतक को अत्याधुनिक चिकित्सा उपकरण उपलब्ध करवाने पर भी सहमति दी। डॉ. सिंघल ने बताया कि इन उपकरणों से मरीजों को अत्याधुनिक मशीनों से इलाज की सुविधा और मजबूत होगी। आश्रम ने भरोसा दिलाया कि वह हमेशा जनहित के कार्यों में पीजीआई के साथ खड़ा रहेगा।
आप कैसे बन सकते हैं हिस्सा:
18 वर्ष से अधिक का कोई भी स्वस्थ व्यक्ति नोटो की वेबसाइट पर जाकर ऑनलाइन शपथ पत्र भर सकता है। पीजीआईएमएस रोहतक के चिकित्सा अधीक्षक कार्यालय में 17 नंबर कमरे में स्थित सोटो हरियाणा के कार्यालय में जाकर भी फॉर्म भर सकते हैं। शपथ पत्र भरने के बाद आपको डोनर कार्ड मिलता है। इसे हमेशा अपने पास रखें और परिवार को अपने फैसले के बारे में जरूर बताएं, क्योंकि कानून के अनुसार ब्रेन डेड के बाद परिवार की रजामंदी अनिवार्य है। डॉ. सिंघल ने कहा कि हम कपड़े दान करते हैं, भोजन दान करते हैं, लेकिन अंगदान सबसे बड़ा दान है। क्योंकि यह किसी को दोबारा जिंदगी देता है। सोचिए, हमारे जाने के बाद भी हमारी धड़कन किसी और के सीने में धड़केगी, हमारी आंखों से कोई दुनिया देखेगा। इससे सुंदर क्या होगा? आइए, आज ही संकल्प लें। अंगदान करें, जीवनदान दें। सतलोक आश्रम के साथ शुरू हुई यह पहल हरियाणा में अंगदान क्रांति की शुरुआत है। जब संत और डॉक्टर एक मंच पर आएंगे तो बदलाव निश्चित है। डॉ सिंघल ने स्वयं भी अंगदान के लिए सितंबर 2025 से स्पथ पर अपनी सहमति दे रखी है और उनका मानना हैं कि अगर समाज के माननीय एवम मोज़ीज़ लोग इस आंदोलन से जुड़ेगे निश्चित ही यह एक देशव्यापी अभियान बनेगा जिससे हमारे माननीय प्रधानमंत्री जी एवम मुख्यमंत्री जी के द्वारा जनहित में भागीदारी सुनिश्चित होगी।


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