- प्रदेश के गृह विभाग द्वारा लाइसेंसी हथियारों के प्रयोग की निगरानी प्रणाली को सुदृढ़ करने का लिया गया निर्णय
Indiknow, रोहतक : जिलाधीश सचिन गुप्ता ने प्रदेश के गृह विभाग द्वारा लाइसेंसी हथियारों के प्रयोग की निगरानी प्रणाली को सुदृढ़ करने बारे जारी की गई हिदायतों के संदर्भ में पुलिस अधीक्षक को अनाधिकृत हथियारों एवं लाईसेंसी हथियारों के अनाधिकृत प्रयोग पर अंकुश लगाने बारे कहा है।
सचिन गुप्ता ने कहा है कि सरकार द्वारा जारी हिदायतों के अनुसार प्रत्येक शस्त्र लाइसेंस धारक को अपने लाइसेंस प्राप्त हथियार के प्रत्येक उपयोग की सूचना संबंधित लाइसेंसिंग प्राधिकारी को उपयोग की तिथि से 30 दिनों के भीतर देना अनिवार्य होगा। प्रस्तुत की जाने वाली सूचना में हथियार के उपयोग की तिथि, स्थान, उपयोग का उद्देश्य तथा प्रयुक्त कारतूसों की संख्या एवं प्रकार का पूरा विवरण देना होगा। साथ ही उपयोग किए गए खाली कारतूस भी जमा करवाने होंगे। यदि किसी कारणवश खाली कारतूस उपलब्ध नहीं हैं तो लाइसेंस धारक को इसके संबंध में संतोषजनक कारण प्रस्तुत करने होंगे।
जिलाधीश सचिन गुप्ता ने कहा है कि लाइसेंसिंग प्राधिकारी ऐसे सभी मामलों का समुचित रिकॉर्ड रखेंगे। यदि कोई लाइसेंस धारक निर्धारित जानकारी उपलब्ध नहीं कराता है अथवा उसके द्वारा दिया गया स्पष्टीकरण संतोषजनक नहीं पाया जाता है तो इस तथ्य को प्रतिकूल रूप से दर्ज किया जाएगा तथा शस्त्र लाइसेंस के नवीनीकरण के समय इस पर विचार किया जाएगा।
सचिन गुप्ता ने कहा है कि जिला के सभी शस्त्र लाइसेंस धारक निर्धारित नियमों एवं दिशा-निर्देशों का पूर्णत: पालन करें तथा हथियारों के उपयोग संबंधी जानकारी समय पर संबंधित प्राधिकारी को उपलब्ध करवाना सुनिश्चित करें। नियमों की पालना से न केवल प्रशासनिक पारदर्शिता सुनिश्चित होगी, बल्कि कानून-व्यवस्था को मजबूत बनाने में भी सहायता मिलेगी। इन हिदायतों बारे सभी लाइसेंस धारकों को जागरूक किया जाये ताकि वे इनकी शत-प्रतिशत अनुपालना कर सके।

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