Indiknow डेस्क : 1980 के मॉस्को ओलंपिक में भारतीय पुरुष हॉकी टीम की स्वर्ण पदक जीत देश के खेल इतिहास के सबसे यादगार पन्नों में से एक है। 29 जुलाई 1980 को खेले गए फाइनल मुकाबले में भारत ने स्पेन को 4-3 से हराकर इतिहास रचा था। यह ओलंपिक इतिहास में भारतीय हॉकी टीम का आठवां और आखिरी स्वर्ण पदक था।इस ऐतिहासिक जीत से जुड़ी मुख्य बातें निम्नलिखित हैं:कप्तान: इस विजेता टीम का नेतृत्व तमिलनाडु के वासुदेवन भास्करन ने किया था।
फाइनल मैच का रोमांच:
मैच में भारत ने शुरुआती बढ़त बना ली थी। भारत की ओर से सुरिंदर सिंह सोढी ने दो गोल दागे, जबकि मोहम्मद शाहिद और महाराज कृष्ण कौशिक (एम.के. कौशिक) ने 1-1 गोल किया। आखिरी क्षणों में स्पेन के कप्तान जुआन अमत ने हैट्रिक लगाकर भारत को कड़ी टक्कर दी, लेकिन भारतीय टीम बढ़त बनाए रखने में सफल रही।सफर: लीग चरण में भारत ने तंजानिया को 18-0 और क्यूबा को 13-0 से करारी शिकस्त दी थी। पोलैंड और स्पेन के खिलाफ मुकाबले ड्रॉ रहे थे।
यह स्वर्ण पदक भारत ने पूरे 16 साल के सूखे के बाद जीता था, इससे पहले भारत ने आखिरी बार 1964 के टोक्यो ओलंपिक में स्वर्ण पदक जीता था।

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