Indiknow, रोहतक। पुरुषोत्तम मास के पावन अवसर पर आयोजित सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा का आज श्रद्धा, भक्ति और जनसेवा के भाव के साथ भव्य समापन हुआ। कथा के दौरान धार्मिक एवं सामाजिक सेवा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की गई। कथा के प्रारंभ में 500 दिव्यांग बच्चों को नया जीवन देने का जो लक्ष्य निर्धारित किया गया था, वह पूर्ण रूप से सफलतापूर्वक पूरा हुआ। विशेष रूप से राजेश जैन एवं मनमोहन गोयल के मार्गदर्शन, सहयोग एवं सेवा भावना के कारण यह जनकल्याणकारी अभियान सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।
कथा आयोजन के सहयोगी संस्था नारायण सेवा संस्थान के माध्यम से दिव्यांगजनों के कल्याण हेतु निःशुल्क सहायता सामग्री वितरित की गई। समापन अवसर पर 14 जरूरतमंद दिव्यांगजनों को ट्राईसाइकिल एवं व्हीलचेयर तथा 10 जरूरतमंद लाभार्थियों को कृत्रिम अंग (Artificial Limb) पूर्णतः निःशुल्क प्रदान किए गए। इस सेवा कार्य से लाभार्थियों के जीवन में आत्मनिर्भरता और नई आशा का संचार हुआ।
कथा व्यास पूज्य डॉ. संजय कृष्ण सलिल जी महाराज के प्रेरणादायी प्रवचनों ने श्रद्धालुओं को धर्म, सेवा और मानवता का संदेश दिया। कथा में प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लेकर आध्यात्मिक लाभ प्राप्त किया।



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