Indiknow, बेरी । बेरी क्षेत्र के प्रतिष्ठित समाजसेवी एवं महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय, रोहतक के शारीरिक शिक्षा विभाग के पूर्व अध्यक्ष प्रोफेसर कुलताज सिंह की पूज्य माता बसंती देवी के निधन के पांच दिन बाद भी शोक की लहर थमने का नाम नहीं ले रही है। उनके पैतृक निवास मुक्त राम भवन, माजरा में संवेदना व्यक्त करने वालों का निरंतर तांता लगा हुआ है। क्षेत्रभर से सामाजिक, राजनीतिक, शैक्षणिक एवं धार्मिक संगठनों के प्रतिनिधि पहुंचकर शोकाकुल परिवार को सांत्वना दे रहे हैं।
92 वर्ष की आयु में दिवंगत हुई बसंती देवी को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि उनका संपूर्ण जीवन सेवा, त्याग, धर्मनिष्ठा और उच्च मानवीय मूल्यों का पर्याय रहा। वे केवल अपने परिवार की मुखिया नहीं थीं, बल्कि पूरे क्षेत्र के लिए प्रेरणा और मार्गदर्शन का स्रोत थीं। उनके व्यक्तित्व में मातृत्व की ममता, समाजसेवा की भावना और संस्कारों की गरिमा का अद्भुत संगम देखने को मिलता था।
श्रद्धांजलि देने पहुंचे लोगों ने कहा कि बसंती देवी जैसी मातृशक्तियां विरले ही जन्म लेती हैं। उन्होंने अपने परिवार में ऐसे संस्कारों का संचार किया, जिनकी बदौलत उनके पुत्र समाज, शिक्षा और खेल जगत में विशिष्ट पहचान बना सके। उनके जीवन की सादगी, परोपकार और लोगों के प्रति आत्मीय व्यवहार को क्षेत्रवासी लंबे समय तक याद रखेंगे।
भारतीय किसान संघ के अध्यक्ष सतीश छिक्कारा, कांग्रेस नेता विक्रम कादयान,एएस मान डीन एकेडमिक्स एमडीयू रोहतक रणबीर कादयान, प्रोफेसर अजय,प्रोफेसर राजेश पूनिया,प्रोफेसर दानेश नांदल,जाट संस्था के पूर्व प्रधान नरेश काला बोहर, सरपंचगण ब्लॉक समिति सदस्य आदि सहित विभिन्न राजनीतिक दलों, सामाजिक संगठनों, खाप पंचायतों, शिक्षण संस्थानों तथा जनप्रतिनिधियों ने मुक्त राम भवन पहुंचकर दिवंगत आत्मा को श्रद्धांजलि अर्पित की। उपस्थित महानुभावों ने कहा कि बसंती देवी का निधन समाज के लिए अपूरणीय क्षति है। उनके द्वारा स्थापित आदर्श और जीवन मूल्य आने वाली पीढ़ियों को सदैव प्रेरित करते रहेंगे।
संवेदना प्रकट करने पहुंचे लोगों ने कहा कि किसी भी व्यक्ति की सबसे बड़ी पूंजी उसके संस्कार होते हैं और बसंती देवी ने अपने जीवन से यह सिद्ध किया कि सच्ची महानता पद, प्रतिष्ठा या संपत्ति में नहीं, बल्कि सेवा, प्रेम और मानवीय मूल्यों में निहित होती है। बसंती देवी भले ही आज हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उनके आदर्श, संस्कार और समाजसेवा की अमिट छाप सदैव लोगों के हृदय में जीवित रहेगी।
परिवार के सदस्यों ने सभी शुभचिंतकों, सामाजिक संगठनों और गणमान्य व्यक्तियों का आभार व्यक्त करते हुए बताया कि दिवंगत मातृशक्ति बसंती देवी की रस्म क्रिया एवं महाभोज 10 जून 2026 को रिसालदार मुक्त राम भवन, माजरा में आयोजित किया औजाएगा।

टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें