Indiknow, रोहतक : अंतर्राष्ट्रीय स्वयंसेवी संस्था आर्ट ऑफ लिविंग की रोहतक इकाई ने स्थानीय स्कॉलर्स रोजरी स्कूल में गुरु पूर्णिमा उत्सव का आयोजन किया। कार्यक्रम का शुभारंभ पारंपरिक ‘गुरु-परंपरा पूजन’ के साथ हुआ जिसे आर्ट ऑफ लिविंग रोहतक के गुरु-पूजा शिक्षकों डा.अपर्णा बत्रा, रवि कक्कड़, सीमा, सुगंधा, प्रियंका, गरिमाश्री ने विधि-विधान पूर्वक संपन्न कराया। तत्पश्चात सुंदर भाव-सत्संग ने सभी श्रोताओं को भक्तिरस में लीन कर दिया। डॉ. रश्मि बजाज, प्रियंका जानागल, सीमा आर्य ने गुरू-वंदन, देव-पूजन एवं प्रभुभक्ति के गीतों की भावमय प्रस्तुति द्वारा एक मनमोहक समा बांध दिया जहां उपस्थित श्रद्धालुजन कभी ध्यानमग्न हुए तो कभी झूम कर नाच उठे।
आर्ट ऑफ लिविंग की वरिष्ठ प्रशिक्षिका डॉ. अपर्णा बत्रा ने इस अवसर पर संस्था संस्थापक पद्मविभूषण सम्मानप्राप्त आध्यात्मिक गुरु श्री श्री रविशंकर जी का समाज के नाम संदेश साझा करते हुए यह बताया कि समाज विशेषकर युवाओं में बढ़ती हताशा एवं हिंसा के चलते उन्हें अध्यात्म एवं सुसंस्कारों से जोड़ने की महती आवश्यकता है जिस उत्तरदायित्व को निभाने का प्रयास आर्ट ऑफ लिविंग संस्था भी निरंतर अपने कार्यक्रमों द्वारा कर रही है। इस अवसर पर आर्ट ऑफ लिविंग रोहतक के नए प्रशिक्षकों रोशनी राजपूत एवं यश वर्मा का भी स्वागत एवं अभिनंदन किया गया। प्रसाद- भोजन के साथ आयोजन संपन्न हुआ। कार्यक्रम को सफल बनाने में राजू रंजन, पीयूष, मीनाक्षी, सरिता कक्कड़, उषा छिल्लर, मोहित एवं वरुण की सक्रिय भूमिका रही। गुरु पूर्णिमा उत्सव में संस्था के पदाधिकारीगण, संस्थासदस्यों, श्रद्धालुजन के अतिरिक्त रोहतक शहर के विभिन्न व्यवसायों एवं आयु वर्गों के नागरिक भी उत्साहपूर्वक सम्मिलित हुए।



टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें