Indiknow, रोहतक : अखिल भारतीय किसान सभा (एआईकेएस) की हरियाणा राज्य कमेटी की मीटिंग प्रभात भवन में प्रधान बलबीर सिंह की अध्यक्षता में हुई । मीटिंग में कपास उत्पादक जिलों में कपास की खेती के क्षेत्रफल में आई भारी गिरावट पर गंभीर चिंता व्यक्त की है। और केंद्र सरकार द्वार किए जा रहे खेती में मुक्त व्यापार समझौतों और अन्य समस्याओं को लेकर आगामी आंदोलन की योजना बनाई।
प्रेस बयान जारी करते हुए किसान सभा राज्य महासचिव सुमित दलाल ने कहा कि आज यहां आयोजित राज्य कमेटी की बैठक में कपास उत्पादक जिलों जिसमें सिरसा, फतेहाबाद, हिसार, भिवानी, रेवाड़ी और महेंद्रगढ़ में कपास के घटते रकबे की चिंताजनक स्थिति के लिए सरकार की नीतियों को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि इसके देश और कपास की खेती पर निर्भर लाखों किसानों पर दूरगामी और गंभीर प्रभाव पड़ेंगे। इसे लेकर जून 15 के आस पास राज्य स्तरीय कपास किसानों की कन्वेंशन करेगी ।
राज्य बैठक ने केंद्र सरकार द्वारा एक बार फिर कपास पर लगने वाले 11 प्रतिशत आयात शुल्क को समाप्त किए जाने की कड़ी आलोचना की। कमेटी का मानना है कि यह फैसला पहले से ही संकट झेल रहे कपास उत्पादक किसानों की समस्याओं को और बढ़ाएगा। बैठक में किसान सभा ने अमेरिका के साथ किए जा रहे मुक्त व्यापार समझौतों का विरोध किया गया है। राज्य कमेटी ने भिवानी और चरखी दादरी के किसानों को उनकी दस महीने लंबी संघर्षपूर्ण लड़ाई में मिली सफलता के लिए बधाई दी। किसानों ने खरीफ 2023 की फसल खराबे के बीमा दावे, जिन्हें क्षेमा इंश्योरेंस कंपनी द्वारा अनुचित रूप से अस्वीकार कर दिया गया था, प्राप्त करने के लिए लंबा संघर्ष किया और अंततः जीत हासिल की।
किसान सभा ने हरियाणा सरकार द्वारा लगाए जा रहे स्मार्ट बिजली मीटरों तथा अलग हरियाणा कृषि डिस्कॉम (एग्री डिस्कॉम) बनाने की योजना का भी विरोध करने का निर्णय लिया। कमेटी का मानना है कि यह कदम बिजली क्षेत्र के निजीकरण का रास्ता तैयार करेगा। इस मुद्दे पर आने वाले महीनों में अन्य बिजली उपभोक्ताओं और बिजली कर्मचारियों के साथ मिलकर संयुक्त आंदोलन चलाने का फैसला किया गया।
बैठक ने डीजल, पेट्रोल और रसोई गैस (एलपीजी) की कीमतों में हुई भारी बढ़ोतरी की भी निंदा की और इसे मोदी सरकार की विदेश नीति की विफलता का परिणाम बताया। कमेटी ने कहा कि सरकार की नीतिगत असफलताओं का बोझ आम जनता को उठाना पड़ रहा है। राज्य कमेटी ने बुवाई के महत्वपूर्ण समय पर खाद की कमी पर भी गहरी चिंता व्यक्त की और किसानों को पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध कराने के लिए तत्काल प्रभावी कदम उठाने की मांग की।
किसान सभा ने कहा कि 17 जून को दिल्ली में संयुक्त किसान मोर्चा की राष्ट्रीय बैठक होगी जिसमें आगामी आंदोलन की योजना बनाई जाएगी । बैठक को अखिल भारतीय किसान सभा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष इंद्रजीत सिंह ने संबोधित किया। इस मौके पर राजेंद्र बाटू,विष्णु,सतबीर,रामफल, जगरोषण ,महिपाल, शरबत, चांद,कपूर ,रणधीर,प्रीत सिंह,बलवान सिंह ,शामिल रहें ।

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