Indiknow, रोहतक । पंडित श्रीराम शर्मा विचार मंच के अध्यक्ष डॉ अशोक दीक्षित ने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी एवं कैबिनेट मंत्री डॉ अरविंद शर्मा का धन्यवाद करते हुए बताया कि महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय में महान स्वतंत्रता सेनानी पं श्रीराम शर्मा के नाम से शोधपीठ स्थापित करवाने में विशेष योगदान रहा है। पंडित श्रीराम शर्मा विचार मंच ने वॉइस चांसलर डॉ पुनिया एवं रजिस्ट्रार डॉ संदीप बंसल को 25 लाख रुपए का चेक सौंपते हुए कहा कि विश्वविद्यालय में शोध पीठ स्थापित करवाने की बरसों पुरानी हमारी मांग आज पूरी हो गई है।
विचार मंच के अध्यक्ष डॉक्टर अशोक दीक्षित ने बताया कि शोधपीठ के लिए 25 लाख रुपए का इंतजाम करने में 11 लाख रुपए कि अनुदान राशि कैबिनेट मंत्री डॉक्टर अरविंद शर्मा से प्राप्त हुई और बाकी 14 लाख रुपए पंडित श्रीराम शर्मा विचार मंच ने 36 बिरादरी के सहयोग से स्वैच्छिक चंदा के रूप में इकट्ठा किया है । इसलिए आज का दिन ऐतिहासिक है पंडित श्रीराम शर्मा के नाम से शोधपीठ का स्थापित होना अपने आप में एक मील का पत्थर साबित होगा जिससे कॉलेज के छात्र छात्राएं पंडितजी के नाम से शोध कर सकेंगे।
इस अवसर पर पंडित श्रीराम शर्मा के पौत्र पंडित अंशु शर्मा, दोहते कुलदीप शर्मा ने इस ऐतिहासिक कार्य के लिए विचार मंच का धन्यवाद करते हुए कहा कि स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान भारत माता को अंग्रेजों से आजाद करवाने के लिए पंडित श्रीराम शर्मा द्वारा दिए गए ऐतिहासिक योगदान एवं राष्ट्र के प्रति समर्पित भाव और संघर्ष को बारीकी से युवा पीढ़ी जांन सकेंगी, जिससे देश प्रदेश के युवाओं में देशभक्ति की भावनाएं जागृत होती रहेंगी ।
गौड़ ब्राह्मण डिग्री कॉलेज के प्रिंसिपल डॉक्टर जयपाल शर्मा ने बताया कि पंडित श्रीराम शर्मा ने 15 जनवरी 1922 को झज्जर टाउन हॉल से अंग्रेजी झंडा उतार फेंक कर तिरंगा झंडा फहराया था इस तरह की ऐतिहासिक जानकारियां हमारे छात्र-छात्राओं को शोध पीठ के माध्यम से जानने को मिलेंगी। पंडित श्रीराम शर्मा के साथी स्वतंत्रता सेनानी चौधरी माईधन के पोते एवं विचार मंच के महासचिव ईश्वर मलिक ने भी पंडित श्रीराम शर्मा की जीवनी पर प्रकाश डालते हुए कहा कि शौधपीठ स्थापित होने का कार्य आज से 25 साल पहले हो जाना चाहिए था लेकिन आज हुआ है तो भी हमें खुशी है। विचार मंच के उपाध्यक्ष कैप्टन ऋषि प्रकाश अत्री, कैशियर दिनेश वशिष्ठ,सचिव धर्म सिंह प्रजापति, मुकेश भोगल, सत्यवान राजा, अनूप डागर, अश्वनी शर्मा, नवीन शर्मा, सतीश प्रकाश पहरावर, हरि शमशेर कौशिक, एडवोकेट सतीश कौशिक, उपाध्यक्ष,रणधीर भारद्वाज, नफे सिंह कौशिक , श्याम कौशिक एवं महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय कर्मचारी प्रकोष्ठ के प्रधान सुरेश शर्मा, सुपरीटेंडेंट डॉ सुरेंद्र भारद्वाज, मनीष कौशिक, देवेंद्र शर्मा पूर्व सरपंच गांव बली ब्राह्मणन ने भी संयुक्त बयान में कहा कि पंडितजी के नाम से शोध पीठ स्थापित होने की हमें बेहद खुशी है पंडित श्रीराम शर्मा जैसा नेता आज के दौर में होना बहुत ही मुश्किल है उनकी ईमानदारी, देशभक्ति, नीडरता, संघर्ष को आज के युवाओं ने अपना लेना चाहिए।

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