- डॉ. सविता सिंघल ने किया शुभारंभ
Indiknow, रोहतक। पंडित भगवत दयाल शर्मा स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय के नर्सिंग कॉलेज, पीजीआईएमएस में मंगलवार को विश्व नर्सिंग दिवस बड़े हर्षोल्लास और गरिमा के साथ मनाया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के तौर पर डीन स्टूडेंट वेलफेयर डॉ. सविता सिंघल उपस्थित रहीं। मंच का संचालन आचार्य किरण कौर ने किया।
कार्यक्रम का शुभारंभ नर्सिंग कॉलेज परिसर में स्थापित फ्लोरेंस नाइटिंगेल की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर एवं मोमबत्ती प्रज्वलित कर किया गया। प्राचार्य प्रो. सुनीता ने बताया कि सभी फैकल्टी सदस्यों और छात्र-छात्राओं ने आधुनिक नर्सिंग की जननी फ्लोरेंस नाइटिंगेल को श्रद्धांजलि देकर उनका जन्मदिवस मनाया।
इसके पश्चात लेक्चर थिएटर-1 में मुख्य अतिथि डॉ. सविता सिंघल ने केक काटकर फ्लोरेंस नाइटिंगेल का जन्मदिन मनाया और दीप प्रज्वलित करके कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ किया। मंच का संचालन आचार्य किरण कुमारी ने किया। उन्होंने बताया कि नर्सिंग एक ऐसा प्रोफेशन है जिसमें आमदनी के साथ-साथ सेवा का भी अनूठा अवसर मिलता है।
प्राचार्य प्रो. सुनीता ने अपने संबोधन में कहा कि हर साल 12 मई को विश्व नर्सिंग दिवस मनाया जाता है। यह दिन दुनिया भर में नर्सों की सेवा को समर्पित एक श्रद्धांजलि है। नर्सें किसी भी अस्पताल की मजबूत स्तंभ होती हैं। वे समाज में अनेक बीमारियों के प्रति जागरूकता फैलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। आज उन सभी नर्सों का दिन है जो दिन-रात मरीजों की सेवा में लगी हुई हैं। नर्सें स्वास्थ्य सेवाओं की रीढ़ की हड्डी हैं। नर्स ही बच्चे के जन्म पर उसकी आंखें खुलवाती है और अंतिम समय में भी नर्स ही आंखें बंद करती है। नर्सें 'फ्यूचर पिलर्स ऑफ हेल्थ केयर सर्विसेज' हैं।
मुख्य अतिथि डीन स्टूडेंट वेलफेयर डॉ. सविता सिंघल ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि आज आपको इस प्रोफेशन में आने पर गर्व होना चाहिए। ऐसे दिवस मनाने से जागरूकता आती है और पता चलता है कि हम यह दिन क्यों मना रहे हैं। फ्लोरेंस नाइटिंगेल को आज भी इसलिए याद किया जाता है क्योंकि उन्होंने सेवा में 'इमोशनल टच' को जरूरी माना। अपने सीनियर्स का सम्मान करें। डॉक्टर मरीज के पास थोड़े समय के लिए होता है, लेकिन नर्स मरीज के साथ सबसे ज्यादा समय व्यतीत करती है। इसलिए हैंड वाशिंग और क्लिनिकल नॉलेज बहुत जरूरी है। हमेशा स्माइलिंग फेस रखें और कभी भी मरीज या उसके परिजन से गुस्से में बात न करें।
कार्यक्रम में नर्सिंग कॉलेज के सभी शिक्षक, छात्र-छात्राएं एवं स्टाफ उपस्थित रहे। आचार्य शकुंतला देवी ने बताया कि अंत में राष्ट्रगान के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।
नर्सिंग अधीक्षक सुदेश कुमारी ने कहा कि नर्सिंग प्रोफेशन एक महान और पवित्र पेशा है। यह सिर्फ नौकरी नहीं, बल्कि मानवता की सेवा का संकल्प है।




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