Indiknow, रोहतक। समाज सेवा के प्रति समर्पण और मानवता की भावना का एक अनोखा उदाहरण पेश करते हुए, पूर्व सरपंच कॉमरेड स्व. भरत सिंह खटकड़ (80 वर्ष) के परिजनों ने मरणोपरांत उनके पार्थिव शरीर को मेडिकल रिसर्च के लिए एनाटॉमी विभाग में दान करके एक ऐतिहासिक निर्णय लिया। उनका निधन 5 मार्च 2026 को हुआ था। कॉमरेड स्व भरत सिंह खटकड़ के पुत्र राकेश खटकड़ ने बताया कि उनके पिता अखिल भारतीय किसान सभा के नेता और मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के सदस्य रहे थे। उन्होंने हमेशा किसानों और मजदूरों के हितों के लिए संघर्ष किया और छात्र जीवन में भी छात्रों की मांगों के लिए आंदोलनों में बढ़-चढ़कर भाग लिया था। पिता ने मरणोपरांत अपने शरीर को मेडिकल रिसर्च के लिए दान करने की इच्छा जताई थी, जिसे परिजनों ने पूरा किया। उन्होंने बताया कि उनके पिता ने पीजीआईएमएस के स्टेट ऑर्गन एंड टिशु ट्रांसप्लांट ऑर्गेनाइजेशन हरियाणा द्वारा प्रदेश के लोगों को अंगदान के प्रति चलाई जा रही जागरूकता मुहिम काफी पसंद थी और वह अन्य लोगों को भी अंगदान और देहदान के लिए प्रेरित करते थे। बॉडी डोनेशन इंचार्ज डॉ कमल सिंह ने बताया...