- महिला सैल द्वारा आयोजित कार्यक्रम में मातृत्व की महिमा, संस्कारों और त्याग को किया गया नमन
Indiknow, रोहतक। गौड़ ब्राह्मण डिग्री कॉलेज में महिला सैल की ओर से मदर्स-डे के उपलक्ष्य में एक भावपूर्ण एवं प्रेरणादायी कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में माँ के प्रेम, त्याग, समर्पण और जीवन निर्माण में उनकी महत्त्वपूर्ण भूमिका को स्मरण करते हुए मातृत्व शक्ति को श्रद्धा एवं सम्मान के साथ नमन किया गया। कार्यक्रम का वातावरण भावनाओं, संवेदनाओं और पारिवारिक संस्कारों से ओत-प्रोत रहा।
कार्यक्रम के मुख्यातिथि कॉलेज प्राचार्य डॉ. जयपाल शर्मा रहे। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि माँ केवल परिवार की आधारशिला ही नहीं, बल्कि समाज और राष्ट्र निर्माण की सबसे बड़ी प्रेरणा होती है। माँ अपने स्नेह, संस्कार और त्याग से संतान के जीवन को सही दिशा प्रदान करती है। उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे अपने माता-पिता के प्रति सम्मान, सेवा और संवेदनशीलता की भावना को सदैव बनाए रखें।उन्होंने कहा कि आधुनिक जीवन की व्यस्तताओं के बीच भी हमें अपने माता-पिता के सम्मान और उनके साथ भावनात्मक जुड़ाव को बनाए रखना चाहिए।
कार्यक्रम का मंच संचालन महिला प्रकोष्ठ इंचार्ज डॉ. सीमा शर्मा ने प्रभावशाली एवं भावपूर्ण शैली में किया। उन्होंने कहा कि माँ का स्थान संसार में सर्वोच्च होता है। माँ का निस्वार्थ प्रेम, आशीर्वाद और संघर्ष हर व्यक्ति के जीवन की सबसे बड़ी पूंजी है। कार्यक्रम के दौरान शिक्षकों एवं उपस्थित सदस्यों ने माँ से जुड़े अनुभव, विचार एवं भावनाएँ साझा कीं। कई वक्ताओं ने माँ को जीवन की पहली गुरु बताते हुए कहा कि माँ के संस्कार ही व्यक्ति के चरित्र और व्यक्तित्व की वास्तविक पहचान बनते हैं। कार्यक्रम में उपस्थित सभी लोगों ने मातृत्व शक्ति के प्रति अपनी कृतज्ञता व्यक्त की।
इस अवसर पर डॉ. संतोष शर्मा, डॉ. मंजू, डॉ. मनीषा, डॉ. मंजू नांदल, सुमन, ललिता, निधि, कन्नूप्रिया, सुप्रिया, मोनिका, सुमिति, रीना, श्वेता, अंकुरिता, युक्ता, पूनम, संधू आदि उपस्थित रहे। अंत में सभी ने माँ के सम्मान, सेवा और उनके आदर्शों को जीवन में आत्मसात करने का संकल्प लिया। कार्यक्रम ने उपस्थित सभी लोगों को भावुक करने के साथ-साथ पारिवारिक मूल्यों एवं भारतीय संस्कारों के महत्व का संदेश भी दिया।

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