- 01 अगस्त से 30 सितम्बर तक मध्यस्थता योग्य मामलों की होगी पहचान
- 01 अक्टूबर से शुरू होगा विशेष अभियान
Indiknow, रोहतक । जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव एवं मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी डॉ. तरन्नुम खान ने बताया कि माननीय राष्ट्रीय विधिक सेवाएं प्राधिकरण (नालसा), नई दिल्ली तथा मध्यस्थता एवं सुलह परियोजना समिति (एमसीपीसी), माननीय सर्वोच्च न्यायालय के मार्गदर्शन में देशव्यापी विशेष अभियान मेडिएशन फॉर द नेशन 3.0 आयोजित किया जा रहा है। इस अभियान का उद्देश्य न्यायालयों में लंबित ऐसे मामलों का सौहार्दपूर्ण, त्वरित एवं कम खर्चीले तरीके से समाधान सुनिश्चित करना है, जिनमें आपसी समझौते की संभावना मौजूद है।
डॉ. तरन्नुम खान ने बताया कि अभियान के अंतर्गत 30 सितंबर 2026 तक मध्यस्थता (मेडिएशन) के माध्यम से सुलझाए जा सकने वाले मामलों की पहचान की जाएगी। इसके उपरांत 01 अक्टूबर 2026 से मेडिएशन फॉर द नेशन 3.0 अभियान का विधिवत शुभारंभ किया जाएगा। उन्होंने बताया कि इस अभियान के तहत वैवाहिक विवाद, मोटर दुर्घटना दावा मामले, घरेलू हिंसा से संबंधित मामले, चेक बाउंस (धारा 138 एन.आई. एक्ट) के मामले, वाणिज्यिक एवं व्यापारिक विवाद, सेवा संबंधी मामले, समझौता योग्य आपराधिक मामले, उपभोक्ता विवाद, विभागीय वसूली संबंधी मामले, संपत्ति विभाजन, बेदखली एवं किरायेदारी विवाद, भूमि अधिग्रहण से जुड़े मामले तथा ऐसे अन्य सिविल विवाद, जिनमें समझौते की संभावना हो, मध्यस्थता के लिए चिन्हित किए जा रहे हैं।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव डॉ. तरन्नुम खान ने बताया कि मध्यस्थता एक प्रभावी वैकल्पिक विवाद निस्तारण प्रक्रिया है, जिसमें दोनों पक्ष निष्कर्ष मध्यस्थ की सहायता से आपसी सहमति के आधार पर विवाद का समाधान करते हैं। इस प्रक्रिया से समय, धन एवं अनावश्यक मानसिक तनाव की बचत होती है। साथ ही पक्षकारों के आपसी संबंध भी सुरक्षित बने रहते हैं। मध्यस्थता की पूरी प्रक्रिया गोपनीय होती है तथा इसमें पक्षकार अपनी सुविधा एवं सहमति के अनुसार समाधान तक पहुंचते हैं।
डॉ. तरन्नुम खान ने जिला के सभी नागरिकों, अधिवक्ताओं, सरकारी विभागों, संस्थानों तथा न्यायालयों में लंबित मामलों के पक्षकारों का आह्वान किया है कि वे इस विशेष अभियान का अधिकतम लाभ उठाएं और अपने विवादों के शांतिपूर्ण एवं स्थायी समाधान के लिए मध्यस्थता को प्राथमिकता दें। जिन व्यक्तियों के मामले न्यायालयों में लंबित हैं अथवा जो न्यायालय में वाद दायर करने से पूर्व अपने विवाद का समाधान चाहते हैं, वे जिला न्यायालय परिसर स्थित जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण, रोहतक से संपर्क कर सकते हैं।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव डॉ. तरन्नुम खान ने बताया कि अभियान के दौरान मध्यस्थता योग्य मामलों की सूची न्यायालयों के नोटिस बोर्ड, बार एसोसिएशन तथा संबंधित आधिकारिक वेबसाइटों पर भी प्रदर्शित की जाएगी, ताकि अधिक से अधिक लोगों तक इस राष्ट्रीय पहल की जानकारी पहुंच सके। उन्होंने सभी नागरिकों से आह्वान किया कि वे मेडिएशन फॉर द नेशन 3.0 अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाकर विवादों के सौहार्दपूर्ण एवं स्थायी समाधान की दिशा में आगे आएं तथा इस महत्वपूर्ण राष्ट्रीय अभियान को सफल बनाने में अपना योगदान दें।

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